जालना: महाराष्ट्र सरकार की ‘मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहीण योजना’ के तहत जालना जिले में 88,416 महिलाओं का आर्थिक लाभ बंद होने की जानकारी सामने आई है। उपलब्ध जिला स्तरीय विवरण के अनुसार, योजना की शुरुआत में 4 लाख 84 हजार 694 महिलाओं को सहायता मिल रही थी, लेकिन पात्रता और दस्तावेजों की जांच के बाद लाभार्थियों की संख्या घटकर 3 लाख 96 हजार 278 रह गई है। इस बदलाव से योजना से बाहर हुई महिलाओं में नाराजगी और असमंजस है।
योजना के तहत पात्र महिलाओं को प्रतिमाह 1,500 रुपये की आर्थिक सहायता देने का प्रावधान है। विधानसभा चुनाव से पहले शुरू हुई इस योजना के लिए जालना जिले की 5 लाख 42 हजार 365 महिलाओं ने आवेदन किया था। इनमें से 4 लाख 84 हजार 694 महिलाओं के बैंक खातों में 14 अगस्त 2024 को जुलाई और अगस्त की संयुक्त किस्त के रूप में 3 हजार रुपये जमा किए गए थे। शुरुआती चरण में 57,671 आवेदक उम्र, आधार लिंकिंग और आवेदन संबंधी त्रुटियों सहित विभिन्न कारणों से लाभ प्राप्त नहीं कर सके थे।
पात्रता जांच के बाद 88,416 महिलाओं का लाभ बंद
राज्य सरकार ने लाभार्थियों के सत्यापन के लिए ई-केवाईसी प्रक्रिया लागू की और समयसीमा में दो बार विस्तार किया। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, जांच के दौरान आधार, बैंक खाता, पारिवारिक आय, आयकर संबंधी स्थिति, सरकारी नौकरी और अन्य पात्रता शर्तों की पड़ताल की गई। अधूरी ई-केवाईसी, आयु सीमा तथा परिवार में लाभार्थियों की संख्या से जुड़ी शर्तें जैसे कारण सामने आए। हालांकि हर प्रभावित महिला की अपात्रता का कारण अलग हो सकता है; व्यक्तिगत रिकॉर्ड की जांच के बिना किसी एक कारण को सभी पर लागू नहीं माना जा सकता।
‘पहले किस्त मिली, अब लाभ क्यों रोका?’
लाभ बंद होने से प्रभावित महिलाओं ने सवाल उठाया है कि यदि उनका आवेदन पहले स्वीकार किया गया और किस्तें भी मिलीं, तो बाद में सहायता क्यों रोकी गई। महिलाओं की मांग है कि अपात्रता के कारण स्पष्ट रूप से बताए जाएं और दस्तावेजों में त्रुटि होने पर सुधार का उचित अवसर दिया जाए। सहायता रुकने से घरेलू खर्चों का प्रबंधन कठिन होने की बात भी सामने आई है।
महिला एवं बाल विकास विभाग का पक्ष
जिला महिला एवं बाल विकास विभाग से प्राप्त विवरण के अनुसार, शासन के निर्देशों के तहत लाभार्थियों के दस्तावेजों और पात्रता की जांच की गई है। निर्धारित मानदंड पूरे करने वाली महिलाओं का लाभ जारी रखा गया, जबकि शर्तें पूरी नहीं करने वाली 88,416 महिलाओं का लाभ बंद किया गया है। राज्य सरकार ने 28 जून 2024 को योजना को मंजूरी दी थी। योजना और पात्रता संबंधी आधिकारिक जानकारी के लिए मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहीण योजना का सरकारी पोर्टल देखा जा सकता है।
जिले की आठ तहसीलों की महिलाओं पर असर
जालना, अंबड, बदनापुर, भोकरदन, जाफराबाद, मंठा, परतूर और घनसावंगी तहसीलों की बड़ी संख्या में महिलाएं इस योजना से जुड़ी हैं। अब प्रभावित महिलाओं की निगाहें प्रशासन की ओर हैं। उनकी प्रमुख मांग है कि लाभ बंद किए जाने का स्पष्ट कारण बताया जाए और पात्र होने के बावजूद दस्तावेज संबंधी त्रुटियों के कारण वंचित महिलाओं को सुधार का अवसर मिले।
महाराष्ट्र की अन्य योजनाओं और जनहित से जुड़े अपडेट के लिए लाडकी बहीण योजना संबंधी समाचार तथा महिला कल्याण योजनाओं से जुड़ी खबरें पढ़ें।
नोट: लाभार्थियों की संख्या और अपात्रता के आंकड़े उपलब्ध स्थानीय समाचार विवरण पर आधारित हैं। फीचर्ड इमेज सांकेतिक इन्फोग्राफिक है, वास्तविक प्रभावित महिलाओं का दस्तावेजी फोटो नहीं।
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