मुंबई: महाराष्ट्र के अनुदानित माध्यमिक और उच्च माध्यमिक स्कूलों में शिक्षकेतर कर्मचारियों की भर्ती को लेकर महत्वपूर्ण बदलाव सामने आया है। सरकार के 11 अगस्त 2026 के निर्णय के बाद कनिष्ठ लिपिक, पूर्णकालिक ग्रंथपाल और प्रयोगशाला सहायक जैसे पदों पर नियमों के अनुसार सीधी भर्ती का रास्ता खुला है। इसके साथ ही शिक्षकेतर कर्मचारियों की वैयक्तिक मान्यता और शालार्थ से जुड़ी प्रक्रिया को ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से करने के निर्देश दिए गए हैं।
नई व्यवस्था का उद्देश्य रिक्त पदों को भरने की प्रक्रिया को स्पष्ट, पारदर्शी और नियमबद्ध बनाना है। हालांकि किसी भी संस्था को भर्ती शुरू करने से पहले अपनी संचमान्यता, मंजूर पदों, रिक्तियों और आरक्षण की स्थिति की जांच करनी होगी।
80 प्रतिशत रिक्त पदों पर सीधी भर्ती का प्रावधान
उपलब्ध निर्देशों के अनुसार पहले संबंधित रिक्त पदों पर पदोन्नति और अनुकंपा नियुक्ति की प्रक्रिया पूरी करनी होगी। इसके बाद भी जो पद रिक्त रहेंगे, उनमें नियमों के तहत निर्धारित रिक्त पदों में से 80 प्रतिशत तक पद सीधी भर्ती से भरे जा सकेंगे।
इसका मतलब यह नहीं है कि स्कूल के सभी मंजूर पदों के 80 प्रतिशत पर सीधे भर्ती होगी। भर्ती उन्हीं पदों पर होगी जो संबंधित संचमान्यता और लागू नियमों के अनुसार वास्तव में रिक्त और अनुज्ञेय हैं। इसलिए उम्मीदवारों को संबंधित स्कूल और शिक्षा विभाग से पद की वास्तविक स्थिति की पुष्टि करनी चाहिए।
भर्ती से पहले इन बातों की जांच जरूरी
- स्कूल की अद्यतन संचमान्यता में संबंधित पद मंजूर है या नहीं।
- वास्तविक रिक्त पद उपलब्ध है या नहीं।
- पदोन्नति और अनुकंपा नियुक्ति के लिए उपलब्ध पदों की प्रक्रिया पूरी हुई है या नहीं।
- आरक्षण की बिंदुनामावली अद्यतन और नियमानुसार है या नहीं।
- पद को आवश्यकतानुसार शासन या शिक्षा संचालनालय से अनुज्ञेय कराया गया है या नहीं।
कौन-कौन से पद भर्ती के दायरे में?
नई व्यवस्था में प्रमुख रूप से कनिष्ठ लिपिक, पूर्णकालिक ग्रंथपाल और प्रयोगशाला सहायक पदों पर भर्ती का प्रावधान सामने आया है। प्रत्येक पद के लिए निर्धारित शैक्षणिक योग्यता, आयु सीमा और अन्य पात्रता शर्तें लागू रहेंगी।
विज्ञापन और चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता
भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए संस्था को नियमानुसार रिक्त पदों की जानकारी प्रकाशित करनी होगी। विज्ञापन समाचार पत्र, संस्था की वेबसाइट और सूचना फलक जैसे माध्यमों से देने की व्यवस्था बताई गई है। उम्मीदवारों को आवेदन, छंटनी, इंटरव्यू और अंतिम चयन के लिए पर्याप्त समय देना होगा। उपलब्ध निर्देशों में पूरी प्रक्रिया के लिए कम से कम तीन महीने का समय देने की बात कही गई है।
इंटरव्यू की वीडियोग्राफी कर रिकॉर्ड सुरक्षित रखने पर भी जोर दिया गया है। इससे भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहेगी और भविष्य में किसी शिकायत या विवाद की स्थिति में रिकॉर्ड उपलब्ध कराया जा सकेगा।
आयु सीमा और शुरुआती सेवा अवधि
उपलब्ध जानकारी के अनुसार सामान्य/खुले वर्ग के उम्मीदवारों के लिए अधिकतम आयु 38 वर्ष और आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों के लिए अधिकतम आयु 43 वर्ष बताई गई है। नियुक्ति के शुरुआती तीन वर्ष मानधन आधार पर रहने की व्यवस्था का उल्लेख किया गया है। उम्मीदवारों को आवेदन करते समय संबंधित पद के आधिकारिक विज्ञापन में दी गई अंतिम पात्रता अवश्य देखनी चाहिए।
