जालना: जिले के भोकरदन शहर पर पेयजल संकट तेजी से गहराता जा रहा है. शहर की मुख्य जलापूर्ति का स्रोत जुई परियोजना 5 प्रतिशत से भी नीचे पहुंच गई है और उपलब्ध पानी लगभग दो सप्ताह की जरूरत ही पूरी कर सकता है. हालात को देखते हुए प्रशासन ने इसी महीने टैंकर से पानी पहुंचाने की संभावना पर तैयारी शुरू कर दी है.
जुई परियोजना पर पुलिस और जलसंसाधन विभाग की नजर
पानी की अवैध निकासी की घटनाओं के बाद पुलिस और जलसंसाधन विभाग की टीमें परियोजना क्षेत्र में गश्त कर रही हैं. प्राथमिकता बचा हुआ पानी पीने के लिए सुरक्षित रखने की है. जिलाधिकारी आशिमा मित्तल ने भोकरदन और घनसावंगी को विशेष रूप से संवेदनशील क्षेत्रों में बताया है.
यह स्थिति जिले में व्यापक जल संकट की चेतावनी को और गंभीर बनाती है. NewsNationOnline ने पहले बताया था कि प्रशासन ने हर गांव का वॉटर ऑडिट और जलस्रोतों की मैपिंग कराने के निर्देश दिए हैं.
टैंकर आपूर्ति की तैयारी क्यों अहम
अगर जलसाठा इसी रफ्तार से घटता रहा तो नियमित स्रोत से आपूर्ति बनाए रखना मुश्किल हो सकता है. इसलिए वैकल्पिक स्रोत, टैंकर रूट, गांववार जरूरत और पानी की चोरी रोकने की व्यवस्था अब प्रशासन के लिए निर्णायक होगी. नागरिकों से भी पानी का बेहद सीमित और जिम्मेदार उपयोग करने की अपील की जा रही है.
स्रोत: Times of India और स्थानीय प्रशासन से संबंधित प्रकाशित जानकारी.
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