Trump’s new order to increase financial burden on lawsuits challenging policies
सरकारी नीतियों को अदालत में चुनौती देने वालों को पहले जमा करनी होगी मोटी रकम
वाशिंगटन: अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को एक कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर किए, जिसमें सरकारी वकीलों को निर्देश दिया गया है कि वे ट्रंप की नीतियों को चुनौती देने वाले वादकर्ताओं से पहले बांड (गिरवी धन) जमा कराने की मांग करें।
रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, इस आदेश के तहत न्याय विभाग के वकील अब अदालतों से अनुरोध करेंगे कि यदि कोई वादी सरकार की किसी नीति को अवैध ठहराने के लिए मुकदमा दायर करता है और बाद में वह नीति कानूनी रूप से वैध साबित होती है, तो मुकदमा करने वाले को सरकार के खर्च और नुकसान की भरपाई करनी होगी। यह राशि अग्रिम रूप से बांड के रूप में जमा करनी होगी।
हालांकि, न्यायाधीश इन अनुरोधों को मानने के लिए बाध्य नहीं हैं, लेकिन यदि वे सहमत होते हैं, तो नीतियों को कानूनी चुनौती देने वाले व्यक्तियों और संगठनों को पहले ही बड़ी धनराशि जमा करनी पड़ सकती है, जिससे उनके लिए मुकदमा लड़ना कठिन हो जाएगा।
‘गलत दावों के लिए जवाबदेही जरूरी’ – ट्रंप

ट्रंप ने अपने आदेश में कहा, “संघीय अदालतों को उन वादियों को जवाबदेह ठहराना चाहिए जो झूठे दावे करते हैं और अनुचित प्रतिबंध लगाते हैं।” उन्होंने आरोप लगाया कि “सक्रियतावादी संगठन” उनकी सरकार की नीतियों को गलत तरीके से कानूनी चुनौती देकर अवरोध पैदा कर रहे हैं।
100 से अधिक मुकदमों के जवाब में यह आदेश आया
यह निर्देश ऐसे समय पर आया है जब ट्रंप प्रशासन की नीतियों को लेकर 100 से अधिक मुकदमे दायर किए जा चुके हैं। इनमें संघीय नौकरशाही को कम करने, सरकारी खर्च में कटौती, और आव्रजन व सामाजिक नीतियों में बदलाव जैसे मुद्दों को लेकर कानूनी चुनौतियां शामिल हैं। हालांकि, ट्रंप प्रशासन को कई मामलों में झटके लगे हैं, लेकिन हाल के हफ्तों में कुछ कानूनी जीत भी मिली हैं।
न्यायाधीशों ने अब तक कुछ मामलों में खारिज की बांड की मांग
सरकारी वकील पहले ही $3 ट्रिलियन की संघीय ऋण, अनुदान और वित्तीय सहायता पर ट्रंप के लगाए फ्रीज को चुनौती देने वाले एक मुकदमे में वादियों से बांड जमा कराने की मांग कर चुके हैं। लेकिन यूएस जिला न्यायाधीश लॉरेन अलीखान ने इस अनुरोध को खारिज कर दिया, यह कहते हुए कि वादियों को बांड के माध्यम से “बंधक” बनाना “तर्कहीन” होगा। उन्होंने अस्थायी रूप से फंडिंग फ्रीज को रोक दिया है और मामले की समीक्षा कर रही हैं।
इसके अलावा, मेडिकल रिसर्च अनुदानों में कटौती और अन्य वित्तीय फ्रीज के खिलाफ दर्ज मुकदमों में भी बांड की मांग की गई है, लेकिन इन पर अभी न्यायाधीशों का फैसला आना बाकी है।
नया आदेश कानूनी लड़ाई को करेगा जटिल?
ट्रंप के इस आदेश से सरकारी नीतियों को अदालत में चुनौती देना कठिन हो सकता है, क्योंकि बड़े बांड जमा करने की शर्त कमजोर संगठनों और व्यक्तियों के लिए कानूनी लड़ाई लड़ना मुश्किल बना सकती है। इससे प्रशासन की विवादित नीतियों के खिलाफ विरोध दर्ज कराने की प्रक्रिया में बड़ा बदलाव आ सकता है।
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