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जालना पुलिस का सख्त अभियान: 194 नाबालिग चालक पकड़े गए, ₹6.38 लाख जुर्माना

जालना में नाबालिग ड्राइविंग पर सख्त क़दम: 194 पकड़े गए, ₹6.38 लाख वसूले गए

जालना, 10 सितम्बर 2025 — जिला पुलिस ने नाबालिग द्वारा वाहन चलाने के खिलाफ चलाए विशेष अभियान में 194 नाबालिगों को पकड़कर कुल ₹6,38,100 का जुर्माना वसूला और अभिभावकों को कड़ी चेतावनी दी।

जालना पुलिस का अभियान: यातायात पुलिस नाबालिग चालक को रिमांड पर ले जाती हुई तस्वीर
जालना पुलिस की टीम ने शहर के प्रमुख चौकों और स्कूलों के पास नाबालिग चालकों की तलाशी ली।

जिला पुलिस अधीक्षक श्री अजयकुमार वंसल और अपर पुलिस अधीक्षक श्री आयुष नोपाणी के निर्देश पर आज 10 सितम्बर 2025 को पूरे जिले में नाबालिग वाहन चालकों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया गया। अभियान का समन्वय शहर यातायात शाखा के पुलिस निरीक्षक प्रताप इंगळे ने संभाला। सुबह से ही पुलिस बलों को स्कूल, कॉलेज, कोचिंग संस्थानों और मुख्य चौराहों पर तैनात किया गया था।

अभिभावकों को थाने बुलाकर समझाते पुलिस अधिकारी
पकड़े गए नाबालिगों के अभिभावकों को थाने बुलाकर कानून और सुरक्षा के संबंध में समझाइश दी गई।

पुलिस को पिछले कुछ दिनों में ऐसी शिकायतें मिली थीं कि जिले में कई नाबालिग वाहन चला रहे हैं, जिनमें से कुछ घटनाओं में स्वयं नाबालिग गंभीर रूप से घायल हुए तथा अन्य राहगीरों और वाहन चालकों को चोटें आई हैं। इन शिकायतों के मद्देनजर यह विशेष अभियान जारी रखा गया।

कैसे हुई कार्रवाई

अभियान के दौरान कुल 194 नाबालिग वाहन चालकों को पहचानकर रोका गया। उन्हें संबंधित पुलिस स्टेशनों और शाखा कार्यालयों में लाकर अभिभावकों को बुलवाया गया और मोटर वाहन अधिनियम के प्रावधानों के बारे में विस्तृत निर्देश दिए गए। मौके पर ही कुल ₹6,38,100 का जुर्माना वसूला गया।

पुलिस ने नाबालिगों को स्पष्ट रूप से बताया कि कानूनन नाबालिगों को वाहन चलाने का अनुमति नहीं है और उन्हें तथा उनके अभिभावकों को सड़क सुरक्षा, हेलमेट का उपयोग और यातायात नियमों का पालन करने के बारे में समझाया गया।

जालना में यातायात शाखा की रेड के दौरान बोले अधिकारी
जालना पुलिस ने भविष्य में ऐसे मामलों के लिए सख्त नोटिस जारी किया है कि पुनः पकड़ने पर अभिभावकों के खिलाफ FIR दर्ज की जाएगी।

पुलिस की सख्त चेतावनी

अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि भविष्य में किसी नाबालिग को वाहन चलाते हुए पकड़ा गया तो उसके माता-पिता/अभिभावकों और वाहन मालिक के विरुद्ध दखल-पात्र आपराधिक मामला दर्ज किया जाएगा तथा आवश्यकतानुसार अदालत में आरोप-पत्र दायर किया जाएगा। यह कदम न सिर्फ़ दंडात्मक है बल्कि सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करने और युवा जीवन की रक्षा के लिए भी ज़रूरी बताया गया है।

राज्य और अन्य शहरों के संदर्भ

महाराष्ट्र के अन्य शहरों में भी नाबालिग ड्राइविंग पर सख्ती देखी जा रही है। पिछले वर्षों में पुणे व नागपुर में गंभीर दुर्घटनाओं और अभियान के बाद अभिभावकों को जवाबदेह ठहराने की कार्रवाई तेज हुई है। इन कार्यवाहियों से यह स्पष्ट संकेत मिलता है कि राज्य स्तर पर भी नाबालिग ड्राइविंग को रोकने के प्रयास जारी हैं।

समाजिक और सुरक्षा प्रभाव

विशेषकर शहरी एवं अर्ध-शहरी क्षेत्रों में नाबालिगों द्वारा वाहन चलाने से होने वाले हादसे बढ़ते जा रहे हैं। अभिभावकों की लापरवाही और युवाओं की जल्दबाजी को मिलाकर यह जोखिम बनता है। पुलिस अधिकारी यह मानते हैं कि केवल दंड ही पर्याप्त नहीं है — साथ ही जागरूकता कार्यक्रम, स्कूल-स्तरीय यातायात शिक्षा और अभिभावक निगरानी भी आवश्यक है।

निष्कर्ष

जालना पुलिस की यह कार्रवाई सख्त संदेश देती है: सड़क सुरक्षा में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। नाबालिगों को वाहन चलाने से रोकना और अभिभावकों को जवाबदेह ठहराना इस नीति का केंद्र है। स्थानीय प्रशासन और पुलिस के संयुक्त प्रयास से उम्मीद की जा रही है कि आने वाले समय में सड़क हादसों में कमी आएगी और युवाओं की सुरक्षा सुनिश्चित होगी।

सूत्र: स्थानीय पुलिस रिपोर्ट व अभियान के प्रत्यक्ष संचालन विवरण।


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