जालना, 2 नवंबर 2026 — जालना जिले की बदनापुर तहसील में माइक्रोफाइनेंस वसूली के नाम पर महिलाओं को कथित रूप से धमकाने और अपमानित करने के खिलाफ शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) आक्रामक हो गई है. पार्टी के महिला मोर्चा की जिलाप्रमुख रूपम रमेश घुगे ने तहसीलदार को ज्ञापन देकर ऐसे एजेंटों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है. उन्होंने चेतावनी दी कि महिलाओं का मानसिक उत्पीड़न नहीं रुका तो तीव्र आंदोलन किया जाएगा.

रूपम घुगे ने सवाल उठाया कि क्या कर्ज देने से महिलाओं के सम्मान से खेलने का लाइसेंस मिल जाता है. उन्होंने कहा कि किस्तों की वसूली के लिए महिलाओं को धमकाना, अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल करना और सार्वजनिक जगहों पर बदनामी करना अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. ज्ञापन देते समय शिवसेना जिलाप्रमुख मनीष श्रीवास्तव, जिला संगठक भानुदास घुगे समेत पार्टी के कई पदाधिकारी मौजूद थे.
ज्ञापन में क्या आरोप लगाए गए
ज्ञापन के अनुसार बदनापुर तहसील की कई महिलाओं ने अलग-अलग माइक्रोफाइनेंस कंपनियों से कर्ज लिया है. आरोप है कि किस्त वसूलने के लिए इन कंपनियों के प्रतिनिधि महिलाओं के घर जाकर दबाव बनाते हैं, अपमानजनक भाषा बोलते हैं और धमकाकर मानसिक परेशानी देते हैं. ऐसी शिकायतें सामने आने की बात ज्ञापन में कही गई है. कुछ महिलाओं की सार्वजनिक जगहों पर बदनामी किए जाने का आरोप भी लगाया गया है.
घुगे ने कहा कि कर्ज वसूली के नाम पर किसी को महिलाओं का सम्मान कुचलने का अधिकार नहीं है. कर्ज चुकाने की जिम्मेदारी जरूर है, लेकिन वसूली के नाम पर महिलाओं को अपमानित करना, धमकाना या मानसिक उत्पीड़न करना गलत है. उन्होंने मांग की कि रिज़र्व बैंक के वसूली संबंधी नियमों का उल्लंघन करने वाले प्रतिनिधियों पर प्रशासन सख्त कार्रवाई करे.
शिवसेना (उबाठा) की प्रमुख मांगें
- महिलाओं को धमकाना और अपमानित करना तुरंत बंद करने के आदेश संबंधित कंपनियों को दिए जाएं
- गैरकानूनी और जबरन वसूली के तरीकों पर कार्रवाई हो
- तहसील स्तर पर शिकायत निवारण व्यवस्था बनाई जाए
- नियम तोड़ने वाले प्रतिनिधियों और कंपनियों पर कानूनी कार्रवाई हो
- महिलाओं की सुरक्षा के लिए पुलिस प्रशासन को जरूरी निर्देश दिए जाएं
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महिलाओं के सम्मान के लिए सड़क पर उतरने की चेतावनी
ज्ञापन में साफ चेतावनी दी गई है कि प्रशासन इस गंभीर मुद्दे पर तुरंत ध्यान देकर पीड़ित महिलाओं को न्याय दे, नहीं तो शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) महिलाओं के हक के लिए तीव्र आंदोलन करेगी. महिला मोर्चा ने कहा कि माइक्रोफाइनेंस कंपनियों को याद रखना चाहिए कि कर्ज वसूली से बड़ा महिलाओं का सम्मान है.
ज्ञापन पर जिलाप्रमुख मनीष श्रीवास्तव, जिला संगठक भानुदासनाना घुगे, महिला जिलाप्रमुख रूपम घुगे के साथ राजेंद्र जर्हाड, राहुल जर्हाड, अनीस पठान, पद्माकर पडूल, रामेश्वर फड, फैजान मिर्जा, बलीराम कोल्हे, रामराव अंभोरे, पद्माकर जर्हाड, भाउसाहेब ढाकणे आदि के हस्ताक्षर हैं.
वसूली को लेकर क्या कहते हैं नियम
कर्ज वसूली के दौरान कर्जदारों से उचित व्यवहार के लिए भारतीय रिज़र्व बैंक ने बैंकों और माइक्रोफाइनेंस संस्थाओं के लिए दिशा-निर्देश तय किए हैं. इनमें वसूली एजेंटों द्वारा धमकाने, अपमानजनक भाषा या परेशान करने वाले तरीकों पर रोक है. ऐसी किसी परेशानी की शिकायत संबंधित संस्था, पुलिस (112) या रिज़र्व बैंक के शिकायत पोर्टल पर की जा सकती है.
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रिपोर्ट: इमरान सिद्दीकी, जालना
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