शालार्थ प्रणाली में दस्तावेज़ अपलोड के लिए समय सीमा बढ़ाने की मांग
छत्रपती संभाजीनगर, 19 अगस्त: मराठवाडा शिक्षक संघ ने शालार्थ प्रणाली में दस्तावेज़ अपलोड करने की अवधि बढ़ाने और गुम दस्तावेज़ों की साक्षांकित प्रतियां शालेय अभिलेखों से अपलोड करने की अनुमति देने की मांग मुख्यमंत्री और शालेय शिक्षण मंत्री से की है।
संघ के सरचिटणीस राजकुमार कदम, उपाध्यक्ष ज्ञानोबा वरवट्टे और जिल्हा सचिव भाई चंद्रकांत चव्हाण के नेतृत्व में शिष्टमंडल ने शिक्षा उपसंचालक प्रकाश मुकुंद से मुलाकात कर यह निवेदन सौंपा।
निवेदन में बताया गया है कि शालार्थ 2.0 में शिक्षक और शिक्षकेतर कर्मचाऱियों के प्रथम नियुक्ति आदेश, व्यक्तिगत मान्यता, रूजू रिपोर्ट और शालार्थ आईडी आदेश अपलोड किए जा रहे हैं। शुरू में केवल 2012 के बाद आईडी प्राप्त करने वाले कर्मचारियों को अपलोड के लिए कहा गया था, लेकिन बाद में सभी शिक्षक और शिक्षकेतर कर्मचारियों के दस्तावेज़ अपलोड करने के आदेश दिए गए।
कई शिक्षक जिनकी सेवा 20 वर्ष या उससे अधिक है, विभिन्न स्कूलों में स्थानांतरण, प्रधानाचारकों के बदलने और संस्थाओं में आंतरिक विवाद के कारण मूल दस्तावेज़ प्राप्त करने में कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं। इससे शिक्षक वर्ग का शारीरिक, मानसिक और आर्थिक स्वास्थ्य प्रभावित हो रहा है और अध्यापन प्रक्रिया पर भी नकारात्मक असर पड़ रहा है।
निवेदन में कहा गया है कि सेवानिवृत्ति के करीब शिक्षक से मूल नियुक्ति आदेश, रूजू रिपोर्ट और व्यक्तिगत मान्यता मांगना उचित नहीं है। इसलिए शालार्थ प्रणाली में दस्तावेज़ अपलोड करने की अवधि सितंबर 2025 तक बढ़ाई जाए और यदि मूल दस्तावेज़ उपलब्ध नहीं हैं तो शालेय अभिलेखों से साक्षांकित प्रतियां अपलोड करने की अनुमति दी जाए।
मराठवाडा शिक्षक संघ के अध्यक्ष सूर्यकांत विश्वासराव, सरचिटणीस राजकुमार कदम, कोषाध्यक्ष ए. बी. औताडे, उपाध्यक्ष ज्ञानोबा वरवटे, जिल्हा सचिव भाई चंद्रकांत चव्हाण और अन्य नेताओं ने चेतावनी दी है कि अगर मामला अनदेखा किया गया तो शिक्षक वर्ग आंदोलन के लिए मजबूर होगा।

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