जालना में बिजली संकट पर मराठा महासंघ का अनोखा विरोध — ‘बेशरम के पत्तों और कंदील’ से महावितरण कार्यालय का घेराव
समाचार रिपोर्ट | जालना | विशेष प्रतिनिधि
जालना शहर और आसपास के क्षेत्रों में पिछले कई दिनों से हो रही लगातार बिजली कटौती से नाराज जनता की आवाज अब तीव्र विरोध में बदल गई है। सोमवार, 26 मई 2025 को मराठा महासंघ ने महावितरण कार्यालय के बाहर एक अनोखा विरोध प्रदर्शन कर विभाग की लापरवाही पर करारा प्रहार किया।
कार्यकर्ताओं ने महावितरण कार्यालय को बेशरम के पत्तों और कंदीलों से सजाया, जिससे यह संदेश जाए कि विभाग अब बेशर्म होकर जनता को अंधेरे में रख रहा है।
अंधेरे में डूबा शहर, बढ़ता जनाक्रोश
21 मई को रात 9 बजे से लेकर सुबह 2:30 बजे तक पूरा शहर अंधकार में डूबा रहा। इससे पहले भी लगभग 20 घंटे तक बिजली गुल रही थी। लगातार हो रही बिजली कटौती से न सिर्फ घरेलू उपभोक्ता परेशान हैं, बल्कि व्यापार और स्वास्थ्य सेवाएं भी प्रभावित हो रही हैं।
प्रशासन को जगाने का प्रयास
मराठा महासंघ के जिलाध्यक्ष अरविंद देशमुख के नेतृत्व में अशोक पडुळ, सुभाष चव्हाण, मंगेश मोरे, सागर पाटील, अर्जुन गायकवाड सहित अन्य कार्यकर्ताओं ने कार्यकारी अभियंता को ‘कंदील गुच्छा’ सौंपते हुए जवाब मांगा।
पुलिस और प्रशासन अलर्ट पर
अचानक हुए इस अनोखे प्रदर्शन से महावितरण और जिला प्रशासन सकते में आ गए। पुलिस अधिकारी मुकेश पट्टे, सय्यद शौकत और अन्य स्टाफ ने स्थिति को संभाला और आंदोलन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराया।
अरविंद देशमुख का सख्त संदेश
प्रदर्शन के दौरान देशमुख ने कहा — “अब अंधेरे में रखने वालों को जगा कर ही रहेंगे। अगर बिजली आपूर्ति में सुधार नहीं हुआ, तो हम उग्र आंदोलन छेड़ेंगे और इसके लिए कौन जिम्मेदार होगा, यह जनता तय करेगी।”


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