न्यूज नेशन ऑनलाइन | नई दिल्ली | 11 अक्टूबर 2026
जंतर-मंतर विरोध में छात्र संगठनों की भूमिका और रविवार को कार्यकर्ताओं की हिरासत पर रिपोर्ट।
नई दिल्ली, 11 अक्टूबर 2026। चुनाव आयोग के खिलाफ जारी विरोध में रविवार को छात्र संगठनों ने भी भाग लिया। एआईएसए, एसएफआई और अन्य युवा संगठनों से जुड़े कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिए जाने की खबरों ने छात्र राजनीति और शांतिपूर्ण विरोध के अधिकार पर बहस तेज कर दी है।
इंडिया टुडे के अनुसार रविवार को लगभग दो सौ लोगों को हिरासत में लिया गया। रिपोर्ट में एआईएसए अध्यक्ष नेहा बोरा और अन्य छात्र कार्यकर्ताओं का उल्लेख है। संख्या प्रारंभिक मीडिया रिपोर्ट पर आधारित है, अंतिम सरकारी आंकड़ा नहीं।
क्या हैं प्रमुख सवाल?
प्रदर्शन में शामिल युवाओं की मुख्य चिंता मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर से संबंधित है। वे मतदाता सूची में नाम हटाए जाने के नियमों, शिकायतों के निवारण और चुनाव आयोग की पारदर्शिता को लेकर सवाल उठा रहे हैं।
चुनाव आयोग राजनीतिक पक्षपात के आरोपों को खारिज करता रहा है। किसी विशिष्ट नाम को गलत तरीके से हटाए जाने का निष्कर्ष मतदाता रिकॉर्ड, नोटिस और अपील के दस्तावेजों की जांच से ही निकलेगा।
सुप्रीम कोर्ट के रविवार के निर्देश के बाद अब यह देखना अहम होगा कि छात्र संगठनों के शांतिपूर्ण विरोध और दिल्ली पुलिस की कानून-व्यवस्था संबंधी कार्रवाई के बीच कानूनी सीमाओं का पालन कैसे होता है।
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बाहरी स्रोत: मूल रिपोर्ट पढ़ें
नोट: आरोपों को संबंधित पक्षों के दावे के रूप में प्रस्तुत किया गया है। नई आधिकारिक जानकारी मिलने पर खबर अपडेट की जाएगी।
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