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जालना में सालभर से PR कार्ड ब्लॉक, रजिस्ट्री-फेरफार अटके; राजमाता गांधी हाउसिंग सोसायटी ने कलेक्टर से मांगी जांच

राजमाता गांधी हाउसिंग सोसायटी के सदस्य जालना जिलाधिकारी कार्यालय के बाहर
कंप्यूटर द्वारा तैयार हिंदी ऑडियो

जालना: राजमाता गांधी हाउसिंग सोसायटी के सदस्यों के PR कार्ड करीब एक साल से ब्लॉक होने के कारण प्लॉट की रजिस्ट्री और फेरफार का काम अटका हुआ है। लंबे समय से समस्या का समाधान नहीं होने पर सोसायटी के अध्यक्ष दिनकर मारोतराव देशमुख के नेतृत्व में सदस्य मंगलवार, 6 अक्टूबर को जिला कलेक्टर कार्यालय पहुंचे। सदस्यों ने पूरे मामले की जांच कर PR कार्ड से जुड़ी रुकावट जल्द दूर करने की मांग की।

राजमाता गांधी हाउसिंग सोसायटी के सदस्य जालना जिलाधिकारी कार्यालय के बाहर

सोसायटी के मुताबिक, PR कार्ड ब्लॉक होने से सदस्य अपने प्लॉट की रजिस्ट्री नहीं करा पा रहे हैं और फेरफार की एंट्री भी नहीं हो रही है। इससे कई लोगों के संपत्ति संबंधी लेन-देन अटक गए हैं। खासकर वरिष्ठ नागरिकों को आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। महाराष्ट्र सरकार के आधिकारिक महाभूमि पोर्टल पर डिजिटल प्रॉपर्टी कार्ड और फेरफार समेत भूमि अभिलेख से जुड़ी नागरिक सेवाएं उपलब्ध हैं।

भूमि अभिलेख विभाग की कार्रवाई पर गंभीर आरोप

सोसायटी के अध्यक्ष दिनकर मारोतराव देशमुख ने मीडिया से बातचीत में उप अधीक्षक, भूमि अभिलेख, जालना की कार्रवाई पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि किसी के कहने पर और कथित आर्थिक लेन-देन के बाद सोसायटी के सदस्यों के PR कार्ड ब्लॉक किए गए।

इन आरोपों की स्वतंत्र या आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और संबंधित अधिकारी का पक्ष अभी सामने नहीं आया है। ऐसे में आरोप सही हैं या नहीं, यह प्रशासनिक जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।

‘सदस्यों के साथ सरकार के राजस्व का भी नुकसान’

देशमुख का कहना है कि PR कार्ड ब्लॉक होने से सोसायटी के कई सदस्य अपने प्लॉट से जुड़े जरूरी व्यवहार नहीं कर पा रहे हैं। रजिस्ट्री और फेरफार रुकने के कारण संपत्ति के सौदे भी प्रभावित हुए हैं। सोसायटी ने दावा किया है कि इससे केवल सदस्यों को आर्थिक नुकसान नहीं हो रहा, बल्कि रजिस्ट्री के जरिए सरकार को मिलने वाले राजस्व पर भी असर पड़ रहा है।

जालना जिलाधिकारी कार्यालय के बाहर राजमाता गांधी हाउसिंग सोसायटी के सदस्य

SLR के पास 1 सितंबर को दिया था पुनर्विचार आवेदन

सोसायटी के अनुसार, समस्या को लेकर पहले उप अधीक्षक, भूमि अभिलेख, जालना के कार्यालय में आवेदन दिया गया था। वहां से अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने पर 1 सितंबर 2026 को जिला अधीक्षक, भूमि अभिलेख (SLR), जालना के पास पुनर्विचार आवेदन दाखिल किया गया। सदस्यों का कहना है कि इस आवेदन पर भी अब तक कोई ठोस फैसला नहीं हुआ। इसके बाद उन्होंने जिला कलेक्टर से मुलाकात कर पूरे मामले की जानकारी दी और लिखित निवेदन सौंपा। जालना जिला प्रशासन की आधिकारिक वेबसाइट पर राजस्व सेवाओं और कलेक्टर कार्यालय की जानकारी उपलब्ध है।

आठ दिन में जांच का आश्वासन मिलने का दावा

दिनकर देशमुख के मुताबिक, कलेक्टर ने उनकी शिकायत पर पूरे मामले की जांच कराने और आठ दिन के भीतर जवाब देने का आश्वासन दिया है। अब जांच में यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि राजमाता गांधी हाउसिंग सोसायटी के PR कार्ड किस कारण से ब्लॉक किए गए, इसके लिए कोई लिखित आदेश या कानूनी आधार था या नहीं और रजिस्ट्री व फेरफार की प्रक्रिया करीब एक साल से क्यों अटकी हुई है।

कथित आर्थिक लेन-देन से जुड़ा आरोप गंभीर है, लेकिन फिलहाल यह सोसायटी अध्यक्ष का आरोप है। भूमि अभिलेख विभाग या संबंधित अधिकारी की ओर से पक्ष सामने आने के बाद ही मामले की पूरी तस्वीर साफ हो सकेगी। जालना में प्रशासन से जुड़ी अन्य खबरों के लिए NewsNationOnline की शहर विकास पर जिलाधिकारी की समीक्षा और महानगरपालिका की विभागवार समीक्षा भी पढ़ी जा सकती है।


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Imran Siddiqui

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