छत्रपति संभाजीनगर नगर निगम में सत्ता का समीकरण स्पष्ट, महापौर-उपमहापौर के नामों पर मुहर
छत्रपति संभाजीनगर: नगर निगम में सत्ता गठन को लेकर लंबे समय से चल रही राजनीतिक चर्चाओं पर आखिरकार विराम लग गया है। नगर निगम की कमान अब भारतीय जनता पार्टी और शिवसेना (शिंदे गुट) के गठबंधन के हाथों में आ गई है। छत्रपति संभाजीनगर नगर निगम महापौर पद के लिए भाजपा के समीर राजूरकर और उपमहापौर पद के लिए शिवसेना (शिंदे गुट) के राजेंद्र जंजाल के नामों की आधिकारिक घोषणा कर दी गई है। इसके साथ ही नगर निगम में सत्ता की तस्वीर पूरी तरह साफ हो गई है।
भाजपा की गुट-स्थापना पूरी
इसी कड़ी में बुधवार को भाजपा की आधिकारिक गुट-स्थापना प्रक्रिया पूरी की गई। यह प्रक्रिया विभागीय आयुक्त कार्यालय में संपन्न हुई, जहां जिला अध्यक्ष किशोर शितोले के नेतृत्व में भाजपा के सभी पार्षद उपस्थित रहे। माननीय विभागीय आयुक्त जितेंद्र पापळकर की मौजूदगी में आवश्यक कागजी कार्यवाही पूरी की गई। इस बैठक में भाजपा के सभी 57 पार्षदों की उपस्थिति रही, जिससे पार्टी की एकजुटता स्पष्ट रूप से सामने आई।

गोविंद केंद्रे बने भाजपा गुटनेता
बैठक के दौरान सर्वसम्मति से गोविंद केंद्रे को भाजपा का गुटनेता चुना गया। गुटनेता चयन के बाद महापौर और उपमहापौर पदों के लिए पार्टी की ओर से नाम प्रदेश नेतृत्व को भेजे गए थे। प्रदेश नेतृत्व की सहमति के बाद अंततः महापौर पद के लिए समीर राजूरकर के नाम पर अंतिम मुहर लगी।
राजनीतिक बैठकों से बढ़ी हलचल
उल्लेखनीय है कि इससे पहले शिवसेना (शिंदे गुट) के समन्वयक विलास पारकर ने भाजपा शहर अध्यक्ष किशोर शितोले के निवास पर भेंट की थी। इस मुलाकात के बाद नगर निगम की राजनीति में हलचल तेज हो गई थी और सत्ता समीकरण को लेकर अटकलें लगाई जा रही थीं। अंततः दोनों दलों के शीर्ष नेतृत्व द्वारा नामों की घोषणा होते ही सभी अटकलों पर विराम लग गया।
नगर निगम में स्थिर सरकार की उम्मीद
भाजपा और शिवसेना (शिंदे गुट) के बीच बनी सहमति से नगर निगम में स्थिर और मजबूत प्रशासन की उम्मीद जताई जा रही है। महापौर और उपमहापौर के चयन के साथ ही अब विकास कार्यों को गति मिलने और प्रशासनिक निर्णयों में तेजी आने की संभावना है। शहरवासियों की नजर अब नई नगर निगम नेतृत्व टीम की कार्यप्रणाली और आगामी फैसलों पर टिकी हुई है।
छत्रपति संभाजीनगर नगर निगम महापौर
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