“Dog bite incident every 90 minutes in Jalna, budget of Rs 15 lakh, but sterilization work in limbo”
जालना : जालना जिले में 1 अप्रैल से 31 दिसंबर 2024 के बीच कुत्तों के काटने के 11,625 मामले दर्ज किए गए हैं, जिनमें से 4,000 मामले अकेले जालना शहर में हुए हैं. आंकड़ों के अनुसार, शहर में हर 90 मिनट में एक व्यक्ति को कुत्ते के काटने की घटना होती है, जबकि जिलेभर में यह औसतन हर 2 घंटे में घटित हो रही है. हाल ही में जमुनानगर में एक पागल कुत्ते द्वारा मां-बेटी पर किए गए हमले के बाद यह मुद्दा फिर से चर्चा में आ गया है.
स्थानीय नागरिकों द्वारा आवारा कुत्तों पर तत्काल नियंत्रण की मांग की जा रही है, लेकिन जालना नगर निगम ने इस समस्या के समाधान के लिए 15 लाख रुपये का बजट आवंटित कर परभणी के ठेकेदार को नसबंदी कार्य सौंपकर अपनी जिम्मेदारी पूरी कर दी है. हालांकि, नियमों की उलझनों के कारण यह अभियान 6 महीने से ठप पड़ा है, जिससे आवारा कुत्तों का आतंक बढ़ गया है और नागरिकों को अपनी सुरक्षा खुद करनी पड़ रही है.
मांस बिक्री पर नियंत्रण की जरूरत: घुगे
पूर्व नगरसेवक शशिकांत घुगे ने मांग की है कि अंबड रोड और सरकारी अस्पताल रोड पर खुले में की जा रही मांस बिक्री को बंद किया जाए. मांस के टुकड़े सार्वजनिक स्थलों और खुले मैदानों में फेंके जाने के कारण बड़ी संख्या में आवारा कुत्ते आकर्षित हो रहे हैं, जिससे कंचन नगर, स्वामी समर्थ नगर, प्रयाग नगर जैसे इलाकों में पैदल चलने वालों को परेशानी हो रही है.
शहर में आवारा कुत्तों के हॉटस्पॉट क्षेत्र
महात्मा फुले मार्केट, रहमानगंज चौक, कन्हैया नगर, जुना मोंढा, बस स्टँड, गरीब शाह बाजार, मंगल बाजार, अलंकार टॉकीज, बरवार गली, रामनगर पुलिस कॉलोनी, नूतन वसाहत, रेलवे स्टेशन रोड, देहडकरवाड़ी और शिवनगर जैसे इलाकों में आवारा कुत्तों की संख्या में भारी वृद्धि देखी गई है.
प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की मांग
जिला महिला कांग्रेस अध्यक्ष नंदा पवार ने प्रशासन से अपील की है कि बच्चों और आम नागरिकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए आवारा कुत्तों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए. उन्होंने कहा कि यह समस्या खासकर स्कूली बच्चों के लिए खतरनाक बन गई है.
कुत्ते के काटने पर बरतें सावधानी: विशेषज्ञों की सलाह

अतिरिक्त जिला सर्जन डॉ. राजेंद्र गाडेकर ने बताया कि कुत्ते के काटने के बाद घाव को साबुन और पानी से तुरंत साफ करें और तुरंत अस्पताल पहुंचकर इलाज करवाएं.निर्धारित समय पर टीकाकरण और दवा लेना बेहद जरूरी है.
नगर निगम की योजना और आगामी कदम
जालना नगर निगम के प्रशासक आयुक्त संतोष खांडेकर ने जानकारी देते हुए बताया कि अगले सोमवार से नसबंदी अभियान पुनः शुरू किया जाएगा. फिलहाल, पुरानी MIDC स्थित फिल्टर बेड के पास स्थल चयनित किया गया है, जहां पहले चरण में 1,500 कुत्तों की नसबंदी की जाएगी.
हालांकि, नगर निगम के पास अभी तक शहर में मौजूद पालतू और आवारा कुत्तों की कोई आधिकारिक गिनती नहीं है, लेकिन भविष्य में यह रिकॉर्ड रखने की आवश्यकता पर जोर दिया गया है.

- नागरिकों की मांग:
- – आवारा कुत्तों की संख्या पर नियंत्रण के लिए तत्काल प्रभावी कदम उठाए जाएं.
- – खुले में मांस विक्रय पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाए.
- – नसबंदी कार्यक्रम को तेजी से लागू किया जाए.
शहरवासियों को फिलहाल प्रशासन से ठोस कार्रवाई की उम्मीद है, ताकि कुत्तों के काटने की घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सके और नागरिकों को राहत मिल सके.
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