जालना साड़ी वॉकथॉन: परंपरा और स्वास्थ्य जागरूकता का अनोखा संगम
जालना | प्रतिनिधि
जालना साड़ी वॉकथॉन:अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर जालना शहर में एक अनोखा और ऐतिहासिक आयोजन देखने को मिला। रोटरी क्लब ऑफ जालना रेनबो द्वारा आयोजित “साड़ी वॉकथॉन” में करीब 800 महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर शहर की सड़कों को रंग-बिरंगी पारंपरिक साड़ियों से सजा दिया। कॉलेज की युवतियों से लेकर लगभग 65 वर्ष तक की वरिष्ठ महिलाओं ने इस कार्यक्रम में भाग लेकर महिला शक्ति, परंपरा और स्वास्थ्य जागरूकता का संदेश दिया।
इस विशेष आयोजन में प्रतिभागी महिलाओं ने छह गज (साधारण) और नौ गज (पारंपरिक महाराष्ट्रीयन) साड़ियों सहित विभिन्न भारतीय परंपरागत साड़ियों में हिस्सा लिया। महिलाओं की बड़ी संख्या और उत्साह के कारण जालना शहर की सड़कों पर मानो भारतीय साड़ी संस्कृति का रंगीन उत्सव दिखाई दिया।
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के महत्व और महिला सशक्तिकरण से जुड़ी जानकारी संयुक्त राष्ट्र की आधिकारिक वेबसाइट पर भी देखी जा सकती है:
https://www.un.org/en/observances/womens-day
होटल सेफ्रान से सुबह हुई वॉकथॉन की शुरुआत
यह साड़ी वॉकथॉन रविवार (8 मार्च) को सुबह 6:30 बजे होटल सेफ्रान से शुरू हुई। कार्यक्रम का उद्घाटन जिला परिषद की मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) मिन्नू पी. एम. ने हरी झंडी दिखाकर किया।
इस अवसर पर कई गणमान्य अतिथि उपस्थित थे, जिनमें:
- रोटरी प्रांतपाल सुधीर लातुरे
- संगीता लातुरे
- जालना की महापौर वंदना मगरे
- पूर्व नगराध्यक्ष संगीता गोरंट्याल
- पूर्व प्रांतपाल डॉ. सुरेश साबू
- प्रमोद झांजरी
साथ ही रोटरी क्लब ऑफ जालना रेनबो की अध्यक्षा डॉ. प्रतिभा श्रीपत, सचिव पंकज लड्डा, परियोजना प्रमुख निर्मला साबू, डॉ. तरुणा छाबड़ा, डॉ. अनुराधा राख, नेहा पाटणी, संगीता गुप्ता सहित कई सामाजिक कार्यकर्ता और नागरिक भी उपस्थित रहे।
रोटरी क्लब की गतिविधियों के बारे में अधिक जानकारी Rotary International की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध है:
https://www.rotary.org

शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरी साड़ी वॉकथॉन
वॉकथॉन की शुरुआत होटल सेफ्रान से हुई और यह शहर के प्रमुख मार्गों से होकर गुजरी। इसमें शामिल प्रमुख मार्ग थे:
- छत्रपति शिवाजी महाराज चौक
- सराफा बाजार
- टांगा स्टैंड
- राम मंदिर
- मिशन अस्पताल
- रुक्मिणी गार्डन
इसके बाद वॉकथॉन पुनः होटल सेफ्रान पहुंचकर संपन्न हुई।
मार्ग के दोनों ओर खड़े नागरिकों ने विभिन्न रंगों और डिजाइनों की महाराष्ट्रीयन, दक्षिण भारतीय और उत्तर भारतीय साड़ियों में सजी महिलाओं का उत्साहपूर्वक स्वागत किया।
घोषवाक्य प्रतियोगिता में महिलाओं ने दिया प्रेरक संदेश
इस आयोजन के साथ घोषवाक्य प्रतियोगिता भी आयोजित की गई। इसमें महिलाओं ने महिला सशक्तिकरण, स्वास्थ्य जागरूकता और सामाजिक समानता जैसे विषयों पर प्रभावशाली संदेश प्रस्तुत किए।
इन संदेशों के माध्यम से महिलाओं ने समाज में सकारात्मक बदलाव और स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता का संदेश दिया।

महिलाओं को दिया गया सीपीआर प्रशिक्षण
कार्यक्रम के समापन पर महिलाओं के लिए सीपीआर (Cardio Pulmonary Resuscitation) का विशेष प्रशिक्षण भी आयोजित किया गया। इसका उद्देश्य महिलाओं को आपातकालीन परिस्थितियों में जीवन बचाने की तकनीक से परिचित कराना था।
डॉ. कविता लहाने, डॉ. चंद्रिका मस्के पाटिल, डॉ. आरती कुलकर्णी और डॉ. ज्योत्स्ना भाले ने महिलाओं को सीपीआर के बारे में व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया और बताया कि हृदयगति रुकने जैसी स्थिति में किस प्रकार प्राथमिक उपचार देकर किसी की जान बचाई जा सकती है।
सीपीआर के बारे में विस्तृत जानकारी American Heart Association की वेबसाइट पर भी उपलब्ध है:
https://www.heart.org
इसके बाद वॉकथॉन और घोषवाक्य प्रतियोगिता के विभिन्न वर्गों में प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाली प्रतिभागियों को आकर्षक नकद पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।

कई महिला संगठनों ने किया उत्साहपूर्ण सहभाग
इस ऐतिहासिक कार्यक्रम में व्यक्तिगत प्रतिभागियों के साथ-साथ शहर के कई महिला संगठनों और समूहों ने भी सक्रिय भागीदारी की। इनमें प्रमुख रूप से शामिल थे:
- पद्मशाली महिला संघ
- एमआरडीए ग्रुप
- क्लासिक ग्रुप
- अग्रशक्ति ग्रुप
- अग्रमाधवी ग्रुप
- दिगंबर जैन महिला मंडल
- संमती ग्रुप
- पीकॉक क्वीन्स ग्रुप
- शकुंतला ग्रुप
- मिस यूनिवर्स ग्रुप
- नारीशक्ति ग्रुप
- रंग रंगीलिया सहेलियां रेनबो ग्रुप
- सप्तशक्ति ग्रुप
- फेब ग्रुप
इन सभी समूहों की भागीदारी ने इस आयोजन को और अधिक भव्य और सफल बनाया।
महिलाओं के स्वास्थ्य और भारतीय परंपरा को बढ़ावा देने का उद्देश्य
कार्यक्रम की प्रस्तावना में डॉ. प्रतिभा श्रीपत ने कहा कि यह आयोजन केवल साड़ी पहनकर चलने का कार्यक्रम नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य महिलाओं के स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना और भारतीय सांस्कृतिक परंपरा का सम्मान करना है।
उन्होंने बताया कि इस कार्यक्रम को मिला अभूतपूर्व प्रतिसाद इस बात का संकेत है कि महिलाएं सामाजिक और स्वास्थ्य संबंधी अभियानों में सक्रिय भागीदारी के लिए तैयार हैं।
परियोजना प्रमुख निर्मला साबू ने कहा कि महिलाओं के उत्साह को देखते हुए भविष्य में भी हर वर्ष साड़ी वॉकथॉन आयोजित करने का प्रयास किया जाएगा।
कार्यक्रम का संचालन नेहा पाटणी ने किया, जबकि अंत में डॉ. तरुणा छाबड़ा ने सभी अतिथियों और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया।

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