मुंबई के कुलाबा में 1500 साला जश्न-ए-मीलादुन्नबी ﷺ की भव्य योजना
समाचार रिपोर्ट | मुंबई | विशेष संवाददाता
मुंबई के कुलाबा स्थित दारुलउलूम हनफ़िया रज़विया में 1500 साला जश्न-ए-मीलादुन्नबी ﷺ के सिलसिले में एक विशेष बैठक का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में अनेक प्रतिष्ठित उलेमा, शिक्षक, छात्र और समाजसेवी शामिल हुए।
🕌 हज़रत सईद नूरी साहब का प्रेरणादायक संबोधन:
“1500 वर्षों का यह जश्न एक ऐतिहासिक अवसर है। अब सिर्फ 100 दिन शेष हैं। हमें इसे पूरे ईमान, मोहब्बत और उम्मत की एकजुटता के साथ मनाना चाहिए।”
🔖 विशेष अपीलें और सुझाव:
- हर घर में दरूद व सलाम की महफ़िलें आयोजित की जाएं।
- हर मुसलमान प्रतिदिन कम से कम 100 बार दरूद शरीफ़ पढ़े।
- 12 रबीउल अव्वल को जन्मे बच्चों का नाम मुहम्मद और बेटियों का नाम हुज़ूर ﷺ की बेटियों या उम्महातुल मोमिनीन पर रखा जाए।
- घरों, दुकानों और मस्जिदों पर पैग़म्बर ﷺ का झंडा फहराया जाए।
- सीरत-ए-मुस्तफा ﷺ पर भाषण, निबंध, प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिताएं आयोजित हों।
- सीरत पर आधारित किताबें उर्दू, हिंदी, रोमन और स्थानीय भाषाओं में प्रकाशित की जाएं।
📚 नई पुस्तकें और टोकन की घोषणा:
इमाम अहमद रज़ा एकेडमी, बरेली शरीफ की ओर से मौलाना मोहम्मद हनीफ़ साहब ने दो पुस्तकों की घोषणा की:
- सीरत-ए-नबवी ﷺ पर आधारित पुस्तक
- हदीस संग्रह — जिसमें इंसानियत, दया, अमन और मोहब्बत जैसे विषय शामिल होंगे
💠 मदीना ज़ियारत लकी ड्रा योजना:
रज़ा एकेडमी और मीलाद काउंसिल की ओर से “सीरत-ए-मुस्तफा ﷺ पुस्तक + टोकन” (मूल्य ₹1500) लॉन्च किया गया है। इस टोकन से 100 भाग्यशाली विजेताओं को मदीना मुनव्वरा की ज़ियारत का अवसर मिलेगा। इंशा अल्लाह।
🕋 समापन और दुआ:
कार्यक्रम का समापन हाफ़िज़ अब्दुलक़ादिर साहब की विशेष दुआ और सामूहिक दरूद व सलाम के साथ किया गया। सभी ने दुनिया में अमन, इंसाफ और उम्मत की एकता की दुआ मांगी।



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