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महिला प्रदर्शनकारियों से कथित बदसलूकी के आरोप अदालत तक, स्वतंत्र जांच और जवाबदेही की मांग

दिल्ली में सुरक्षा बैरिकेड का प्रतीकात्मक चित्र
कंप्यूटर द्वारा तैयार हिंदी ऑडियो

न्यूज नेशन ऑनलाइन | नई दिल्ली | 11 अक्टूबर 2026

महिला प्रदर्शनकारियों के साथ कथित बदसलूकी के आरोप, न्यायिक याचिका और पुलिस जवाबदेही से जुड़े सवाल।

नई दिल्ली, 11 अक्टूबर 2026। जंतर-मंतर प्रदर्शन के दौरान महिला प्रदर्शनकारियों से कथित दुर्व्यवहार के आरोप अदालत तक पहुंचे हैं। विपक्षी नेताओं ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं और आरोपों की जांच की मांग की है।

टाइम्स ऑफ इंडिया के अनुसार राष्ट्रीय जनता दल के नेता मनोज झा ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर दिल्ली पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाए। याचिका में महिला प्रदर्शनकारियों के साथ कथित यौन उत्पीड़न का उल्लेख किया गया। ये याचिकाकर्ता के आरोप हैं, न्यायालय द्वारा सिद्ध किए गए तथ्य नहीं।

क्या हैं प्रमुख सवाल?

इस मामले में आरोपित घटनाओं की तारीख, स्थान, उपलब्ध वीडियो, चिकित्सकीय रिकॉर्ड, गवाहों के बयान और आधिकारिक शिकायतें जांच के लिए अहम होंगी। किसी भी संबंधित पुलिसकर्मी की जिम्मेदारी निर्धारित करने से पहले निष्पक्ष प्रक्रिया आवश्यक है।

रविवार को सुप्रीम कोर्ट ने शांतिपूर्ण लोगों की हिरासत के संबंध में विधिक प्रक्रिया का पालन करने पर जोर दिया। यह व्यापक निर्देश महिलाओं के साथ कथित दुर्व्यवहार के विशिष्ट आरोपों का अंतिम न्यायिक निष्कर्ष नहीं है।

पुलिस को सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने का अधिकार है, जबकि प्रदर्शनकारियों को गरिमा और कानूनी संरक्षण का अधिकार प्राप्त है। जांच तथा पुलिस का जवाब उपलब्ध होने पर इस रिपोर्ट को अद्यतन किया जाना चाहिए।

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बाहरी स्रोत: मूल रिपोर्ट पढ़ें

नोट: आरोपों को संबंधित पक्षों के दावे के रूप में प्रस्तुत किया गया है। नई आधिकारिक जानकारी मिलने पर खबर अपडेट की जाएगी।


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Imran Siddiqui

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