जालना/अंतरवली सराटी: मराठा आरक्षण की मांग को लेकर मनोज जरांगे पाटील का अंतरवली सराटी में आमरण अनशन पांचवें दिन भी जारी है। लगातार उपवास के बीच उनकी तबीयत को लेकर चिंता बढ़ रही है। इसी बीच जालना की जिलाधिकारी आशिमा मित्तल अधिकारियों के साथ आंदोलन स्थल पहुंचीं और जरांगे पाटील से बातचीत की। दोनों के बीच हुई बातचीत का एक हिस्सा अब महाराष्ट्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।
“आप सरकार की बाजू लेने के लिए आई हैं?”
रिपोर्टों के मुताबिक, बातचीत के दौरान जरांगे पाटील ने आशिमा मित्तल से सीधा सवाल किया कि क्या वह सरकार का पक्ष रखने के लिए आई हैं। इस पर मित्तल ने जवाब दिया कि सरकार की ओर से प्रशासनिक स्तर पर जानकारी देना उनका काम है। बातचीत में उन्होंने मराठा आरक्षण को लेकर सरकार की ओर से अब तक किए गए प्रयासों की जानकारी भी दी। citeturn0news1turn0news3
फांसी की बात पर जरांगे ने तुरंत रोका
इसी बातचीत के दौरान एक संवेदनशील प्रसंग सामने आया। प्रकाशित रिपोर्टों के अनुसार, जरांगे सरकार की भूमिका पर टिप्पणी कर रहे थे। इसी संदर्भ में आशिमा मित्तल ने कथित तौर पर कहा कि नौकरी करते हुए अगर फांसी लेने जैसी नौबत भी आए तो वह तैयार हैं। उनके इस कथित बयान के बाद जरांगे पाटील ने तुरंत उन्हें रोक दिया। citeturn0news1turn0news3
जरांगे ने कहा कि वह जिलाधिकारी हैं और उन्हें इस तरह की भाषा नहीं बोलनी चाहिए। उन्होंने समझाया कि किसी प्रशासनिक अधिकारी पर किसी फैसले को लेकर आलोचना हो सकती है, लेकिन ऐसी चरम भाषा का इस्तेमाल उचित नहीं है।
“आप अपनी ऊर्जा क्यों बर्बाद कर रही हैं?”
जरांगे पाटील ने बातचीत के दौरान आशिमा मित्तल की पढ़ाई और प्रशासनिक क्षमता का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि उन्होंने कठिन प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करके यह मुकाम हासिल किया है और उन्हें अपनी ऊर्जा प्रशासनिक काम में लगानी चाहिए। जरांगे ने सरकार के राजनीतिक नेतृत्व पर भी सवाल उठाए और कहा कि आरक्षण का समाधान सरकार को निकालना चाहिए। citeturn0news1turn0news3
प्रशासन की ओर से बातचीत जारी रखने की कोशिश
इससे पहले भी आशिमा मित्तल ने जरांगे से बातचीत करते हुए प्रशासन की सीमाओं और सरकार की ओर से संवैधानिक दायरे में किए जा सकने वाले प्रयासों की बात कही थी। उन्होंने जरांगे की बिगड़ती तबीयत को देखते हुए अनशन समाप्त करने और कम से कम पानी लेने की अपील की थी। एबीपी माझा की रिपोर्ट के अनुसार, प्रशासन की ओर से संवाद जारी रखने की बात भी कही गई थी। citeturn0search4
पांचवें दिन भी जारी है जरांगे का आंदोलन
मराठा आरक्षण की मांग को लेकर जारी इस आंदोलन के पांचवें दिन सरकार और प्रशासन की गतिविधियां तेज हो गई हैं। अधिकारियों के प्रतिनिधिमंडल की मुलाकात के बाद अब सरकार की ओर से आगे की बातचीत पर नजर है। रिपोर्टों के अनुसार, जरांगे पाटील ने 12 सितंबर को मुंबई की ओर जाने की घोषणा भी की है। हालांकि आंदोलन की आगे की दिशा सरकार और आंदोलनकारियों के बीच होने वाली बातचीत पर काफी हद तक निर्भर करेगी। citeturn0news1turn0news3
कौन हैं आशिमा मित्तल?
जालना की जिलाधिकारी आशिमा मित्तल भारतीय प्रशासनिक सेवा की अधिकारी हैं। उनके प्रशासनिक सफर और शिक्षा को लेकर आज कई मीडिया रिपोर्टों में जानकारी प्रकाशित हुई है। आंदोलन स्थल पर उनकी भूमिका फिलहाल सरकार और आंदोलनकारियों के बीच प्रशासनिक संवाद बनाए रखने की है।
आगे की बातचीत पर टिकी नजर
अंतरवली सराटी में जारी आंदोलन के बीच जरांगे पाटील और जिलाधिकारी आशिमा मित्तल की यह बातचीत प्रशासन और आंदोलन के बीच संवाद की संवेदनशीलता को सामने लाती है। एक ओर सरकार समाधान की कोशिश कर रही है, वहीं जरांगे अपनी मांगों पर कायम हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में सरकार की ओर से क्या प्रस्ताव आता है और जरांगे उसका क्या जवाब देते हैं, इस पर पूरे महाराष्ट्र की नजर है।
नोट: फांसी से जुड़ा कथन विभिन्न मीडिया रिपोर्टों में बातचीत के कथित उद्धरण के रूप में प्रकाशित हुआ है। NewsNationOnline इसे स्वतंत्र रूप से सत्यापित आधिकारिक बयान के रूप में प्रस्तुत नहीं कर रहा है।
