अनन्या पांडे बोलीं—‘अभी तो बस शुरुआत है, मैं अपने टैलेंट का सिर्फ सिरा ही छू पाई हूं’
मुंबई:
बॉलीवुड अभिनेत्री Ananya Panday भले ही बड़े पर्दे पर अब एक जाना-पहचाना चेहरा बन चुकी हों, लेकिन उनका मानना है कि उनका असली सफर अभी शुरू ही हुआ है। अपनी आने वाली फिल्म Tu Meri Main Tera, Main Tera Tu Meri को लेकर मिल रही सकारात्मक प्रतिक्रिया के बीच अनन्या का कहना है कि आने वाले कुछ साल उनके करियर को नई दिशा देने वाले साबित होंगे।
फिल्म के ट्रेलर और संगीत को मिल रही सराहना के बाद अनन्या एक बार फिर चर्चा में हैं। दर्शकों और फिल्म इंडस्ट्री के जानकारों ने उनकी स्क्रीन प्रेज़ेंस में आए आत्मविश्वास और परिपक्वता के बदलाव को साफ महसूस किया है—और अनन्या खुद भी इस बदलाव को स्वीकार करती हैं।
“मैंने अभी सिर्फ हिमखंड का सिरा छुआ है”
अपने भविष्य को लेकर खुलकर बात करते हुए अनन्या ने कहा कि डेब्यू के बाद से सफलता को देखने का उनका नजरिया काफी बदल गया है। उनके मुताबिक, आगे का रास्ता संभावनाओं से भरा हुआ है और वह अभी अपने हुनर की गहराई को पूरी तरह समझ ही रही हैं।
अनन्या का मानना है कि भले ही हालिया फिल्मों में दर्शकों को उनके अभिनय के नए रंग दिख रहे हों, लेकिन वह खुद महसूस करती हैं कि अभी बहुत कुछ करना और दिखाना बाकी है।
सीखने और प्रयोग करने की भूख
अनन्या के लिए आज का दौर खास है, क्योंकि ओटीटी प्लेटफॉर्म्स और बदलती सिनेमाई सोच ने कलाकारों के लिए नए अवसर खोल दिए हैं। उन्होंने कहा कि आज एक अभिनेता के तौर पर अलग-अलग कहानियों और फॉर्मैट्स में काम करने का मौका मिल रहा है।
उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि अब तक कई शैलियां उनके लिए अनछुई हैं—जैसे बायोपिक, एक्शन, स्पोर्ट्स ड्रामा और हॉरर। वहीं, रोमांस को भी वह अलग-अलग भावनात्मक स्तरों पर फिर से एक्सप्लोर करना चाहती हैं, चाहे वह हल्की-फुल्की रोमांटिक कॉमेडी हो या गहरी और गंभीर प्रेम कहानी।
सफलता की परिभाषा बदली
अनन्या ने कहा कि एक समय सफलता का मतलब था ज्यादा दिखना—पोस्टर्स पर होना, बड़ी चर्चाओं का हिस्सा बनना और बॉक्स ऑफिस पर पहचान बनाना। हालांकि, अब उनके लिए सफलता की परिभाषा बदल चुकी है।
आज वह खुद को एक बेहतर कलाकार बनाना चाहती हैं। उनके लिए असली सफलता अपने अभिनय को निखारना, ईमानदारी से काम करना और हर प्रोजेक्ट से कुछ नया सीखना है—चाहे वह सीख छोटी ही क्यों न हो।
आगे भी बनाए रखना चाहती हैं ‘क्रिएटिव भूख’
अनन्या को उम्मीद है कि दो-तीन साल बाद भी उनके अंदर वही रचनात्मक बेचैनी और सीखने की ललक बनी रहेगी। वह खुद को आराम के दायरे में सीमित नहीं करना चाहतीं, बल्कि लगातार खुद को चुनौती देती रहना चाहती हैं।
आने वाली फिल्मों और अब तक अनछुए जॉनर को देखते हुए साफ है कि अनन्या पांडे खुद को बार-बार नए रूप में पेश करने के लिए तैयार हैं। अगर मौजूदा रफ्तार यही रही, तो आने वाले वर्षों में दर्शकों को उनके टैलेंट के कई नए पहलू देखने को मिल सकते हैं।



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