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रोटरी का मधुमेह निदान अभियान: सात महीनों में एक लाख जांच पूरी, स्वास्थ्य जागरूकता को मिला बढ़ावा

रोटरी का मधुमेह निदान अभियान: सात महीनों में एक लाख जांच पूरी, स्वास्थ्य जागरूकता को मिला बढ़ावा

जालना, 15 अप्रैल 2025: रोटरी प्रांत 3132 ने मधुमेह निदान के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। प्रांतपाल डॉ. सुरेश साबू की अवधारणा और रोटरी इंटरनेशनल के डायबिटीज डायरेक्टर डॉ. राजेश सेठिया के मार्गदर्शन में शुरू किया गया “अबकी बार, एक लाख पार” अभियान ने मात्र सात महीनों में एक लाख मधुमेह जांच पूरी कर ली हैं। इस अभियान ने न केवल समय पर निदान के माध्यम से हजारों लोगों को उपचार का अवसर प्रदान किया, बल्कि समाज में स्वास्थ्य जागरूकता को भी बढ़ावा दिया।

अभियान की उपलब्धियां

1 जुलाई 2024 को शुरू हुए इस मुफ्त मधुमेह निदान अभियान में जालना सहित 11 जिलों के 98 रोटरी क्लबों ने सक्रिय भागीदारी निभाई। जांच में शामिल लोगों में से 15% को मधुमेह और 16% को प्री-डायबिटीज का निदान हुआ। डॉ. साबू ने बताया कि समय पर निदान से कई मरीजों को उचित उपचार मिला, जो उनकी सेहत के लिए महत्वपूर्ण साबित हुआ। उन्होंने कहा, “30 जून से पहले ही लक्ष्य हासिल कर लिया गया, लेकिन हमारा अभियान यहीं नहीं रुकेगा। अभी भी कई लोग अनजान हैं, और हमारी जिम्मेदारी है कि हम उन तक पहुंचें।”

पन्नालाल बगड़िया का योगदान

इस अभियान को गति देने में सौ. जमुनाबाई शिवरतनजी बगड़िया चैरिटेबल ट्रस्ट के अध्यक्ष पन्नालाल बगड़िया का योगदान उल्लेखनीय रहा। उन्होंने अब तक 30 हजार मधुमेह जांच किट्स उपलब्ध कराए हैं। बगड़िया ने कहा, “मेरे परिवार को मधुमेह का सामना करना पड़ा, लेकिन हम आर्थिक रूप से सक्षम थे। मैं नहीं चाहता कि आम लोग इस बीमारी के कारण कष्ट झेलें। इसलिए मैंने इस अभियान में योगदान दिया, और यह समर्थन आगे भी जारी रहेगा।”

जालना का गौरव

जालना रोटरी के 64 वर्षों के इतिहास में पहली बार डॉ. सुरेश साबू के रूप में प्रांतपाल पद का सम्मान प्राप्त हुआ। उनकी प्रेरणा से शुरू हुए इस अभियान ने पांच महीने पहले ही अपना लक्ष्य हासिल कर लिया। पत्रकार परिषद में डॉ. सेठिया ने बताया कि लातूर में सभी क्लबों की बैठक के बाद जालना से इसकी शुरुआत हुई। मंदिर, मस्जिद, गुरुद्वारा, रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और त्योहारों जैसे भीड़-भाड़ वाले स्थानों पर जांच शिविर आयोजित किए गए। उन्होंने कहा, “हमने लोगों तक स्वयं पहुंचकर केवल पांच सेकंड में जांच की सुविधा दी, जिससे जागरूकता और निदान दोनों बढ़े।”

रोटरी की व्यापक सेवा

डॉ. साबू ने बताया कि प्रांत में अब तक 13,452 सेवा प्रकल्प लागू किए गए हैं, जिनमें जल संरक्षण, स्वच्छता, पर्यावरण, रोग निदान, और महिला-बाल स्वास्थ्य शामिल हैं। इनके लिए 11 करोड़ 2 लाख रुपये से अधिक खर्च किए गए, और रोटरी सदस्यों ने 10 लाख 48 हजार घंटे सेवा में समर्पित किए।

भारत में मधुमेह की चुनौती

भारत में 7.7 करोड़ मधुमेह मरीज और 10.43 करोड़ प्री-डायबिटिक लोग हैं। हर साल 7 लाख लोग इस बीमारी से जान गंवाते हैं। मध्यमवर्गीय परिवार अपनी आय का 25% इस रोग पर खर्च करते हैं। डॉ. सेठिया ने जोर देकर कहा कि समय पर निदान, नियमित व्यायाम, और स्वस्थ जीवनशैली मधुमेह को नियंत्रित करने में कारगर हैं। उन्होंने बताया कि जालना जिले में 30 हजार जांचें हो चुकी हैं, और अगले तीन महीनों में 10 हजार और जांचें होंगी। रुबी हॉस्पिटल में प्रतिदिन 30 लोगों की जांच जारी है।

आगे की दिशा

यह अभियान एक लाख जांचों के बाद भी जारी रहेगा। अगले सप्ताह अहमदनगर के शेवगांव में 350 साल पुरानी मस्जिद में जांच शिविर आयोजित होगा। अभियान में डॉ. लीना पवार, सौ. सरला सेठिया, संतोष तिवारी, डॉ. नितिन खंडेलवाल, और रुबी हॉस्पिटल के स्टाफ का समर्पित योगदान रहा।

पत्रकार परिषद में उपस्थिति

होटल मधुबन में आयोजित पत्रकार परिषद में सहायक प्रांतपाल किशोर देशपांडे, अरुण अग्रवाल, डॉ. दीपक बगड़िया, राजेंद्र अग्रवाल, केतनभाई शाह, गोपाल मुंदड़ा, डॉ. सुमित्रा गड़िया, और अन्य रोटरी सदस्य उपस्थित थे। इस अवसर पर पत्रकारों और रोटरी परिवार के लिए मधुमेह जांच शिविर भी आयोजित किया गया।

निष्कर्ष

“अबकी बार, एक लाख पार” अभियान ने न केवल मधुमेह निदान के क्षेत्र में एक मील का पत्थर स्थापित किया, बल्कि सामाजिक जागरूकता और स्वास्थ्य सेवा के प्रति रोटरी की प्रतिबद्धता को भी रेखांकित किया। यह प्रयास भविष्य में भी समाज के लिए प्रेरणा बनेगा।


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Imran Siddiqui

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