ऑपरेशन स्पाइडर वेब: यूक्रेन का जबरदस्त ड्रोन हमला — रूस के एयरबेस में तबाही, बमवर्षक विमानों का नाश
प्रकाशन तिथि: 1 जून 2025 | स्थान: कीव | स्रोत: http://www.newsnationonline.com
रूस-यूक्रेन युद्ध के इतिहास में पहली बार यूक्रेन ने इतनी साहसी और योजनाबद्ध कार्रवाई को अंजाम दिया है। “ऑपरेशन स्पाइडर वेब” नामक इस मिशन में यूक्रेन ने रूस के चार प्रमुख एयरबेसों पर ड्रोन से हमला किया, जिससे रूस की रणनीतिक सैन्य शक्ति को गहरा आघात लगा है।
🔴 प्रमुख एयरबेस जहां हमला हुआ:
- बेलाया एयरबेस (इरकुत्स्क, साइबेरिया)
- ओलेन्या एयरबेस (मुरमान्स्क के पास)
- द्यागिलेवो एयरबेस (मॉस्को के पास)
- इवानोवो एयरबेस (केंद्रीय रूस)
🛰️ हमले की रणनीति और क्रियान्वयन:
यूक्रेन की सुरक्षा एजेंसी (SBU) ने विशेष किस्म के ड्रोन को ट्रकों में छिपाकर रूस के अंदर गुप्त स्थानों से लॉन्च किया। इन ड्रोन को दूर से नियंत्रित किया गया और इन्हें इस तरह डिजाइन किया गया था कि रूस की वायु सुरक्षा व्यवस्था भी इन्हें ट्रैक नहीं कर सकी।
इस हमले में रूस के कम-से-कम 40 सैन्य विमान क्षतिग्रस्त या नष्ट हो गए हैं, जिनमें Tu-95, Tu-22M3 बमवर्षक और A-50 रडार विमान भी शामिल हैं।
💣 जवाब में रूस का बड़ा हमला:
रूस ने इस हमले के जवाब में 472 ड्रोन और कई मिसाइलें यूक्रेन पर दागीं, जो 2022 के बाद का सबसे बड़ा जवाबी हमला माना जा रहा है। इस हमले में जान-माल का बड़ा नुकसान हुआ और यूक्रेन की वायु सुरक्षा इकाई के एक वरिष्ठ अधिकारी ने इस्तीफा दे दिया।
🕊️ कूटनीतिक असर:
यह ऑपरेशन तब हुआ जब इस्तांबुल में रूस और यूक्रेन के बीच शांति वार्ता प्रस्तावित है। यूक्रेन की मांगों में युद्धविराम, युद्धबंदियों की रिहाई, अपहृत बच्चों की वापसी और पुतिन-ज़ेलेंस्की आमने-सामने बैठक की बात शामिल है।
🌍 वैश्विक प्रतिक्रिया:
विश्व के कई रक्षा विश्लेषकों ने इस ऑपरेशन को यूक्रेन की तकनीकी और रणनीतिक श्रेष्ठता का प्रतीक बताया है। वहीं, रूस ने इसे युद्ध को और उकसाने वाली कार्रवाई बताया है।
🔚 निष्कर्ष:
“ऑपरेशन स्पाइडर वेब” ने यह स्पष्ट कर दिया है कि यूक्रेन अब न केवल अपनी रक्षा बल्कि प्रतिशोधात्मक कार्रवाई के लिए भी पूरी तरह तैयार है। यह घटना भविष्य के सैन्य समीकरणों और शांति प्रयासों को गहराई से प्रभावित कर सकती है।


