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शिक्षाधिकारी मंगला धुपे की बर्खास्तगी और संपत्ति जांच की मांग पर मराठवाड़ा शिक्षक संघ आक्रामक, तेज आंदोलन की चेतावनी

Marathwada Teachers Association aggressive on the demand of dismissal of Education Officer Mangala Dhupe and property investigation, warning of intense agitation

मराठवाड़ा शिक्षक संघ ने उठाई मांग, 4 मार्च को होगा बड़ा आंदोलन

जालना: मराठवाड़ा शिक्षक संघ ने जालना जिला परिषद माध्यमिक विभाग की शिक्षाधिकारी मंगला धुपे पर गंभीर भ्रष्टाचार और तानाशाही रवैये के आरोप लगाते हुए उनकी बर्खास्तगी और आय से अधिक संपत्ति की जांच की मांग की है। संगठन का आरोप है कि शिक्षाधिकारी ने व्यक्तिगत दुश्मनी निकालते हुए संगठन के उपाध्यक्ष जगन वाघमोडे के खिलाफ झूठा मामला दर्ज कराया। इसके विरोध में 4 मार्च को छत्रपति संभाजीनगर स्थित उपसंचालक कार्यालय के सामने तीव्र आंदोलन किया जाएगा।

रविवार को आयोजित संवाददाता सम्मेलन में संगठन के मार्गदर्शक प्रा. डॉ. मारुति तेगमपुरे, जिलाध्यक्ष रमेश आंधले, केंद्रीय कार्यकारिणी सदस्य प्रेमदास राठोड, आरिफ कुरैशी, जगन वाघमोडे और गणेश म्हेत्रे सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।




शिक्षाधिकारी पर लगे गंभीर आरोप

मराठवाड़ा शिक्षक संघ ने आरोप लगाया कि मंगला धुपे ने अपने पद का दुरुपयोग कर शिक्षकों को मानसिक रूप से प्रताड़ित किया और व्यक्तिगत दुश्मनी निकालते हुए झूठा मामला दर्ज कराया।

क्या है विवाद?

27 जनवरी को शिक्षक संघ के पदाधिकारी शिक्षकों की समस्याओं को लेकर शिक्षाधिकारी कार्यालय पहुंचे थे। आरोप है कि मंगला धुपे ने गुस्से में जगन वाघमोडे को धमकाया कि वे अखबारों में खबरें न दें और स्टेटस अपडेट न करें। इसके बाद उनके खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई, जिसमें कहा गया कि वाघमोडे ने शिक्षाधिकारी को मुख पर कालिख पोतने की धमकी दी।

हालांकि, संगठन ने इस आरोप को पूरी तरह निराधार बताया है और दावा किया कि CCTV फुटेज से सच्चाई सामने लाई जा सकती है। वाघमोडे का कहना है कि उन्होंने सिर्फ इतना कहा था कि “अगर कोई पुरुष अधिकारी होता, तो अब तक उसके चेहरे पर कालिख पोत दी जाती।”




भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के आरोप

प्रा. डॉ. मारुति तेगमपुरे ने मंगला धुपे पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं, जिनमें भ्रष्टाचार और शिक्षकों के प्रति तानाशाही रवैया शामिल है।

मुख्य आरोप:

  • दिसंबर 2024 और जनवरी 2025 में 8-10 स्कूलों के शिक्षकों का वेतन बिना किसी कारण रोका गया।
  • कार्यालय में रात 10 बजे तक गुप्त रूप से कार्य किया जाता है, जिससे भ्रष्टाचार की आशंका बढ़ जाती है।
  • नियमों के विरुद्ध व्यक्तिगत स्वीकृतियां दी जाती हैं और महत्वपूर्ण जानकारी छिपाई जाती है।
  • अतिरिक्त शिक्षक समायोजन प्रक्रिया पारदर्शिता के बिना लागू की गई और वित्तीय लाभ के लिए अनुदान रहित शिक्षकों को अनुदानित करने की अवैध अनुमति दी गई।
  • पेंशन फाइलें, चिकित्सा बिल, शैक्षणिक भ्रमण की फाइलें जानबूझकर लंबित रखी जाती हैं, जिससे आर्थिक लाभ उठाया जाता है।

CCTV फुटेज सार्वजनिक करने की मांग, आंदोलन की चेतावनी

Marathwada Teachers Association aggressive on the demand of dismissal of Education Officer Mangala Dhupe and property investigation, warning of intense agitation

मराठवाड़ा शिक्षक संघ ने मांग की है कि CCTV फुटेज को सार्वजनिक किया जाए ताकि सच्चाई सामने आ सके। संगठन ने शिक्षाधिकारी के तानाशाही रवैये, शिक्षकों को धमकाने और अभद्र भाषा के प्रयोग पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है।

यदि जल्द कोई कार्रवाई नहीं हुई, तो संगठन बड़े आंदोलन की चेतावनी दे चुका है।

निष्कर्ष

मराठवाड़ा शिक्षक संघ का यह आंदोलन शिक्षकों के अधिकारों की सुरक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। 4 मार्च को होने वाले आंदोलन पर सभी की नजरें टिकी हैं। अब देखना यह है कि प्रशासन इस मामले में क्या कार्रवाई करता है और क्या मंगला धुपे के खिलाफ कोई जांच शुरू की जाती है।

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Imran Siddiqui

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