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भारत रत्न के लिए शेख़ अबूबक्र मुसलियार का नाम प्रस्तावित: रज़ा अकैडमी ने पीएम मोदी को भेजा पत्र

भारत रत्न के लिए शेख़ अबूबक्र मुसलियार का नाम प्रस्तावित

भारत रत्न के लिए मांग तेज़ — शांति और सेवा के प्रतीक शेख़ अबूबक्र मुसलियार के सम्मान में रज़ा अकैडमी का प्रधानमंत्री को पत्र

नई दिल्ली/मुंबई, 22 जुलाई 2025: भारत के प्रमुख इस्लामी शिक्षाविद, आध्यात्मिक मार्गदर्शक और समाजसेवी हज़रत शेख़ अबूबक्र अहमद मुसलियार को भारत रत्न से सम्मानित करने की मांग ज़ोर पकड़ने लगी है। मुंबई स्थित रज़ा अकैडमी ने इस संबंध में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी को एक औपचारिक पत्र भेजते हुए, उन्हें भारत के सर्वोच्च नागरिक सम्मान से नवाज़े जाने का निवेदन किया है।

यह मांग उस समय उठी है जब हाल ही में यमन में भारतीय नर्स नमीषा प्रिया को मौत की सजा सुनाए जाने के मामले में शेख़ अबूबक्र मुसलियार ने हस्तक्षेप कर उनकी फांसी को टालने में अहम भूमिका निभाई।

कौन हैं शेख़ अबूबक्र मुसलियार?

शेख़ अबूबक्र अहमद मुसलियार, जिन्हें लोकप्रिय रूप से “कणथापुरम ए.पी. अबूबक्र मुसलियार” के नाम से जाना जाता है, दक्षिण भारत के केरल राज्य से ताल्लुक रखते हैं। वे ऑल इंडिया सुन्नी जमीयतुल उलेमा के संस्थापक और जमीयतुल हिंद अल इस्लामिया जैसे कई शैक्षणिक संस्थानों के अध्यक्ष हैं।

उनकी पहचान एक संतुलित इस्लामी विचारधारा के समर्थक, धार्मिक सहिष्णुता और राष्ट्रीय एकता के समर्थक के रूप में होती है। वे आतंकवाद और उग्रवाद के खिलाफ हमेशा मुखर रहे हैं। उन्होंने हजारों छात्रों को आधुनिक एवं धार्मिक शिक्षा दी और कई बार संयुक्त राष्ट्र जैसे अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत का प्रतिनिधित्व किया।

नमीषा प्रिया प्रकरण में हस्तक्षेप

16 जुलाई 2025 को यमन की अदालत ने भारतीय नर्स नमीषा प्रिया को हत्या के आरोप में फांसी की सज़ा सुनाई। यह घटना भारतवासियों के लिए चिंता का विषय बन गई। ऐसे समय में शेख़ अबूबक्र साहब ने अपनी प्रतिष्ठा और प्रभाव का उपयोग करते हुए यमन सरकार से संपर्क साधा और मानवीय आधार पर नमीषा की फांसी को स्थगित करवा दिया।

यह कदम न केवल मानवीय संवेदना की मिसाल बना, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की छवि को भी मजबूती मिली।

रज़ा अकैडमी की अपील

रज़ा अकैडमी के अध्यक्ष अल्हाज मोहम्मद सईद नूरी ने प्रधानमंत्री को लिखे पत्र में कहा:

“94 वर्ष की आयु में भी शेख़ अबूबक्र साहब शिक्षा, सेवा और अध्यात्म के क्षेत्र में निःस्वार्थ योगदान दे रहे हैं। उनका जीवन कार्य केवल इस्लाम तक सीमित नहीं, बल्कि मानवता की सेवा का प्रतीक है। उन्हें ‘भारत रत्न’ सम्मान से सम्मानित करना देश के लिए गौरव की बात होगी।”

पत्र में यह भी उल्लेख किया गया कि ऐसे व्यक्तित्व को सम्मानित कर भारत दुनिया को यह संदेश देगा कि यह राष्ट्र अपने सच्चे सेवकों को भूले बिना उचित सम्मान देता है।

निष्कर्ष

शेख़ अबूबक्र मुसलियार न केवल एक इस्लामी धर्मगुरु हैं, बल्कि भारत की समावेशी संस्कृति, शिक्षा और सेवा के प्रतीक हैं। उन्हें “भारत रत्न” से सम्मानित करना केवल एक व्यक्ति को नहीं, बल्कि मानवता और सेवा के मूल्यों को सम्मानित करना होगा।

स्रोत: रज़ा अकैडमी द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेजा गया निवेदन पत्र
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Rashmi Bagdi
Rashmi Bagdi is a journalist and digital content creator associated with NewsNation Online. She specializes in reporting on local news, civic issues, education, government updates, and viral stories with a reader-focused approach.

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