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जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र स्थगन पर उठा सवाल – नागरिकों को राहत की मांग





जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र स्थगन पर उठा सवाल – नागरिकों को राहत की मांग

जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र स्थगन पर उठा सवाल – नागरिकों को राहत की मांग

जालना | 12 मार्च 2025: राज्य में Birth and Death Certificate प्रक्रिया पर लगी स्थगन अब गंभीर नागरिक समस्या बन चुकी है। इससे सरकारी योजनाओं का लाभ पाने में बाधा उत्पन्न हो रही है।

मुख्यमंत्री को सौंपा गया ज्ञापन

अधिवक्ता महेश सिताराम धन्नावत द्वारा तैयार ज्ञापन को विधायक अर्जुनराव खोतकर के माध्यम से मुख्यमंत्री को सौंपा गया। इसमें स्थगन हटाने की मांग की गई है ताकि नागरिकों को आवश्यक दस्तावेज समय पर प्राप्त हो सकें।

स्थगन का कारण और वर्तमान स्थिति

पूर्व सांसद किरीट सोमैया की शिकायत के बाद तहसील कार्यालयों में प्रमाणपत्र प्रक्रिया को रोक दिया गया था। अब न तो पुराने मामले निपट रहे हैं और न ही नए आवेदन स्वीकार किए जा रहे हैं।

विधवाओं और जरूरतमंदों को परेशानी

इस स्थगन के कारण विधवा महिलाएं, गरीब नागरिक और सामान्य लोग बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं। बिना प्रमाणपत्र के उन्हें पेंशन, बीमा व अन्य सरकारी लाभ नहीं मिल पा रहे।

शासन निर्णय भी बेअसर

12 मार्च 2025 को महाराष्ट्र सरकार ने आदेश (GR No. जमृनो. 2525/(ई.ऑ. 991181)/प्र.क्र.22/कु.क) जारी कर प्रक्रिया को पुनः प्रारंभ करने के निर्देश दिए, लेकिन तहसील कार्यालयों में कोई अमल नहीं हो रहा।

मुख्यमंत्री से त्वरित कार्रवाई की मांग

अधिवक्ता धन्नावत ने मुख्यमंत्री से अपील की है कि स्थगन को शीघ्र हटाकर तहसील कार्यालयों को सुधारित प्रक्रिया के अनुसार निर्देश दिए जाएं ताकि नागरिकों को राहत मिले।

जिल्हाधिकारी कार्यालय को भी प्रतिलिपि

यह ज्ञापन जालना जिल्हाधिकारी कार्यालय को भी सौंपा गया है, जिससे प्रशासन इस विषय को प्राथमिकता दे।



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Imran Siddiqui

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