
जालना: सूखे की स्थिति को देखते हुए जालना महानगरपालिका ने शहर में पानी की बर्बादी रोकने के लिए सख्त कदम उठाने का फैसला किया है। नागरिकों को अपने घरों के नल, टोंटी और अंदरूनी पाइपलाइन की लीकेज 15 अक्टूबर 2026 तक दुरुस्त कराने के निर्देश दिए गए हैं। इसके बाद पानी की बर्बादी या नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर ₹5 हजार से ₹25 हजार तक जुर्माना लगाया जाएगा। बार-बार उल्लंघन की स्थिति में आपराधिक मामला दर्ज करने की कार्रवाई भी प्रस्तावित की जा सकती है।
यह कदम ऐसे समय उठाया गया है जब जिले में संभावित जल संकट को लेकर प्रशासन पहले से तैयारी कर रहा है। NewsNationOnline की संबंधित रिपोर्ट के अनुसार जालना में हर गांव का ‘वॉटर ऑडिट’ और जलस्रोतों की मैपिंग करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
पानी भरते ही बंद करें नल
महानगरपालिका ने शहरवासियों से अपील की है कि जलापूर्ति शुरू होने पर जरूरत के मुताबिक पानी भरने के बाद नल तुरंत बंद कर दें। पानी सड़क, नाली या अन्य स्थानों पर बहने न पाए, इसकी जिम्मेदारी संबंधित नागरिक की होगी। सभी नागरिकों को नलों पर उचित टोंटी लगाने के लिए भी कहा गया है, ताकि अनावश्यक रूप से पानी बहने से रोका जा सके।
15 अक्टूबर तक लीकेज ठीक कराना जरूरी
घरेलू नल कनेक्शन, नल, टोंटी और घर के भीतर की जलवाहिनी में किसी तरह की लीकेज या मरम्मत की जरूरत है तो उसे 15 अक्टूबर तक ठीक कराना होगा। निर्धारित समय के बाद लीकेज या पानी का अपव्यय मिलने पर महानगरपालिका दंडात्मक कार्रवाई करेगी।
मनपा की पाइपलाइन पर मोटर-पंप लगाने पर रोक
जिन क्षेत्रों में पर्याप्त जलापूर्ति हो रही है, वहां महानगरपालिका की मुख्य जलवाहिनी से सीधे पानी खींचने के लिए इलेक्ट्रिक मोटर या पंप का इस्तेमाल नहीं किया जा सकेगा। इसके साथ ही अनधिकृत नल कनेक्शन रखने वाले नागरिकों से उन्हें तत्काल नियमानुसार अधिकृत कराने को कहा गया है। महानगरपालिका की जलवाहिनी में बिना अनुमति किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ करने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
सड़क पर वाहन धोया तो भी होगी कार्रवाई
पेयजल का इस्तेमाल सड़क पर वाहन धोने, घर के सामने की सड़क साफ करने या अन्य गैर-जरूरी कामों के लिए नहीं करने की अपील की गई है। प्रशासन का कहना है कि मौजूदा सूखे की परिस्थितियों में पानी की प्रत्येक बूंद का जिम्मेदारी से इस्तेमाल जरूरी है।
- पहली बार उल्लंघन: ₹5,000 जुर्माना
- दूसरी बार उल्लंघन: ₹10,000 जुर्माना
- तीसरी बार उल्लंघन: ₹25,000 जुर्माना; आपराधिक मामला दर्ज करने की कार्रवाई भी प्रस्तावित
जल संकट से निपटने के लिए नागरिकों का सहयोग जरूरी
महानगरपालिका ने कहा है कि उपलब्ध पानी का किफायती और योजनाबद्ध इस्तेमाल ही संभावित जल संकट का प्रभाव कम कर सकता है। घरों में छोटी-सी लीकेज भी लंबे समय में बड़ी मात्रा में पानी की बर्बादी का कारण बन सकती है। जल संरक्षण से संबंधित राष्ट्रीय स्तर की जानकारी और जागरूकता सामग्री भारत सरकार के जल शक्ति मंत्रालय की वेबसाइट पर उपलब्ध है।
प्रशासन ने शहरवासियों से नल खुला न छोड़ने, लीकेज तत्काल ठीक कराने, अनावश्यक रूप से पानी इस्तेमाल न करने और जलापूर्ति व्यवस्था में महानगरपालिका का सहयोग करने की अपील की है। मौजूदा परिस्थितियों में उपलब्ध जल भंडार का जिम्मेदारी से इस्तेमाल पूरे शहर की जरूरतों के लिए अहम माना जा रहा है।
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