रेल संघर्ष समिति बैठक
रेल संघर्ष समिति की बैठक में जालना बंद की तैयारी

जालना-खामगांव रेल्वे मार्ग की मांग को लेकर रेल्वे संघर्ष समिति ने बुधवार (10 तारीख) को तीन घंटे के जालना बंद का आह्वान किया है। बंद को सफल बनाने के लिए समिति की ओर से जोरदार तैयारी की जा रही है। जनप्रतिनिधियों, व्यापारिक संगठनों, सामाजिक संस्थाओं और विभिन्न दलों के पदाधिकारियों से मुलाकात कर समर्थन जुटाया गया है। मंगलवार सुबह बाजारपेठ में पैदल रैली निकालकर आम नागरिकों से बंद को सफल बनाने की अपील की जाएगी।

सोमवार (8 तारीख) को समिति के अध्यक्ष सुभाषचंद्र देविदान की अध्यक्षता में बैठक आयोजित हुई। इसमें व्यापारी महासंघ के शहराध्यक्ष सतीश पंच, कार्याध्यक्ष अंकुशराव राऊत, महासचिव फिरोजअली मौलाना, कोषाध्यक्ष गेंदालाल झुंगे, राष्ट्रवादी (शरद पवार) कांग्रेस के शहराध्यक्ष नंदकिशोर जांगडे, धनराज काबलिये, अशोक मिश्रा, हिरालाल पिपरिये, डॉ. राधेश्याम जैस्वाल, सुरेश सदगुरे, नितीन चौधरी, शिवरतन जांगडे, रमेशचंद्र अग्रवाल, गोपाल भुरेवाल, एड. हरिश्चंद्र चौधरी, अशोक हुरगट, धर्मा खिल्लारे, एड शिवराम सतकर, अनया अग्रवाल, शीतल तनपुरे, मनकर्णा डांगे, नंदा पवार, डॉ. केदार करवा, प्रकाश बोडले, भरत चौधरी, संजय गायकवाड, मिर्जा अनवर बेग, राहुल हिवराले और गौतम वाघमारे उपस्थित रहे।

बैठक में यह निर्णय लिया गया कि यदि जालना-खामगांव रेल्वे मार्ग बनाया जाता है, तो इससे जालना के व्यापार, शिक्षा, उद्योग और आर्थिक विकास को नया आयाम मिलेगा और मराठवाड़ा-विदर्भ के बीच सीधा संपर्क स्थापित होगा। इस मांग को लेकर रेल मंत्री और केंद्र सरकार को ई-मेल के जरिए जनभावनाएं भेजने का भी फैसला लिया गया।

जनप्रतिनिधियों का समर्थन

समिति ने इस बंद के लिए विधायक अर्जुन खोतकर, विधायक बबनराव लोणीकर, पूर्व मंत्री राजेश टोपे, पूर्व विधायक कैलास गोरंट्याल, राष्ट्रवादी कांग्रेस के जिलाध्यक्ष पूर्व विधायक अरविंद चव्हाण, कांग्रेस के जिलाध्यक्ष राजाभाऊ देशमुख, राष्ट्रवादी कांग्रेस (शरद पवार गट) के जिलाध्यक्ष डॉ. निसार देशमुख, शिवसेना (उ.बा.ठा.) के जिलाध्यक्ष भास्करराव अंबेकर, वंचित बहुजन आघाडी के जिलाध्यक्ष डेविड घुमारे, एम.आई.एम. के जिलाध्यक्ष शेख माजेद और बहुजन समाज पार्टी के जिलाध्यक्ष राहुल करनाडे से मुलाकात की। सभी जनप्रतिनिधियों ने जालना बंद को पूर्ण समर्थन देने की घोषणा की।

📌 यह समाचार स्थानीय स्रोतों एवं समिति के बयानों पर आधारित है — जनता का सहयोग और शांतिपूर्ण भागीदारी अपेक्षित है।