मनोज जरांगे पाटील की हत्या की साजिश का खुलासा; परली के प्रभावशाली नेता की भूमिका संदिग्ध, दो लोग हिरासत में
जालना: मराठा आरक्षण आंदोलन के प्रमुख नेता मनोज जरांगे पाटील की हत्या की साजिश का बड़ा खुलासा हुआ है। जालना पुलिस ने इस मामले में दो संदिग्धों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है। आरोप है कि इस साजिश के पीछे बीड जिले के परली शहर के एक बड़े और प्रभावशाली राजनीतिक नेता का हाथ हो सकता है। मामले में यह भी सामने आया है कि हत्या को अंजाम देने के लिए 2.5 करोड़ रुपये की सुपारी देने की पेशकश की गई थी।
निवेदन के बाद कार्रवाई हुई तेज
बुधवार देर रात, मनोज जरांगे पाटील के सहयोगियों ने जालना के पुलिस अधीक्षक को एक लिखित निवेदन सौंपा। इसमें स्पष्ट बताया गया कि जरांगे को जान से मारने की साजिश रची जा रही है और उनकी सुरक्षा को गंभीर खतरा है। निवेदन प्राप्त होने के बाद पुलिस ने तुरंत कार्रवाई शुरू की।
दो संदिग्ध हिरासत में, परली कनेक्शन उजागर
जालना पुलिस की स्थानीय गुन्हा शाखा ने बीड जिले के परली क्षेत्र से अमोल खुणे और दादा गरुड को हिरासत में लिया है।
- अमोल खुणे: मनोज जरांगे पाटील के पुराने सहयोगी के रूप में पहचाना जाता है।
- दादा गरुड: हत्या की योजना से जुड़ी बैठकों में शामिल होने का नाम सामने आया है।
पुलिस जांच में संकेत मिले हैं कि परली स्थित एक प्रभावशाली नेता ने हत्या की योजना बनाने के लिए कई बैठकें आयोजित की थीं।
सुपारी देने का दावा
पूछताछ और निवेदन में प्राप्त जानकारी के अनुसार, मनोज जरांगे की हत्या के लिए 2.5 करोड़ रुपये की सुपारी तय की गई थी। पुलिस इस वित्तीय लेन-देन और इसे देने वाले व्यक्तियों की जानकारी की भी जांच कर रही है।
जरांगे के समर्थक सतर्क, राजनीतिक हलचल तेज
साजिश की जानकारी सामने आते ही राजनीतिक हलकों में खलबली मच गई है। मनोज जरांगे के करीबी सहयोगी गंगाधर कालकुटे ने कहा कि वह इस मामले पर अभी कोई टिप्पणी नहीं करेंगे। उन्होंने कहा, “मनोज जरांगे पाटील पहले अपनी आधिकारिक भूमिका स्पष्ट करेंगे, उसके बाद ही मैं कोई बयान दूंगा।”
जांच का दायरा बढ़ा, कई पहलुओं की जांच जारी
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि बैठकें कहां हुईं, किन लोगों ने इसमें सक्रिय भूमिका निभाई, और सुपारी की धनराशि किसने और कैसे देने का प्रयास किया। पुलिस सूत्रों के अनुसार जांच में कई महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं और आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।
पुलिस अधीक्षक अजयकुमार बंसल ने बताया कि यदि जांच में कोई ठोस तथ्य सामने आता है, तो इस मामले में औपचारिक रूप से प्रकरण दर्ज किया जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि मनोज जरांगे ने उन्हें दी जा रही धमकियों और हत्या की साजिश के संबंध में बुधवार देर रात स्वयं लिखित शिकायत दर्ज करवाई थी। शिकायत में जिन दो संदिग्धों के नाम थे, उन्हें पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है और प्राथमिक जांच जारी है।

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