जालना: घनसावंगी तहसील के रांजणी और आसपास के इलाकों में लंबे समय से बारिश नहीं होने के कारण खरीफ की फसलें सूखने की कगार पर पहुंच गई हैं. खेतों में खड़ी फसलों की हालत खराब होने से किसानों की चिंता बढ़ गई है. ऐसे मुश्किल हालात में अच्छी बारिश के लिए रांजणी के मुस्लिम समाज के लोगों ने लगातार तीन दिनों तक नमाज़-ए-इस्तिस्का अदा कर अल्लाह से बारिश की दुआ मांगी.
इस साल क्षेत्र में बारिश देर से शुरू होने के कारण खरीफ फसलों की बुआई भी देरी से हुई. इसके बाद करीब डेढ़ महीने से पर्याप्त बारिश नहीं होने के कारण फसलों की बढ़वार प्रभावित हुई है. अब खेतों में नमी की कमी के चलते फसलें सूखने लगी हैं. बारिश की कमी का असर सिर्फ खेती तक सीमित नहीं है. पशुओं के चारे की समस्या भी बढ़ने लगी है, जबकि जल स्रोतों में पानी लगातार कम हो रहा है. ऐसे में पूरे क्षेत्र में सूखे जैसे हालात बनने लगे हैं और किसान आने वाले दिनों को लेकर चिंतित हैं.
तीन दिनों तक ईदगाह मैदान में अदा की गई नमाज़
बारिश के लिए रांजणी के मुस्लिम समाज की ओर से बुधवार, गुरुवार और शुक्रवार को लगातार तीन दिनों तक ईदगाह मैदान में नमाज़-ए-इस्तिस्का अदा की गई. इस दौरान रांजणी और आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में लोग ईदगाह मैदान पहुंचे.
सामूहिक नमाज़ के बाद लोगों ने अल्लाह से रहमत की बारिश के लिए दुआ की. लोगों ने दुआ की कि क्षेत्र में अच्छी और भरपूर बारिश हो, किसानों की फसलों को राहत मिले और सभी लोग प्राकृतिक आपदाओं से सुरक्षित रहें. दुआ के दौरान लोगों ने अल्लाह से यह भी प्रार्थना की कि उन्हें पैगंबर हजरत मुहम्मद (सअ) के बताए सच्चाई और नेक रास्ते पर चलने की समझ और हिदायत मिले.
मौलाना मुस्तकीम खान के नेतृत्व में अदा की गई नमाज़
रांजणी ईदगाह मैदान में आयोजित नमाज़-ए-इस्तिस्का मौलाना मुस्तकीम खान के नेतृत्व में अदा की गई. इसमें रांजणी के साथ आसपास के इलाकों के मुस्लिम समाज के लोग भी शामिल हुए.
लगातार बारिश की कमी के बीच किसानों और ग्रामीणों को अब आसमान से राहत की उम्मीद है. लोगों का कहना है कि समय रहते अच्छी बारिश हुई तो सूखने की कगार पर पहुंची खरीफ फसलों को काफी हद तक बचाया जा सकता है.