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पैराग्वे में राष्ट्रपति की कुर्सी गई, घर में नजरबंद किए गए सैंटियागो पेना; बैंक संकट से देश में हड़कंप

पैराग्वे के झंडे, संसद और बैंक संकट का प्रतीकात्मक संपादकीय चित्र
कंप्यूटर द्वारा तैयार हिंदी ऑडियो

Paraguay President Impeachment: दक्षिण अमेरिकी देश पैराग्वे में यूएनो डिजिटल बैंक के अचानक संकट में फंसने के बाद राष्ट्रपति सैंटियागो पेना को पद से हटा दिया गया है. शुक्रवार, 6 नवंबर 2026 को संसद के ऊपरी सदन सीनेट में मौजूद सभी 44 सदस्यों ने महाभियोग के पक्ष में मतदान किया. इसके कुछ ही समय बाद पेना को उनके घर में नजरबंद कर दिया गया. पूर्व उपराष्ट्रपति पेड्रो अलियाना ने नए राष्ट्रपति के रूप में शपथ ली है.

बैंक के लाखों ग्राहकों की बचत और भुगतान सेवाएं प्रभावित होने से देश में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए. बैंक को मिले सरकारी धन, नियामकीय निगरानी और पूर्व राष्ट्रपति के पुराने कारोबारी संबंधों पर सवाल उठ रहे हैं. हालांकि पेना ने अपने खिलाफ लगाए गए गलत काम के आरोपों से इनकार किया है. महाभियोग और आपराधिक जांच अलग प्रक्रियाएं हैं; आरोपों पर अदालत का अंतिम फैसला अभी नहीं आया है.

तीन दिनों में बैंक संकट से राष्ट्रपति की विदाई तक

इस राजनीतिक घटनाक्रम की शुरुआत यूएनो (Ueno) बैंक की वित्तीय स्थिति बिगड़ने से हुई. पैराग्वे के केंद्रीय बैंक ने मंगलवार को हस्तक्षेप करते हुए बताया कि बैंक निर्धारित न्यूनतम वित्तीय मजबूती की शर्तें पूरी नहीं कर पा रहा था. इसके बाद खाताधारकों को अपनी रकम निकालने और रोजमर्रा के भुगतान करने में परेशानी हुई. बैंक के करीब 29 लाख से 30 लाख ग्राहक बताए गए हैं. बड़ी संख्या में ऐसे लोग भी इसके ग्राहक थे जिन्होंने पहली बार बैंक खाता खुलवाया था.

राजधानी असुनसियोन समेत अन्य इलाकों में प्रदर्शन होने लगे. लोगों की प्रमुख मांग अपनी जमा रकम तक दोबारा पहुंच और जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही थी. सरकार और बैंकिंग नियामकों पर दबाव बढ़ने के साथ संसद ने राष्ट्रपति की भूमिका की जांच शुरू की.

राष्ट्रपति पर क्या आरोप लगे?

सांसदों ने आरोप लगाया कि पेना के प्रशासन के दौरान सार्वजनिक संस्थानों की बड़ी रकम यूएनो बैंक में जमा कराई गई और बैंक की जोखिमपूर्ण गतिविधियों पर पर्याप्त निगरानी नहीं रखी गई. जांच का एक मुद्दा पेना का उस कारोबारी समूह से पुराना संबंध भी है जिससे यूएनो जुड़ा रहा है. पेना का कहना है कि उन्होंने समूह में अपनी हिस्सेदारी 2025 में बेच दी थी और उन्होंने किसी गलत काम में भाग नहीं लिया.

अभियोजक विश्वासघात, प्रभाव का अनुचित इस्तेमाल और सार्वजनिक पद से निजी लाभ लेने जैसे संभावित अपराधों की जांच कर रहे हैं. यह जांच जारी है; आरोप लगना दोष सिद्ध होने के बराबर नहीं है. बैंक के पूर्व अधिकारियों और नियामकों की भूमिका भी जांच के दायरे में है.

इस्तीफे की पेशकश के बावजूद महाभियोग क्यों?

