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मुंबई नहीं आ सकते तो गांव संभालें, मनोज जरांगे की मराठा समाज से हाथ जोड़कर अपील

Man in white shirt and orange scarf facing camera with hands joined, at a large political rally with orange flags in a crowd and a city skyline in the background.
कंप्यूटर द्वारा तैयार हिंदी ऑडियो

जालना/अंतरवाली सराटी: मराठा आरक्षण आंदोलन को लेकर मनोज जरांगे पाटील ने मुंबई आंदोलन की तैयारियों के बीच मराठा समाज से भावुक अपील की है। उन्होंने कहा कि समाज के सभी लोग मुंबई पहुंचने की कोशिश करें, लेकिन जो लोग किसी वजह से मुंबई नहीं आ सकते, वे अपने-अपने गांवों में रहकर समाज को संभालें और आंदोलन को मजबूती दें।

मनोज जरांगे पाटील फिलहाल अंतरवाली सराटी में मराठा आरक्षण की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। मुंबई की ओर प्रस्तावित आंदोलन को लेकर 12 सितंबर को अंतरवाली सराटी में मराठा समाज की महत्वपूर्ण बैठक रखी गई है। इस बैठक में मुंबई जाने की तारीख और मार्ग की जानकारी दिए जाने की बात सामने आई है।

‘जो मुंबई नहीं आ सकते, वे गांव संभालें’

जरांगे पाटील का कहना है कि हर व्यक्ति के लिए मुंबई पहुंचना संभव नहीं हो सकता। ऐसे लोगों से उन्होंने अपील की कि वे अपने गांवों में रहें और वहां समाज को संगठित रखें। उनका संदेश है कि आंदोलन सिर्फ मुंबई में मौजूद लोगों की जिम्मेदारी नहीं है। जो लोग मुंबई नहीं आ पाएंगे, वे भी अपने स्तर पर समाज के साथ खड़े रहकर आंदोलन को समर्थन दे सकते हैं।

टीवी9 मराठी की रिपोर्ट के मुताबिक, जरांगे ने कहा कि जिन्हें मुंबई आना संभव नहीं है, उन्हें गांव संभालने की जिम्मेदारी निभानी चाहिए। पूरी रिपोर्ट यहां पढ़ें।

मुंबई आंदोलन की तैयारी तेज

मराठा आरक्षण के मुद्दे पर जरांगे पाटील ने मुंबई में आंदोलन करने का ऐलान किया है। अंतरवाली सराटी में समर्थकों और मराठा समाज की बैठक के बाद आंदोलन का अगला कार्यक्रम स्पष्ट होने की उम्मीद है। हालिया रिपोर्टों के अनुसार, जरांगे ने मुंबई के आजाद मैदान में आंदोलन की दिशा में आगे बढ़ने की बात कही है।

लाइव अपडेट्स में बताया गया है कि 12 सितंबर की बैठक में मुंबई जाने की तारीख और मार्ग की जानकारी दी जानी है। लोकसत्ता की रिपोर्ट यहां देखें।

सरकार और जरांगे के बीच गतिरोध

मराठा आरक्षण को लेकर महाराष्ट्र सरकार और मनोज जरांगे पाटील के बीच गतिरोध बना हुआ है। सरकार की ओर से कानूनी और प्रशासनिक प्रक्रिया के तहत समाधान की बात कही जा रही है, जबकि जरांगे पाटील अपनी मांगों पर कायम हैं और आंदोलन तेज करने की चेतावनी दे रहे हैं।

इस बीच मुंबई उच्च न्यायालय ने प्रस्तावित मुंबई आंदोलन को रोकने से इनकार किया है। अदालत ने शांतिपूर्ण आंदोलन के संवैधानिक अधिकार का उल्लेख करते हुए कानून-व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी प्रशासन पर छोड़ी है। मुंबई हाईकोर्ट से जुड़ी पूरी खबर पढ़ें।

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आगे क्या होगा?

अब नजर अंतरवाली सराटी की बैठक और उसके बाद घोषित होने वाले मुंबई आंदोलन के कार्यक्रम पर है। आंदोलन की तारीख, मार्ग और स्वरूप सामने आने के बाद महाराष्ट्र की राजनीति और प्रशासनिक तैयारियों पर भी इसका असर पड़ सकता है।

डिस्क्लेमर: इस खबर में आंदोलन और संबंधित बयानों की जानकारी उपलब्ध मीडिया रिपोर्टों के आधार पर दी गई है। किसी बयान या दावे को स्वतंत्र रूप से सत्यापित तथ्य के रूप में प्रस्तुत नहीं किया गया है।

Man in white shirt and orange scarf facing camera with hands joined, at a large political rally with orange flags in a crowd and a city skyline in the background.

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Rashmi Bagdi
Rashmi Bagdi is a journalist and digital content creator associated with NewsNation Online. She specializes in reporting on local news, civic issues, education, government updates, and viral stories with a reader-focused approach.

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