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जालना में आवारा कुत्तों का कहर — आठ लोग घायल, दो मासूमों को गंभीर हालत में छत्रपति संभाजीनगर रेफर

जालना : शहर में आवारा कुत्तों का आतंक एक बार फिर बढ़ गया है। महानगरपालिका द्वारा कई बार अभियान चलाने के बावजूद मोकाट (आवारा) कुत्तों की समस्या थमने का नाम नहीं ले रही है। हालिया घटनाओं ने नागरिकों में भय और नाराज़गी दोनों बढ़ा दिए हैं।

मंगलवार (4 नवंबर) को जुना जालना, संजयनगर, नेशनल नगर और गीतांजली नगर क्षेत्रों में आवारा कुत्तों ने सात से आठ लोगों पर हमला कर उन्हें गंभीर रूप से घायल कर दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ये कुत्ते झुंड बनाकर रिहायशी इलाकों में घूम रहे थे और पैदल चलने वालों, दोपहिया वाहन चालकों तथा सड़कों पर खेलते बच्चों पर हमला कर रहे थे।

घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। जिन घायल लोगों के नाम तथा विवरण मिले हैं वे इस प्रकार हैं:

  • अबूजर शेख, उम्र 13 — नूतन वसाहत
  • अलीना खान, उम्र 5 — नूतन वसाहत (गंभीर, छत्रपती संभाजीनगर रेफर)
  • अलियान चाऊस, उम्र 4 — छत्रपती संभाजीनगर चौफुली (गंभीर, छत्रपती संभाजीनगर रेफर)
  • संभाजी वखरे, उम्र 34 — म्हाडा कॉलोनी
  • बलराज कलानी, उम्र 6 — म्हाडा कॉलोनी

सभी घायलों को तत्काल जिला सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया। गंभीर हालत वाले दो नन्हे बच्चों अलीना खान और अलियान चाउस को छत्रपती संभाजीनगर के एक उच्च वरीय अस्पताल में रेफर किया गया है।

स्थानीय नागरिकों ने दावा किया है कि पिछले कुछ दिनों से किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा बाहर से कुत्तों को शहर में लाकर छोड़ा जा रहा है, जिससे उनकी संख्या अचानक बढ़ी है। शहरवासी बार-बार शिकायत कर चुके हैं कि महानगरपालिका का निर्बीजीकरण अभियान प्रभावी नहीं साबित हो रहा है और समस्या बढ़ती जा रही है।

घटना की जानकारी मिलते ही महानगरपालिका के अतिरिक्त आयुक्त अर्जुन गिराम ने तत्काल कुत्ते पकड़ने वाली टीम को घटनास्थल पर भेजा। टीम ने स्थानीय नागरिकों की मदद से कई आवारा कुत्तों को पकड़कर नियंत्रण में लिया।

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिये महानगरपालिका को जल्द विशेष, संगठित अभियान चलाना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र ठोस कदम नहीं उठाए गए तो वे नागरिक आंदोलन के लिये मजबूर होंगे।


क्या होने चाहिए अगला कदम? प्रशासन को चाहिए कि तुरंत:

  • सार्वजनिक स्थानों और झुग्गी-बस्तियों के पास विशेष पकड़- एवं उपचार अभियान तेज़ किया जाए।
  • कुत्तों के निर्बीजीकरण (vaccination & sterilization) और नियंत्रित आवास के लिये योजनाबद्ध कार्रवाई की जाए।
  • नागरिकों को आत्म-रक्षा और हमले की स्थिति में तत्काल क्या करना चाहिए इसकी जानकारी का कैंप चलाया जाए।


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Rashmi Bagdi
Rashmi Bagdi is a journalist and digital content creator associated with NewsNation Online. She specializes in reporting on local news, civic issues, education, government updates, and viral stories with a reader-focused approach.

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