जालना: जालना शहर महानगरपालिका के वाहन विभाग में कथित अनियमितताओं और कामकाज में गंभीर लापरवाही के मामले में प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। महानगरपालिका आयुक्त अंजली शर्मा ने वाहन विभाग प्रमुख एवं विद्युत अभियंता अशोक कटारे तथा कर्मचारी सचिन ढवळे को निलंबित कर दिया है। दोनों के खिलाफ विभागीय जांच की जाएगी। सहायक आयुक्त विजय फुलंब्रीकर ने कार्रवाई की पुष्टि की है।
मामला खराब और कबाड़ वाहनों की नीलामी में देरी, कचरा संग्रहण वाहनों की समय पर मरम्मत नहीं कराने, छोटे इलेक्ट्रिक कचरा वाहनों की खरीद और टेंडर प्रक्रिया में कथित टालमटोल से लेकर डीजल बिल, ईंधन रिकॉर्ड और वाहनों की लॉगबुक तक कई मुद्दों से जुड़ा है।
RTI की जानकारी बनी कार्रवाई की अहम कड़ी
जालना शहर कांग्रेस के महासचिव वसीम खान पठान ने सूचना का अधिकार (RTI) के तहत वाहन विभाग से जुड़ी जानकारी हासिल करने के बाद महानगरपालिका प्रशासन से शिकायत की थी। शिकायत के बाद हुई जांच में कई मामलों में कथित देरी और लापरवाही सामने आने पर निलंबन की कार्रवाई की गई।
कबाड़ वाहनों की नीलामी और कचरा गाड़ियों की मरम्मत पर सवाल
जांच में महानगरपालिका के खराब और उपयोग से बाहर हो चुके वाहनों की नीलामी समय पर नहीं होने का मुद्दा सामने आया। कचरा संग्रहण में इस्तेमाल होने वाले वाहनों की मरम्मत में कथित लापरवाही तथा नई छोटी इलेक्ट्रिक कचरा गाड़ियों की खरीद और टेंडर प्रक्रिया में हुई देरी की भी विभागीय जांच की जाएगी।
डीजल बिल, ईंधन रिकॉर्ड और लॉगबुक भी जांच के घेरे में
जांच के दौरान डीजल बिल, ईंधन खपत के रिकॉर्ड और वाहनों की लॉगबुक में कथित विसंगतियां सामने आने की बात कही गई है। इसके साथ कई महत्वपूर्ण फाइलें और प्रस्ताव वरिष्ठ अधिकारियों के पास अंतिम समय में मंजूरी के लिए भेजे जाने का मामला भी जांच के दायरे में है।
गणेश विसर्जन की मशीनरी व्यवस्था पर भी सवाल
गणेश विसर्जन के दौरान आवश्यक क्रेन और अन्य मशीनरी की व्यवस्था तथा नियोजन में भी कथित लापरवाही का आरोप है। सचिन ढवळे के पास सफाई निरीक्षक पद का अतिरिक्त कार्यभार था और संबंधित मामलों में अपेक्षित निगरानी नहीं किए जाने का आरोप लगाया गया है।
‘राजनीतिक दबाव’ के दावे की भी होगी जांच
कुछ कामों में हुई देरी को लेकर अशोक कटारे की ओर से कथित तौर पर ‘राजनीतिक दबाव’ का हवाला दिए जाने की बात सामने आई है। विभागीय जांच में इस दावे की सत्यता और संबंधित प्रशासनिक प्रक्रियाओं की भी पड़ताल की जाएगी।
निलंबन आरोप सिद्ध होने का निष्कर्ष नहीं
फिलहाल दोनों को निलंबित कर विभागीय जांच शुरू करने की कार्रवाई की गई है। निलंबन का अर्थ आरोप सिद्ध होना नहीं है। जांच के निष्कर्ष के आधार पर आगे की प्रशासनिक कार्रवाई तय होगी।
यह भी पढ़ें: जालना महानगरपालिका के वाहन से जुड़ा यह मामला। जालना की अन्य स्थानीय खबरों के लिए Jalna News सेक्शन देखें।
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