नई दिल्ली, 29 सितंबर 2026: मतदाता सूची के Special Intensive Revision यानी SIR को लेकर चल रही बहस के बीच चुनाव आयोग की निर्णय प्रक्रिया पर भी सवाल उठ रहे हैं। कुछ रिपोर्टों में आयोग के भीतर दर्ज आपत्तियों का उल्लेख किया गया है।
रिपोर्टों के अनुसार दो चुनाव आयुक्तों ने मतदाता पंजीकरण और मतदाता सूची से संबंधित प्रक्रियाओं पर आपत्तियां दर्ज कीं। वहीं आयोग का कहना है कि अंतिम निर्णय आयोग की प्रक्रिया के तहत लिए गए और आंतरिक मतभेद की तस्वीर सही नहीं है।
SIR क्यों महत्वपूर्ण है?
SIR का उद्देश्य मतदाता सूची की समीक्षा और सत्यापन से जुड़ा है। इसी प्रक्रिया के दौरान नामों की स्थिति, दस्तावेज, नए मतदाता पंजीकरण और अपील जैसे मुद्दे सार्वजनिक चर्चा में आए हैं।
स्रोत: भारत निर्वाचन आयोग | द इंडियन एक्सप्रेस
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