पेना ने गुरुवार को पद छोड़ने की पेशकश की थी, लेकिन संसद ने इस्तीफे पर प्रक्रिया पूरी करने के बजाय महाभियोग आगे बढ़ाया. शुक्रवार को सीनेट के 44 उपस्थित सदस्यों ने उन्हें हटाने के पक्ष में वोट दिया. महाभियोग के बाद उन्हें राष्ट्रपति पद छोड़ना पड़ा. पैराग्वे के संवैधानिक प्रावधानों के तहत महाभियोग से हटाए गए पूर्व राष्ट्रपति को आजीवन सीनेटर का दर्जा नहीं मिलता, जो इस प्रक्रिया का एक महत्वपूर्ण कानूनी पहलू है.

नजरबंदी, पुलिस का पहरा और नए राष्ट्रपति की शपथ

महाभियोग के तुरंत बाद अभियोजन अधिकारियों ने पेना को राजधानी असुनसियोन स्थित उनके आवास पर नजरबंद करने का आदेश दिया. पुलिस ने घर के आसपास सुरक्षा घेरा बनाया. उन्हें शनिवार को आर्थिक अपराध से संबंधित अभियोजन इकाई के समक्ष पेश होने के लिए कहा गया. दूसरी ओर पेड्रो अलियाना ने राष्ट्रपति पद की शपथ ली. वे अगस्त 2028 तक मौजूदा कार्यकाल का शेष हिस्सा पूरा करने वाले हैं.

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अलियाना ने अपने पहले संबोधन में बैंक संकट से प्रभावित नागरिकों को आर्थिक राहत और मुआवजा दिलाने का आश्वासन दिया. हालांकि खाताधारकों को रकम कब और किस प्रक्रिया से मिलेगी, यह बैंक की परिसंपत्तियों, नियामकीय कार्रवाई और जमा सुरक्षा व्यवस्था पर निर्भर करेगा.

यूएनो बैंक इतना महत्वपूर्ण क्यों था?

यूएनो एक तेजी से बढ़ा डिजिटल बैंक था, जिसने ऐसे लोगों तक बैंकिंग सेवाएं पहुंचाईं जो पहले औपचारिक बैंकिंग प्रणाली से बाहर थे. रिपोर्टों के मुताबिक लगभग 30 लाख ग्राहकों और बड़ी मात्रा में सार्वजनिक धन के कारण इसकी विफलता का असर सिर्फ निवेशकों तक सीमित नहीं रहा. आम परिवारों, पेंशन पाने वालों, छोटे कारोबारियों और डिजिटल भुगतान पर निर्भर लोगों को भी मुश्किलों का सामना करना पड़ा.

पैराग्वे के केंद्रीय बैंक का कहना है कि संकट से प्रभावित बैंक की संपत्तियों और खातों को सुरक्षित रखने तथा स्थानांतरित करने की कार्रवाई चल रही है. नियामकों ने यह भी संकेत दिया है कि यूएनो का संकट पूरे बैंकिंग क्षेत्र की विफलता का प्रमाण नहीं है. इसके बावजूद जनता का भरोसा बहाल करना नई सरकार के सामने बड़ी चुनौती है.

अब आगे क्या होगा?

इस मामले में तीन प्रक्रियाओं पर नजर रहेगी—पूर्व राष्ट्रपति और बैंक अधिकारियों के खिलाफ जांच, जमाकर्ताओं की रकम लौटाने की व्यवस्था और नई सरकार के प्रशासनिक फैसले. महाभियोग से सत्ता परिवर्तन हो चुका है, लेकिन वित्तीय संकट का समाधान और संभावित आपराधिक जिम्मेदारी का निर्धारण अभी बाकी है.

स्रोत और आगे पढ़ें: Reuters की रिपोर्ट, Associated Press और AFP. अंतरराष्ट्रीय खबरों के लिए NewsNationOnline का अंतरराष्ट्रीय समाचार अनुभाग देखें.


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Imran Siddiqui
Imran Siddiqui is a senior journalist and editor of NewsNationOnline, with over 17 years of experience covering news, politics, education and social issues in Maharashtra.

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