नई दिल्ली, 30 अक्टूबर 2026. आयुर्वेद के क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का इस्तेमाल बढ़ाने के लिए अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान (AIIA) के इनक्यूबेशन सेंटर AIIA-iCAINE ने राष्ट्रीय चैलेंज शुरू किया है. 29 अक्टूबर को केंद्र के छठे स्थापना दिवस पर इस पहल की घोषणा की गई. कार्यक्रम में स्टार्टअप को मदद, शोध और उद्योगों के साथ साझेदारी बढ़ाने पर भी जोर दिया गया.
IIT बॉम्बे के साथ आयुर्वेद AI चैलेंज
‘AyushTech Innovate: National Open Ayurveda AI Challenge’ का आयोजन IIT बॉम्बे के टेकफेस्ट, आयुष मंत्रालय और AIIA के सहयोग से किया जा रहा है. इसमें IIT बॉम्बे के ओपन-सोर्स आयुर्वेद भाषा मॉडल ‘AyurParam’ का इस्तेमाल किया जाएगा. इसका मकसद आयुर्वेद के पारंपरिक ग्रंथों में जानकारी खोजने, शोध, उपचार की योजना और जनस्वास्थ्य जागरूकता के लिए सुरक्षित और व्यावहारिक AI समाधान विकसित करना है.
चैलेंज का राष्ट्रीय ग्रैंड फिनाले 15 से 18 दिसंबर 2026 तक IIT बॉम्बे में प्रस्तावित है. हालांकि आवेदन प्रक्रिया, पात्रता और अंतिम तारीख के लिए आयोजकों की आधिकारिक सूचना देखना जरूरी होगा.
52 समस्याओं पर काम, 100 से अधिक स्टार्टअप विचारों को मार्गदर्शन
AIIA के निदेशक प्रो. वैद्य पी. के. प्रजापति के अनुसार, इनक्यूबेटर ने अब तक 52 समस्याओं पर काम करने में मदद की और 100 से अधिक स्टार्टअप विचारों को मार्गदर्शन दिया है. नौ स्टार्टअप को तीन-तीन लाख रुपये की शुरुआती सहायता दी गई है.
दो समझौते और बौद्धिक संपदा सुविधा
कार्यक्रम में वर्ल्ड आयुर्वेद फाउंडेशन के साथ AI आधारित शोध और उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए समझौता हुआ. रिलायंस रिटेल के ‘पहाड़ी लोकल’ के साथ आयुर्वेद आधारित त्वचा देखभाल उत्पादों पर सहयोग का समझौता भी किया गया. इसके अलावा आयुर्वेद से जुड़े नवाचारों की बौद्धिक संपदा सुरक्षा समझाने के लिए IPR सुविधा शुरू की गई.
स्रोत: पत्र सूचना कार्यालय, भारत सरकार (29 अक्टूबर 2026). संबंधित जानकारी के लिए शिक्षा और टेक्नोलॉजी की खबरें पढ़ें.
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