वैयक्तिक मान्यता की प्रक्रिया अब ऑनलाइन
शिक्षकेतर कर्मचारियों की नियुक्ति के बाद वैयक्तिक मान्यता की प्रक्रिया को ऑनलाइन करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। इसके लिए नॉन-टीचिंग वैयक्तिक मान्यता पोर्टल के माध्यम से आवश्यक जानकारी और दस्तावेजों की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। शालार्थ से संबंधित कार्यवाही भी निर्धारित ऑनलाइन प्रक्रिया के अनुसार की जाएगी।
इस बदलाव से स्कूल संस्थाओं और शिक्षा विभाग के बीच फाइलों की आवाजाही कम करने, आवेदन की स्थिति पर नजर रखने और प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
28 मई 2025 से पहले की नियुक्तियों पर भी असर
नई व्यवस्था का एक महत्वपूर्ण हिस्सा पहले से नियुक्त शिक्षकेतर कर्मचारियों से जुड़ा है। 28 मई 2025 से पहले हुई नियुक्तियों की वैयक्तिक मान्यता और शालार्थ से संबंधित कार्यवाही के लिए भी नॉन-टीचिंग वैयक्तिक मान्यता पोर्टल का उपयोग करने के निर्देश दिए गए हैं। संबंधित संस्थाओं को आवश्यक जानकारी और दस्तावेज निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार प्रस्तुत करने होंगे।
मंजूर पद के बिना भर्ती की तो जिम्मेदारी तय होगी
स्कूलों के लिए सबसे महत्वपूर्ण शर्त यह है कि बिना मंजूर या अनुज्ञेय पद के भर्ती नहीं की जा सकती। यदि किसी स्कूल में संबंधित शिक्षकेतर पद मूल संचमान्यता में मंजूर नहीं है, तो लागू नियमों के अनुसार पहले उस पद को अनुज्ञेय कराना आवश्यक होगा। नियमों का पालन किए बिना भर्ती करने पर संस्था और संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की स्थिति बन सकती है।
उम्मीदवारों के लिए क्या बदला?
सरल भाषा में देखें तो शिक्षकेतर भर्ती की प्रक्रिया अब इस तरह आगे बढ़ेगी:
- स्कूल की संचमान्यता और रिक्त पदों की जांच।
- पदोन्नति और अनुकंपा नियुक्ति की प्रक्रिया पूरी करना।
- नियमों के अनुसार बची रिक्तियों में सीधी भर्ती के लिए पद तय करना।
- आरक्षण और बिंदुनामावली की जांच।
- विज्ञापन जारी कर आवेदन लेना।
- छंटनी और इंटरव्यू की प्रक्रिया पूरी करना तथा आवश्यक रिकॉर्ड सुरक्षित रखना।
- चयन के बाद वैयक्तिक मान्यता के लिए ऑनलाइन प्रक्रिया पूरी करना।
उम्मीदवार ध्यान रखें
शिक्षकेतर भर्ती की जानकारी के लिए केवल सोशल मीडिया पोस्ट या अनधिकृत भर्ती विज्ञापनों पर निर्भर न रहें। जिस स्कूल या संस्था में पद निकला है, वहां की संचमान्यता, आधिकारिक विज्ञापन, पात्रता शर्तें और संबंधित शिक्षा विभाग के निर्देशों की जांच करें। किसी भी पद पर आवेदन करने से पहले यह देखना जरूरी है कि वह पद वास्तव में मंजूर और भर्ती के लिए अनुज्ञेय है।
आधिकारिक जानकारी कहां देखें?
उम्मीदवार महाराष्ट्र सरकार के आधिकारिक पोर्टल और स्कूल शिक्षा विभाग के माध्यम से जारी शासन निर्णय और निर्देशों की पुष्टि कर सकते हैं।
निष्कर्ष: महाराष्ट्र में शिक्षकेतर कर्मचारियों की भर्ती को लेकर नई व्यवस्था से लंबे समय से रिक्त पदों को भरने का रास्ता खुला है। लेकिन भर्ती तभी मान्य होगी जब संस्था संचमान्यता, आरक्षण, पद की अनुज्ञेयता और निर्धारित चयन प्रक्रिया का पूरी तरह पालन करेगी। वैयक्तिक मान्यता को ऑनलाइन किए जाने से प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ने की उम्मीद है।
यह खबर उपलब्ध शासन निर्णय/निर्देशों और प्रकाशित रिपोर्टों के आधार पर तैयार की गई है। अंतिम पात्रता, रिक्त पद, आयु सीमा और प्रक्रिया के लिए संबंधित विभाग द्वारा जारी आधिकारिक विज्ञापन को ही अंतिम माना जाना चाहिए।

