मस्तिष्क में भावनाओं की पहली झलक का रहस्य सुलझा — स्टैनफोर्ड के वैज्ञानिकों ने किया क्रांतिकारी खुलासा
स्टैनफोर्ड मेडिसिन के शोधकर्ताओं ने पहली बार यह दिखाया है कि मस्तिष्क में भावनाएं कैसे और कब जन्म लेती हैं। यह प्रक्रिया दो चरणों में होती है — एक त्वरित वैश्विक प्रसारण और एक धीमा, स्थायी एकीकरण चरण। यह पैटर्न इंसानों और चूहों दोनों में समान पाया गया, जिससे यह साबित होता है कि यह तंत्र विकास की प्रक्रिया में संरक्षित है।
दो-चरणीय प्रक्रिया
- तेज़ प्रसारण चरण: उत्तेजना के तुरंत बाद मस्तिष्क के लगभग सभी हिस्सों में तेज़ सिग्नल का फैलाव।
- स्थायी एकीकरण चरण: धीमी लेकिन लंबी अवधि की गतिविधि, जो भावना को स्थिर करती है।
दवा का प्रभाव
कम मात्रा में केटामाइन देने से दूसरा चरण छोटा हो गया, जिससे भावनात्मक प्रतिक्रिया घट गई लेकिन तात्कालिक रिफ्लेक्स प्रभावित नहीं हुए। यह मानसिक स्वास्थ्य विकारों के इलाज के लिए नई दिशा प्रदान कर सकता है।
“हमने पहली बार पूरे मस्तिष्क की वह गतिविधि देखी है जो किसी भावना के आरंभ में होती है। यह खोज मानसिक स्वास्थ्य उपचारों के लिए महत्वपूर्ण है।” — प्रो. कार्ल डीसरोथ
Main Points (English)
- Stanford researchers mapped brain-wide activity during the first moments of an emotion.
- Two-phase pattern: a rapid global “broadcast” phase, followed by a slower “persistent” integration phase.
- Observed in both humans and mice — indicating evolutionary conservation.
- Low-dose ketamine shortened the persistent phase, reducing emotional response without affecting reflexes.
- Potential applications in treating PTSD, depression, OCD, and other emotional dysregulation disorders.

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