जालना, 6 अक्टूबर: युवाओं के कौशल, नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कार्यरत MAGIC-ITI Jalna Incubation Centre ने अपनी स्थापना का पहला वर्ष पूरा कर लिया। इस अवसर पर सेंटर का प्रथम वर्धापनदिन और ‘MAGIC Idea Hackathon 2026’ का ग्रैंड फिनाले उत्साह के साथ आयोजित किया गया। कार्यक्रम में जिलाधिकारी आशिमा मित्तल की प्रमुख उपस्थिति रही, जबकि व्यवसाय शिक्षा एवं प्रशिक्षण के छत्रपति संभाजीनगर प्रादेशिक विभाग के सहसंचालक प्रदीप दुर्गे प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।

75 प्रोजेक्ट्स में से 25 पहुंचे फाइनल में
हैकाथॉन में कुल 75 प्रोजेक्ट्स शामिल हुए। इनमें से 25 प्रोजेक्ट्स का चयन अंतिम दौर के लिए किया गया। ग्रैंड फिनाले में प्रतिभागियों ने अपने इनोवेटिव आइडिया और तकनीकी प्रोजेक्ट प्रस्तुत किए। प्रतियोगिता के ITI वर्ग में ‘Waste Oil Cooking’ ने विजेता का खिताब हासिल किया, जबकि नॉन-ITI वर्ग में ‘Agronova’ ने बाजी मारी।

एक साल में 11 स्टार्टअप्स को मिला आधार
जिलाधिकारी आशिमा मित्तल ने MAGIC-ITI Jalna Incubation Centre की प्रगति की सराहना करते हुए विद्यार्थियों से उपलब्ध संसाधनों, प्रशिक्षण और मार्गदर्शन का अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील की। उन्होंने कहा कि युवा अपने कौशल और नए विचारों के जरिए जालना और पूरे मराठवाड़ा को कौशल तथा नवाचार के केंद्र के रूप में विकसित करने में योगदान दें।
उन्होंने बताया कि MAGIC-ITI Jalna Incubation Centre के माध्यम से अब तक 11 स्टार्टअप्स खड़े हुए हैं, जबकि MAGIC के व्यापक इकोसिस्टम में करीब 185 स्टार्टअप्स से जुड़ी गतिविधियां चल रही हैं। उन्होंने कहा कि मराठवाड़ा में रोजगार सृजन की बड़ी जरूरत है और इसके लिए नए उद्योग तथा उद्यमी तैयार करना महत्वपूर्ण है। जालना के उद्योग और रोजगार से जुड़ी यह रिपोर्ट भी स्थानीय औद्योगिक इकोसिस्टम का संदर्भ देती है। जालना में निवेश और रोजगार के इसी व्यापक संदर्भ में Industrial Summit 2026 से जुड़ी NewsNationOnline की रिपोर्ट भी पढ़ी जा सकती है।
‘नौकरी मांगने वाले नहीं, नौकरी देने वाले बनें’
व्यवसाय शिक्षा एवं प्रशिक्षण विभाग के सहसंचालक प्रदीप दुर्गे ने विद्यार्थियों से ITI की पढ़ाई को केवल नौकरी पाने का साधन नहीं मानने की अपील की। उन्होंने संदेश दिया कि युवा ‘नौकरी मांगने वाले नहीं, नौकरी देने वाले बनें।’ दुर्गे ने बताया कि PM-SETU योजना के तहत जालना ITI की क्लस्टर में भागीदारी है, जिससे कौशल विकास की बुनियादी सुविधाओं को मजबूती मिलने की उम्मीद है। केंद्र सरकार के कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय के दस्तावेज के अनुसार यह योजना ITI अपग्रेडेशन के लिए हब-एंड-स्पोक क्लस्टर मॉडल पर केंद्रित है।

‘Idea to Income Tax’ पर रहेगा फोकस
कार्यक्रम की शुरुआत में अनुज बंसल ने जालना और मराठवाड़ा के विद्यार्थियों के लिए अटल टिंकरिंग लैब्स, ‘Curiosity Corner’, शॉर्ट-टर्म स्किलिंग कोर्स और मेंटरिंग का दायरा बढ़ाने का संकल्प व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को केवल नौकरी के लिए तैयार करने के बजाय ‘Idea to Income Tax’ की अवधारणा के तहत अपना व्यवसाय खड़ा करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। MAGIC के माध्यम से विभिन्न योजनाओं के जरिए विद्यार्थियों और स्टार्टअप्स के विचारों को आर्थिक सहायता भी दी गई है।
आइडिया से कारोबार तक मिलेगा मार्गदर्शन
MAGIC के निदेशक रितेश मिश्रा ने विद्यार्थियों को ‘Idea to Income Tax’ की अवधारणा समझाते हुए अपने नए विचार MAGIC के सामने रखने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि किसी आइडिया को व्यवसाय में बदलने तक मार्गदर्शन, मेंटरिंग और आवश्यक सहयोग देने का प्रयास किया जाएगा। विद्यार्थियों के लिए जल्द ही प्लंबिंग, इलेक्ट्रिशियन, इंडस्ट्रियल हाउसकीपिंग और वेल्डिंग के चार NSDC मान्यताप्राप्त शॉर्ट-टर्म स्किलिंग प्रोग्राम शुरू किए जाएंगे। National Skill Development Corporation (NSDC) शॉर्ट-टर्म ट्रेनिंग के लिए मॉडल करिकुलम और लर्निंग रिसोर्स उपलब्ध कराता है।
मराठवाड़ा की 146 अटल टिंकरिंग लैब्स से जुड़ेगा नेटवर्क
MAGIC के प्रबंध निदेशक प्रसाद कोकिळ ने स्कूली स्तर से ही विद्यार्थियों में नवाचार और उद्यमिता की सोच विकसित करने पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि जालना और छत्रपति संभाजीनगर जिलों में करीब 12 अटल टिंकरिंग लैब्स स्थापित करने के लिए MAGIC ने पहल की है। इसके साथ ही मराठवाड़ा के आठ जिलों की 146 अटल टिंकरिंग लैब्स के समन्वय की जिम्मेदारी MAGIC को सौंपी गई है।
उन्होंने प्रत्येक अटल टिंकरिंग लैब में ‘Curiosity Corner’ विकसित करने की अवधारणा भी रखी, ताकि विद्यार्थी वस्तुओं का केवल इस्तेमाल न करें, बल्कि उन्हें खोलकर उनके पीछे की तकनीक समझें और प्रयोग के जरिए सीखें।

कार्यक्रम में इनकी रही उपस्थिति
समारोह में MAGIC के निदेशक सुनील रायथत्ता, रितेश मिश्रा और अनुज बंसल, जिला व्यवसाय शिक्षा एवं प्रशिक्षण अधिकारी अतुल केसकर, औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था जालना के प्राचार्य अभिजीत अल्टे, उपप्राचार्य तृप्ति भोपे तथा कौशल, रोजगार, उद्यमिता एवं नवाचार विभाग जालना के सहायक आयुक्त गणेश चिमणकर सहित अन्य गणमान्य उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का संचालन मकरंद भालेराव ने किया, जबकि CEO मकरंद कुलकर्णी ने आभार व्यक्त किया। आयोजन को सफल बनाने में राघवेंद्र कुलकर्णी, देविदास राठोड, कृष्णा शिंदे और आविष्कार पाटील ने योगदान दिया।
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