TikTok वैश्विक संकट का सामना कर रहा है: भारत में बैन जारी, अमेरिका में समयसीमा बढ़ी, UK में छंटनी और मानसिक स्वास्थ्य मुकदमे
नई दिल्ली, 23 अगस्त 2025 — TikTok पर वैश्विक निगरानी तेज हो गई है। भारत में बैन जारी है, अमेरिका में शटडाउन समयसीमा बढ़ी, ब्रिटेन में AI आधारित छंटनी और किशोरों के मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े मुकदमे सामने आए हैं।
नीति और नियम
टेक्नोलॉजी
मुख्य बिंदु
- भारत: TikTok पर बैन जारी है।
- UK: AI आधारित मॉडरेशन के कारण सैकड़ों कर्मचारियों की नौकरी खतरे में।
- अमेरिका: बैन की नई समयसीमा 17 सितंबर 2025।
- किशोर मानसिक स्वास्थ्य पर मुकदमे बढ़ते जा रहे हैं।
भारत: लंबित बैन में कोई बदलाव नहीं
कुछ उपयोगकर्ताओं द्वारा TikTok वेबसाइट तक पहुंच की सूचना मिलने के बाद यह अफवाह फैली कि ऐप भारत में वापस आ गया है। हालांकि, सरकारी सूत्रों ने स्पष्ट किया कि ये रिपोर्ट “भ्रामक और गलत” हैं और कोई अनब्लॉकिंग आदेश नहीं जारी किया गया है।
जून 2020 में राष्ट्रीय सुरक्षा और डेटा गोपनीयता कारणों से TikTok पर प्रतिबंध लगाया गया था। भारत, जो कभी इसका बड़ा उपयोगकर्ता बाजार था, अब भी बंद रहने से कंपनी की वैश्विक रणनीति पर बड़ा असर पड़ा है।
ब्रिटेन: छंटनी और AI पर ध्यान
TikTok ने यूके और एशिया के कुछ हिस्सों में सैकड़ों कंटेंट मॉडरेटर और ट्रस्ट एवं सेफ्टी कर्मियों की छंटनी की घोषणा की है। कंपनी अब AI आधारित मॉडरेशन पर ज्यादा निर्भर हो रही है।
- AI ट्रांजिशन के दौरान मॉडरेशन में कमी की आशंका।
- लागत बचत बनाम उपयोगकर्ता सुरक्षा पर बहस।
- नियामक निगरानी बढ़ने की संभावना।
“Automation से गति बढ़ सकती है, लेकिन उपयोगकर्ता सुरक्षा के लिए जवाबदेही भी जरूरी है।”
अमेरिका: बैन की समयसीमा फिर बढ़ी
अमेरिकी प्रशासन ने TikTok पर लागू बैन की समयसीमा फिर बढ़ा दी है—अब यह 17 सितंबर 2025 तक है। व्हाइट हाउस ने राष्ट्रीय सुरक्षा का हवाला दिया, लेकिन अमेरिकी खरीदारों को कंपनी खरीदने का समय दिया गया है।
- शुरुआती आदेश: डिवेस्टमेंट या बंद।
- कई बार समयसीमा बढ़ाई गई।
- वर्तमान लक्ष्य: 17 सितंबर 2025
- अमेरिकी ऑपरेशंस को कौन खरीदेगा?
- डेटा गवर्नेंस कैसे लागू होगी?
- अगर बातचीत फिर रुक गई तो क्या होगा?
कानूनी दबाव: किशोर मानसिक स्वास्थ्य मुकदमे
अमेरिका के कई राज्यों और वॉशिंगटन डी.सी. के अटॉर्नी जनरल ने मुकदमे दायर किए हैं, जिसमें आरोप है कि TikTok का डिज़ाइन किशोरों को लत लगाने वाला है। हाल ही में सामने आए आंतरिक वीडियो में कर्मचारियों ने किशोरों के मानसिक स्वास्थ्य पर ऐप के संभावित नकारात्मक प्रभाव की चिंता व्यक्त की।
TikTok ने उम्र-आधारित गेटिंग, फ़ैमिली पेयरिंग टूल्स, स्क्रीन टाइम लिमिट्स और सामग्री फ़िल्टरिंग की ओर इशारा किया है, लेकिन आलोचकों का कहना है कि प्रवर्तन असंगत है।
- संवेदनशील सामग्री का एल्गोरिथमिक प्रचार
- अपर्याप्त आयु सत्यापन
- डेटा प्रवाह में पारदर्शिता की कमी
भविष्य: वैश्विक मोड़
TikTok का निकट भविष्य मुख्य रूप से नियामक निर्णयों और संभावित संरचनात्मक बदलावों पर निर्भर करेगा। अगले महीनों में कड़ी अनुपालन मांगें, सुरक्षित उपकरण और राजनीतिक निगरानी बढ़ने की संभावना है।
- भारत: मौजूदा नीतिगत बदलाव के बिना वापसी असंभव।
- अमेरिका: डिवेस्टमेंट या शासन ढांचे से बाजार पहुंच तय होगी।
- UK/EU: ऑनलाइन सुरक्षा नियमों का क्रियान्वयन AI मॉडरेशन का परीक्षण करेगा।

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