हर पदाधिकारी अगर आगे आए, तो संगठन और समाज दोनों नई दिशा पा सकते हैं — प्राचार्य डॉ. शंकर अंभोरे
स्वाभिमानी मुप्टा प्राध्यापक संघ का केंद्रीय एवं जिला स्तरीय संवाद सम्मेलन उत्साह और आत्मगौरव के साथ सम्पन्न
छत्रपति संभाजीनगर : भारतीय संविधान के निर्माता डॉ. भीमराव आंबेडकर द्वारा स्थापित पीपल्स एजुकेशन सोसायटी के अंतर्गत नागसेनवन परिसर स्थित डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर विधि महाविद्यालय में स्वाभिमानी मुप्टा प्राध्यापक संघ का केंद्रीय और जिला स्तरीय संवाद सम्मेलन ऐतिहासिक और उत्साहपूर्ण माहौल में सम्पन्न हुआ।
कार्यक्रम की अध्यक्षता संघ के संस्थापक अध्यक्ष प्राचार्य (प्रो.) डॉ. शंकर अंभोरे ने की। इस अवसर पर महाराष्ट्र के विभिन्न जिलों से आए शिक्षकों और पदाधिकारियों ने बड़ी संख्या में भाग लिया। सभागार में गूंजते “जय भीम” और “संघटन ज़िंदाबाद” के नारों ने वातावरण में जोश भर दिया।
संघटन की मजबूती ही बहुजन समाज की सच्ची ढाल
अपने प्रेरणादायक उद्बोधन में डॉ. अंभोरे ने कहा — “आज शिक्षा क्षेत्र में असमानता और अन्याय की चुनौतियाँ हैं। ऐसे समय में संगठन की एकता ही हमारी सबसे बड़ी ताकत है। हर पदाधिकारी अगर आगे आए और अपनी जिम्मेदारी निष्ठा से निभाए, तो संगठन और समाज दोनों को नई दिशा मिलेगी।”
उन्होंने कहा कि संघटनात्मक एकता बहुजन समाज के अधिकारों की रक्षा का सबसे प्रभावी माध्यम है और इसे बनाए रखना प्रत्येक सदस्य का कर्तव्य है।
शिक्षा क्षेत्र में समानता और पारदर्शिता के लिए प्रस्ताव
- राज्यभर के विश्वविद्यालयों में आउटसोर्सिंग नियुक्तियों में 50% आरक्षित वर्गों को अवसर दिया जाए।
- घंटे के आधार पर कार्यरत प्राध्यापकों का वेतन नियमित किया जाए और उसमें वृद्धि की जाए।
- विश्वविद्यालयों में बैकलॉग पदों को तुरंत भरा जाए।
- कर्मचारियों के चिकित्सा बिल की सीमा ₹10 लाख तक बढ़ाई जाए।
- विश्वविद्यालयों द्वारा बढ़ाए गए शुल्कों को कम किया जाए ताकि छात्रों को राहत मिल सके।
नए पदाधिकारियों की नियुक्ति
इस सम्मेलन में स्वामी रामानंद तीर्थ विश्वविद्यालय के विभागीय अध्यक्ष डॉ. बलभीम वाघमारे, सचिव डॉ. उत्तम गायकवाड, और कार्याध्यक्ष डॉ. शत्रुघ्न जाधव का सर्वसम्मति से चयन हुआ। इसके अलावा, लातूर, हिंगोली, परभणी और औरंगाबाद जिलों में भी नए पदाधिकारियों की नियुक्तियाँ की गईं।
सम्मान समारोह: समर्पण को सलाम
सेवानिवृत्त प्राध्यापकों और Career Advancement Scheme (CAS) के तहत पदोन्नति प्राप्त शिक्षकों का सम्मान किया गया। उनके वर्षों के समर्पण और निष्ठा ने उपस्थित सभी को भावुक कर दिया।
संघर्ष और संकल्प की नई राह
संवाद सम्मेलन के अध्यक्ष डॉ. किशोर सालवे ने कहा कि आने वाले विश्वविद्यालय प्राधिकरण चुनावों में संघ योजनाबद्ध रूप से भाग लेगा और बहुजन समाज के कर्मचारियों के अधिकारों की रक्षा के लिए सामूहिक संघर्ष करेगा।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. अनिल पांडे ने किया, जबकि आभार प्रदर्शन डॉ. विजय बैसाणे ने किया। राज्यभर से केंद्रीय और जिला स्तरीय पदाधिकारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
निष्कर्ष
इस संवाद सम्मेलन ने यह सिद्ध किया कि जब शिक्षक एकजुट होते हैं, तो समाज में परिवर्तन अवश्य संभव है। डॉ. शंकर अंभोरे के नेतृत्व में स्वाभिमानी मुप्टा प्राध्यापक संघ ने यह संकल्प दोहराया — “हम केवल शिक्षक नहीं, बल्कि समाज परिवर्तन के संवाहक हैं। संगठन की शक्ति से ही समानता और न्याय का नया अध्याय लिखा जाएगा।”


- The Wild Lives Next Door: What a Sparrow Can Teach Us About Our CitiesWild animals are closer than we think. A reflection on sparrows, urban biodiversity and why noticing nature can change how we see our cities.
- आज के अल्फ़ाज़: सच की धीमी आवाज़ | 26 अक्टूबर की मौलिक शायरीअफ़वाह, सच और ज़िम्मेदारी से बोलने की सीख पर 26 अक्टूबर 2026 की मौलिक देवनागरी शायरी. पढ़ें आठ शेर, उनका भावार्थ और आज का विचार.
- आज का सुविचार: अभ्यास से जड़मति भी बनता है सुजान | 26 अक्टूबर 2026कवि वृंद का दोहा — “करत-करत अभ्यास के, जड़मति होत सुजान।” जानें इसका अर्थ, एक सच्चा-सा उदाहरण और आज क्या करें।
- एशियन पैरा गेम्स 2026: 114 पदकों के साथ भारत का अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शनआइची-नागोया एशियन पैरा गेम्स 2026 में भारत ने 30 स्वर्ण, 35 रजत और 49 कांस्य समेत 114 पदक जीते और तालिका में चौथा स्थान पाया। प्रधानमंत्री ने इसे पूरे देश के लिए गर्व का क्षण बताया।
- मन की बात 139वां एपिसोड: ई-संजीवनी, जल संरक्षण और एकता दौड़ पर जोरप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 25 अक्टूबर को मन की बात के 139वें एपिसोड में ई-संजीवनी टेलीमेडिसिन, उत्तराखंड में नदी पुनर्जीवन, वोकल फॉर लोकल और 31 अक्टूबर की एकता दौड़ पर बात की।
Discover more from NewsNation Online
Subscribe to get the latest posts sent to your email.










