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प्रा. डॉ. विनायक पवार को मिला ‘शाहीर दादा कोंडके स्मृति गौरव पुरस्कार’ — मराठी गीत साहित्य को मिला नया गौरव

प्रा. डॉ. विनायक पवार को मिला ‘शाहीर दादा कोंडके स्मृति गौरव पुरस्कार’ — मराठी गीत साहित्य को मिली नई पहचान

📍 जालना | 🗓️ 4 जून 2025

ज़िले के सुप्रसिद्ध गीतकार और मराठी साहित्य क्षेत्र के बहुमुखी व्यक्तित्व प्रा. डॉ. विनायक पवार को हाल ही में ‘शाहीर दादा कोंडके स्मृति गौरव पुरस्कार’ से सम्मानित किया गया। यह प्रतिष्ठित सम्मान महाराष्ट्र सांस्कृतिक अभियान न्यास की ओर से 1 जून 2025 को मुंबई स्थित शाहीर अण्णा भाऊ साठे नाट्यगृह में आयोजित ‘लोकरंग महोत्सव’ में प्रदान किया गया।

इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सांसद अरविंद सावंत थे जिन्होंने डॉ. पवार को यह पुरस्कार सौंपा। कार्यक्रम में शाहीर दादा कोंडके के परिजनों सहित अनेक विशिष्ट अतिथियों की उपस्थिति रही, जिनमें पद्माकर मोरे, माणिकताई मोरे, अ‍ॅड. अनिरुद्ध मोरे और प्रकल्प संचालिका दीपमाला लादे प्रमुख रहे।

डॉ. पवार के पिता हाबू पवार भी इस समारोह में उपस्थित थे, जिससे यह पल और भी भावनात्मक हो गया। मूलतः बावणे पांगरी (बदनापूर) निवासी डॉ. पवार वर्तमान में पेण (रायगढ़) के डॉ. पतंगराव कदम कला व वाणिज्य महाविद्यालय में मराठी विषय के प्राध्यापक हैं।

उन्होंने सासवड और उस्मानाबाद में आयोजित अखिल भारतीय मराठी साहित्य संमेलनों में आमंत्रित कवि के रूप में भाग लिया है।

🎬 फिल्मी योगदान:

डॉ. पवार ने ‘ख्वाडा’, ‘बबन’, ‘छत्रपती शासन’, ‘लँड 1857’, ‘राजकुमार’, ‘फतवा’, ‘रुंदी’, ‘टीडीएस’, ‘रघु 350’, ‘नाद द हार्ड लव’ जैसी चर्चित मराठी फिल्मों में गीत लेखन किया है। ‘रौंदल’ फिल्म में उन्होंने संवाद लेखन और अभिनय भी किया। ‘नाद द हार्ड लव’ की पटकथा, संवाद और गीत तीनों उन्होंने खुद लिखे हैं।

🖋️ आगामी प्रोजेक्ट्स:

वे ‘चिवटी’, ‘ग्लोबल आडगाव’, ‘विरजण’, ‘गोवर्धन’, ‘महाराष्ट्र फाईल्स’, ‘कलावती’, ‘दुनियादारी 2’, ‘येरे येरे पैसा 3’, ‘रुबाब’ जैसी फिल्मों के लिए गीत लिख रहे हैं।

📚 साहित्यिक उपलब्धियाँ:

उनके काव्यसंग्रह ‘नामुष्कीचे पिढीजात वर्तमान’ को 8 प्रमुख पुरस्कार मिले हैं, जिनमें लोककवी विठ्ठल वाघ पुरस्कार, गदिमा पुरस्कार, विशाखा पुरस्कार और एकता फाउंडेशन सम्मान शामिल हैं।

🏛️ शैक्षणिक मान्यता:

उनके लेख और कविताएं स्वामी रामानंद तीर्थ (नांदेड), शिवाजी विश्वविद्यालय (कोल्हापुर), डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर विश्वविद्यालय (औरंगाबाद), संत गाडगेबाबा (अमरावती), मुंबई विश्वविद्यालय जैसे प्रमुख संस्थानों के पाठ्यक्रमों में शामिल हैं। उनकी कविता ‘माणसं पेरायला लागू’ दसवीं कक्षा के पाठ्यक्रम में भी सम्मिलित है।

यह सम्मान न केवल डॉ. पवार की रचनात्मकता का गौरव है, बल्कि यह जालना जिले की सांस्कृतिक गरिमा को राष्ट्रीय पटल पर स्थापित करता है। मराठी भाषा और सिनेमा को इससे नई दिशा और प्रेरणा प्राप्त हुई है।


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Rashmi Bagdi
Rashmi Bagdi is a journalist and digital content creator associated with NewsNation Online. She specializes in reporting on local news, civic issues, education, government updates, and viral stories with a reader-focused approach.

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