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“ट्रंप के टैरिफ का भारत पर असर: निर्यात में गिरावट, ऊर्जा लागत में उछाल”

ट्रंप टैरिफ का भारत पर असर

ट्रंप के टैरिफ का झटका: भारत को 30% तक निर्यात घाटे की आशंका, ऊर्जा बिल भी बढ़ेगा

🗓️ 3 अगस्त 2025 | नई दिल्ली

अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा घोषित 25% टैरिफ नीति का असर अब भारत पर सीधा दिखने लगा है। नए शुल्कों के तहत भारत से अमेरिका को होने वाला निर्यात लगभग 30% तक घट सकता है, जबकि ऊर्जा आयात पर भी बड़ा असर पड़ने की संभावना जताई जा रही है।

📉 निर्यात पर सीधा प्रभाव

ग्लोबल ट्रेड रिसर्च इनिशिएटिव (GTRI) के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2026 में भारत का अमेरिका को वस्तु निर्यात .5 अरब से घटकर .6 अरब तक सिमट सकता है। इससे कपड़ा, रत्न-आभूषण, ऑटोमोबाइल, टेलीकॉम उपकरण जैसे प्रमुख क्षेत्रों को जबरदस्त नुकसान हो सकता है।

🍚 बासमती चावल पर खतरा

भारत का प्रमुख निर्यात उत्पाद बासमती चावल अब अमेरिकी बाजार में प्रतिस्पर्धा में पिछड़ सकता है। कारण यह है कि पाकिस्तान से आयातित चावल पर अमेरिका केवल 19% टैरिफ लेता है जबकि भारत से आने वाले चावल पर अब 25% शुल्क लागू होगा।

⚙️ कुछ क्षेत्रों को छूट भी

हालांकि फार्मास्युटिकल्स, आईटी हार्डवेयर, एनर्जी उत्पाद, और सेमीकंडक्टर्स जैसे कुछ रणनीतिक क्षेत्रों को फिलहाल इस टैरिफ से राहत दी गई है। Apple जैसी कंपनियों के भारत से अमेरिका को किए जाने वाले निर्यात पर फिलहाल असर सीमित है।

🛢️ ऊर्जा लागत में भारी उछाल

भारत द्वारा रूसी कच्चे तेल पर निर्भरता के कारण अमेरिका ने अतिरिक्त “penalty” लागू कर दी है। इससे भारत को $9–11 अरब तक का अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ सकता है। इसके चलते महंगाई और व्यापार घाटा दोनों में बढ़ोतरी की आशंका है।

📊 GDP पर सीमित असर, घरेलू मांग बनी ताकत

भारत की अर्थव्यवस्था का आधार घरेलू उपभोग है, जिससे यह संकट अपेक्षाकृत कम असर डालेगा। विश्लेषकों के अनुसार, देश की GDP पर केवल 0.2%–0.3% की गिरावट संभावित है।

🤝 व्यापार वार्ता ठप, सरकार दबाव में

भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते पर वार्ता ठप हो गई है। अमेरिका चाहता है कि भारत कृषि और डेयरी जैसे संवेदनशील क्षेत्रों को खोले, लेकिन भारत ने किसानों और MSMEs के हितों को प्राथमिकता देते हुए इस पर सहमति नहीं दी है।

📢 निर्यातकों की मांग: सरकारी सहायता जल्द मिले

टैरिफ के असर से परेशान निर्यातकों ने सरकार से सब्सिडी, टैक्स छूट और कूटनीतिक हस्तक्षेप की मांग की है ताकि वैश्विक प्रतिस्पर्धा में बने रहने में सहायता मिल सके।

🔍 निष्कर्ष:

ट्रंप की नई टैरिफ नीति ने भारत के लिए आर्थिक चुनौती जरूर खड़ी की है, खासकर निर्यात और ऊर्जा लागत के मोर्चे पर। लेकिन मजबूत घरेलू मांग और रणनीतिक जवाबी कदमों से भारत इस झटके को काफी हद तक संभाल सकता है। अब निगाहें भारत-अमेरिका के बीच भविष्य की व्यापार वार्ताओं पर टिकी हैं।


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