सऊदी फैसले को बताया सराहनीय
मुंबई: जेद्दा में अंतरराष्ट्रीय पॉप सिंगर शकीरा का प्रस्तावित कार्यक्रम रद्द किए जाने पर मुंबई की रज़ा अकादमी ने राहत और खुशी जाहिर की है। अकादमी के अध्यक्ष अलहाज मोहम्मद सईद नूरी ने इस फैसले का स्वागत करते हुए सऊदी सरकार की सराहना की और इसे मुस्लिम समाज की भावनाओं का सम्मान बताया।

रज़ा अकादमी का बयान
रज़ा अकादमी ने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि मौजूदा समय में फिलिस्तीन, ग़ज़ा और लेबनान के मुसलमान गंभीर संकट से गुजर रहे हैं। ऐसे संवेदनशील हालात में मनोरंजन कार्यक्रम आयोजित करना उचित नहीं था। इस फैसले से यह स्पष्ट संदेश गया है कि लोगों की धार्मिक भावनाओं को प्राथमिकता दी जा रही है।
पहले ही जताया था विरोध
अकादमी के अनुसार, दो दिन पहले ही इस कार्यक्रम के खिलाफ विरोध दर्ज कराया गया था। संगठन ने इसे मुस्लिम समाज की भावनाओं के खिलाफ बताते हुए कार्यक्रम रद्द करने की मांग की थी।
हरमैन शरीफैन की पवित्रता का हवाला
अकादमी के पदाधिकारियों ने कहा कि हरमैन शरीफैन की पवित्र धरती दुनिया भर के मुसलमानों के लिए अत्यंत अहम है। ऐसे में वहां ऐसे आयोजनों से बचना जरूरी है जो धार्मिक और सामाजिक मूल्यों के विपरीत हों।
आगे भी ऐसे फैसलों की उम्मीद
अकादमी ने उम्मीद जताई कि भविष्य में भी सऊदी सरकार ऐसे निर्णय लेते समय मुस्लिम समाज की भावनाओं और इस्लामी परंपराओं का पूरा ध्यान रखेगी।
उम्मत की भावनाओं का सम्मान
अंत में अकादमी ने कहा कि यह फैसला केवल एक कार्यक्रम रद्द करने का नहीं, बल्कि पूरी उम्मत की भावनाओं को समझने और उनका सम्मान करने का प्रतीक है, जो सराहनीय है।
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स्रोत
अधिक जानकारी के लिए देखें: Arab News, Al Jazeera
