Pay commission is confirmed, now the government is going to give the gift of a big tax exemption, report revealed
नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई वाली सरकार देश के नागरिकों को नई टैक्स छूट देकर एक बड़ा तोहफा देने की योजना बना रही है. यह कदम देश की अर्थव्यवस्था को नई रफ्तार देने और जनता की खर्च करने की क्षमता को बढ़ाने के उद्देश्य से उठाया जा सकता है.
आगामी बजट 2025 में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण इस योजना की घोषणा कर सकती हैं.
सीएनबीसी-टीवी18 की रिपोर्ट के अनुसार, सरकार आयकर छूट में बदलाव करने पर विचार कर रही है, ताकि नए टैक्स सिस्टम को और अधिक आकर्षक और लाभदायक बनाया जा सके. रिपोर्ट के मुताबिक, मानक कटौती (स्टैंडर्ड डिडक्शन) की सीमा को ₹75,000 से बढ़ाकर ₹1,00,000 करने की संभावना है. इसके अलावा, 20 प्रतिशत टैक्स रेट के दायरे को भी 12-15 लाख रुपये की आय से बढ़ाकर 12-20 लाख रुपये तक किया जा सकता है. यह बदलाव खासतौर पर उन लोगों के लिए राहत लेकर आएगा, जिनकी आय 15-20 लाख रुपये के बीच है.
PMO और वित्त मंत्रालय लेंगे अंतिम फैसला
यह पहल प्रधानमंत्री कार्यालय और वित्त मंत्रालय के अंतिम निर्णय पर निर्भर करेगी. रिपोर्ट में यह भी संभावना जताई गई है कि सरकार पुरानी टैक्स प्रणाली को समाप्त कर सकती है. 2020 में पेश की गई नई टैक्स प्रणाली कम दरें तो प्रदान करती है, लेकिन इसमें पुरानी प्रणाली की तरह कटौती और छूट का प्रावधान नहीं है.

आगामी 1 फरवरी को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल का दूसरा पूर्ण बजट पेश करेंगी. अर्थशास्त्रियों का मानना है कि सरकार वित्तीय घाटे को नियंत्रित करने के लक्ष्य पर कायम रहेगी. इस वित्तीय वर्ष के लिए 4.9 प्रतिशत का घाटा लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिसे 2026 तक 4.5 प्रतिशत या उससे कम करने का लक्ष्य है.
इकॉनमी को मजबूत करने का मकसद
इस बजट के जरिए सरकार का प्रयास केवल करदाताओं को राहत देने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसका उद्देश्य अर्थव्यवस्था को मजबूत करना भी होगा. टैक्स सुधार के जरिए जनता के हाथों में अधिक पैसा आएगा, जिससे उनकी क्रय शक्ति बढ़ेगी और उपभोग को बढ़ावा मिलेगा.
यदि नई टैक्स प्रणाली को पुरानी प्रणाली के मुकाबले अधिक आकर्षक बनाया जाता है और छूट की सीमा में इजाफा होता है, तो यह आम करदाताओं के लिए बड़ा बदलाव साबित होगा. इससे न केवल मिडिल क्लास को राहत मिलेगी, बल्कि यह कदम व्यवसायों और औद्योगिक क्षेत्रों के लिए भी अनुकूल होगा.
आगामी बजट से जुड़ी इन संभावनाओं ने आम जनता और विशेषज्ञों में उत्सुकता बढ़ा दी है. यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या सरकार इन कदमों को लागू कर देश की आर्थिक दिशा में बड़ा बदलाव लाती है.
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