देश के 12 राज्यों में भी शुरू होगा SIR, बिहार की तरह वोटर लिस्ट का गहन पुनरीक्षण — चुनाव आयोग का बड़ा ऐलान
नई दिल्ली: बिहार के बाद अब देश के 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में भी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) की प्रक्रिया शुरू होने जा रही है। मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि इस दूसरे चरण में वोटर लिस्ट के अपडेट, नए मतदाताओं के नाम जोड़ने और त्रुटियों को सुधारने का कार्य किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि जिन राज्यों में यह प्रक्रिया शुरू होगी, वहां की मतदाता सूची आज रात 12 बजे फ्रीज कर दी जाएगी, ताकि अद्यतन कार्य व्यवस्थित रूप से हो सके।
आज़ादी के बाद नौवीं बार होगा ऐसा पुनरीक्षण
सीईसी ज्ञानेश कुमार ने बताया कि आज़ादी के बाद यह नौवां मौका होगा जब देशभर में मतदाता सूची का विशेष पुनरीक्षण किया जा रहा है। 1951 से 2004 तक आठ बार यह प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। उन्होंने कहा कि समय-समय पर राजनीतिक दलों द्वारा मतदाता सूचियों में अनियमितताओं की शिकायतें की जाती रही हैं, इसलिए पारदर्शिता के लिए यह पहल जरूरी है।
कल से शुरू होगा SIR का दूसरा चरण
मुख्य चुनाव आयुक्त ने बताया कि SIR का दूसरा फेज कल से शुरू होगा। इस दौरान हर बूथ पर एक बीएलओ (Booth Level Officer) और हर विधानसभा क्षेत्र में एक ईआरओ (Electoral Registration Officer) की नियुक्ति होगी।
- ईआरओ आमतौर पर एसडीएम (SDM) स्तर का अधिकारी होगा।
- सभी मतदाताओं के लिए इन्यूमेरेशन फॉर्म (Enumeration Form – EF) आज ही प्रिंट किए जाएंगे।
- हर BLO तीन बार घर-घर जाकर जानकारी जुटाएंगे।
- जो मतदाता अपने क्षेत्र से बाहर हैं, वे ऑनलाइन फॉर्म भर सकते हैं।
- इस प्रक्रिया में कोई अतिरिक्त दस्तावेज या फॉर्म की आवश्यकता नहीं होगी।
इन 12 राज्यों में होगा SIR
CEC ज्ञानेश कुमार ने बताया कि SIR का दूसरा चरण इन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में शुरू होगा:
अंडमान-निकोबार, छत्तीसगढ़, गोवा, गुजरात, केरल, लक्षद्वीप, मध्य प्रदेश, पुडुचेरी, राजस्थान, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल।
इन राज्यों में प्रक्रिया कल से शुरू होकर 7 फरवरी 2026 तक चलेगी और उस दिन फाइनल ड्राफ्ट लिस्ट जारी की जाएगी।
असम में क्यों नहीं होगा SIR?
असम में भी अगले साल विधानसभा चुनाव हैं, लेकिन वहां SIR प्रक्रिया लागू नहीं की जाएगी। इस पर सीईसी ने कहा कि:
“असम में नागरिकता कानून (Citizenship Law) की प्रक्रिया अन्य राज्यों से अलग है, इसलिए वहां अलग से SIR के आदेश जारी किए जाएंगे।”
पश्चिम बंगाल में SIR को लेकर विवाद की खबरों पर उन्होंने कहा:
“वहां कोई गतिरोध नहीं है। संविधान के तहत हर संस्था अपने दायित्वों का पालन कर रही है — चुनाव आयोग भी और राज्य सरकार भी।”
क्या है SIR की प्रक्रिया?
- मतदाता सूची को फ्रीज किया जाता है।
- हर मतदाता को Enumeration Form दिया जाता है।
- BLO घर-घर जाकर फॉर्म का मिलान करते हैं।
- 2003 की मतदाता सूची से नाम और विवरण की तुलना की जाती है।
- यदि विवरण मेल खाते हैं, तो मतदाता को कोई दस्तावेज देने की आवश्यकता नहीं होती।
- नई या गलत प्रविष्टियों का तुरंत सुधार किया जाता है।
निष्कर्ष
इस कदम के साथ चुनाव आयोग का लक्ष्य मतदाता सूची को पूरी तरह सटीक, अद्यतन और त्रुटिरहित बनाना है, ताकि आगामी विधानसभा और लोकसभा चुनावों में मतदान प्रक्रिया और भी पारदर्शी व विश्वसनीय हो सके।
❓अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
Q1. SIR क्या है?
उत्तर: SIR का मतलब है Special Intensive Revision, यानी मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण। इसके तहत पुराने रिकॉर्ड की जांच कर मतदाताओं की जानकारी अपडेट की जाती है।
Q2. SIR कब शुरू होगा?
उत्तर: SIR का दूसरा चरण कल से 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में शुरू होगा।
Q3. इस प्रक्रिया में किन दस्तावेजों की जरूरत होगी?
उत्तर: यदि मतदाता का नाम और विवरण 2003 की सूची से मेल खाता है, तो कोई अतिरिक्त दस्तावेज देने की आवश्यकता नहीं होगी।
Q4. क्या असम में भी SIR होगा?
उत्तर: फिलहाल नहीं। असम के लिए नागरिकता कानून के तहत अलग SIR प्रक्रिया बाद में जारी की जाएगी।
Q5. अंतिम मतदाता सूची कब जारी होगी?
उत्तर: 7 फरवरी 2026 को सभी राज्यों की फाइनल वोटर लिस्ट जारी की जाएगी।

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