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पहलगाम आतंकी हमला: 28 लोगों की मौत, हेलिकॉप्टर से तलाशी अभियान जारी | ₹10 लाख मुआवज़ा घोषित

पहलगाम आतंकी हमला: जंगलों में हेलिकॉप्टर से सर्च ऑपरेशन जारी, मृतकों के परिवार को 10 लाख की सरकारी मदद

अनंतनाग, जम्मू-कश्मीर | 23 अप्रैल 2025

जम्मू-कश्मीर के पहलगाम स्थित बैसारन घाटी में मंगलवार को हुए आतंकवादी हमले में 28 लोगों की मौत हो गई और 20 से अधिक घायल हो गए। यह हमला पिछले एक दशक में नागरिकों पर सबसे घातक माना जा रहा है। हमले की जिम्मेदारी पाकिस्तान-समर्थित आतंकी संगठन ‘द रेजिस्टेंस फ्रंट’ (TRF) ने ली है।


हमले का विवरण

22 अप्रैल को दोपहर लगभग 2:50 बजे, चार से छह आतंकवादी सेना की वर्दी में बैसारन घाटी पहुंचे, जो एक लोकप्रिय पर्यटन स्थल है। उन्होंने पर्यटकों पर अंधाधुंध गोलियां चलाईं। हमले में मारे गए लोगों में 24 भारतीय, 2 नेपाली और 2 स्थानीय नागरिक शामिल हैं।

सरकारी प्रतिक्रिया

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस हमले की कड़ी निंदा की है और दोषियों को सजा दिलाने का संकल्प लिया है। उन्होंने अपनी सऊदी अरब यात्रा को बीच में ही छोड़कर भारत लौटने का निर्णय लिया। गृह मंत्री अमित शाह ने भी हमले के पीड़ितों के परिवारों से मुलाकात की और उन्हें न्याय का आश्वासन दिया।

सुरक्षा बलों की कार्रवाई

हमले के बाद, सेना और पुलिस ने संयुक्त रूप से बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान शुरू किया है। हेलिकॉप्टरों की मदद से घने जंगलों में आतंकियों की तलाश की जा रही है। अब तक 100 से अधिक संदिग्धों से पूछताछ की गई है।

मुआवजा और सहायता

जम्मू-कश्मीर सरकार ने मृतकों के परिवारों को ₹10 लाख और गंभीर रूप से घायलों को ₹2 लाख की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है। इसके अलावा, मामूली रूप से घायलों को ₹1 लाख की सहायता दी जाएगी।

अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया

अमेरिका, रूस, ब्रिटेन और अन्य देशों के नेताओं ने इस हमले की निंदा की है और भारत के साथ एकजुटता व्यक्त की है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उपराष्ट्रपति जे.डी. वेंस ने प्रधानमंत्री मोदी से बात कर समर्थन का आश्वासन दिया है।

पर्यटन पर प्रभाव

हमले के बाद, कश्मीर में पर्यटन पर गंभीर प्रभाव पड़ा है। कई पर्यटक घाटी छोड़कर जा रहे हैं, और एयरलाइनों ने अतिरिक्त उड़ानों की व्यवस्था की है। स्थानीय व्यवसायों और होटलों को भारी नुकसान हुआ है।

निष्कर्ष

यह हमला न केवल निर्दोष नागरिकों पर एक क्रूर वार है, बल्कि कश्मीर में शांति और स्थिरता की दिशा में उठाए गए कदमों पर भी एक गंभीर चुनौती है। सरकार और सुरक्षा बलों को इस हमले के दोषियों को जल्द से जल्द पकड़कर कड़ी सजा दिलानी चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसे कृत्य दोहराए न जा सकें।


Sources: Wikipedia, Hindustan Times, Reuters, DD News, The Times, The Guardian

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Imran Siddiqui

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