Trump Tariff: Will Modi be able to save India from losses of Rs 87,47,44,00,000?
अमेरिका दौरे पर पीएम नरेंद्र मोदी, ट्रम्प से अहम मुलाकात!
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अमेरिका दौरे के लिए रवाना हो चुके हैं। यह दौरा इसलिए भी खास है क्योंकि डोनाल्ड ट्रम्प के दोबारा राष्ट्रपति बनने के बाद यह मोदी की पहली अमेरिका यात्रा है। लेकिन इस यात्रा का सबसे बड़ा मुद्दा “ट्रम्प टैरिफ” होने वाला है, जिससे भारत को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।
भारत को 87,47,44,00,000 रुपये का झटका!
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने स्टील और एल्युमीनियम आयात पर 25% आयात शुल्क लगाने का फैसला किया है। इस फैसले से भारत के एल्युमीनियम निर्यात उद्योग को सबसे ज्यादा नुकसान होगा। भारत अपनी 12% एल्युमीनियम उत्पादन अमेरिका को निर्यात करता है, इसलिए इस नए शुल्क से भारत की अर्थव्यवस्था को बड़ा झटका लग सकता है।
भारतीय शेयर बाजार पर पड़ा असर
इस फैसले की आशंका से भारतीय शेयर बाजार में गिरावट देखी गई। 10 फरवरी 2025 को JSW स्टील और टाटा स्टील के शेयरों में बड़ी गिरावट आई, जिससे निवेशकों को भी नुकसान हुआ।
मोदी-ट्रम्प बैठक होगी अहम!
इस दौरे में पीएम नरेंद्र मोदी और डोनाल्ड ट्रम्प के बीच द्विपक्षीय बैठक होगी, जिसमें ट्रम्प टैरिफ पर बातचीत की जाएगी। नरेंद्र मोदी अमेरिका से आयात शुल्क में राहत देने की मांग कर सकते हैं। अगर ट्रम्प इस प्रस्ताव को स्वीकार कर लेते हैं, तो भारत को 1 बिलियन डॉलर (87,47,44,00,000 रुपये) का नुकसान नहीं होगा।
अमेरिका को भारत की एल्युमीनियम निर्यात – आंकड़े क्या कहते हैं?
नवंबर 2024 में भारत ने अमेरिका को 777 अरब डॉलर की एल्युमीनियम निर्यात की।
2023 में भारत की कुल निर्यात 6.7 ट्रिलियन डॉलर थी, जिसमें अमेरिका की हिस्सेदारी 11.5% थी।
2018 में ट्रम्प प्रशासन के इसी तरह के फैसले से भारत की निर्यात पर ज्यादा असर नहीं पड़ा था, लेकिन इस बार हालात अलग हैं।

ट्रम्प टैरिफ का वैश्विक प्रभाव
डोनाल्ड ट्रम्प के इस फैसले का असर सिर्फ भारत पर ही नहीं, बल्कि जापान, यूरोप, कनाडा और मेक्सिको जैसे देशों पर भी होगा। हालांकि, भारत के लिए यह संकट गहरा हो सकता है क्योंकि वैश्विक आपूर्ति बढ़ने से एल्युमीनियम की कीमतों में और गिरावट आ सकती है।
मोदी सरकार की रणनीति क्या होगी?
भारत इस बैठक में अमेरिका से आयात शुल्क कम करने की मांग कर सकता है। इसके बदले में, भारत भी कुछ अमेरिकी उत्पादों पर आयात शुल्क में छूट दे सकता है। नरेंद्र मोदी और डोनाल्ड ट्रम्प की दोस्ती इस बार कितनी फायदेमंद होगी, यह इस वार्ता के नतीजे पर निर्भर करेगा।
निष्कर्ष
मोदी सरकार इस बैठक में ट्रम्प को कैसे मनाती है, इस पर भारत के 87,47,44,00,000 रुपये के नुकसान का फैसला होगा। अगर मोदी की कूटनीति सफल होती है, तो भारतीय अर्थव्यवस्था को राहत मिलेगी। लेकिन अगर ट्रम्प अपने फैसले पर अड़े रहते हैं, तो भारतीय उद्योग और शेयर बाजार को बड़ा झटका लग सकता है।
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