जालना, 27 सितंबर 2026: महाराष्ट्र में इस वर्ष बारिश की कमी ने खेती के सामने नई चुनौती खड़ी की है। सरकार ने 265 तालुकों में सूखे की स्थिति घोषित की है। जालना समेत मराठवाड़ा के जिलों में कम बारिश और मिट्टी में नमी की कमी का असर खरीफ फसलों के साथ आने वाले रबी मौसम पर भी पड़ने की आशंका जताई जा रही है।
बारिश में क्षेत्रीय अंतर
विशेषज्ञ रिपोर्टों के अनुसार राज्य में बारिश की स्थिति सभी क्षेत्रों में एक जैसी नहीं रही। कुछ क्षेत्रों में पर्याप्त वर्षा हुई, जबकि मराठवाड़ा और विदर्भ के कई हिस्सों में कमी दर्ज की गई। इसी क्षेत्रीय अंतर के कारण कुछ जिलों में फसलों पर दबाव अधिक है।
जालना के किसानों के सामने पानी की चुनौती
जालना जिले में खरीफ फसलों के बाद रबी की बुवाई के लिए मिट्टी में पर्याप्त नमी और सिंचाई का पानी महत्वपूर्ण रहेगा। कम बारिश की स्थिति बनी रहने पर किसान रबी में कम पानी वाली फसलों को प्राथमिकता दे सकते हैं। हालांकि वास्तविक स्थिति स्थानीय वर्षा, जलस्रोत और खेत की नमी पर निर्भर करेगी।
सरकार ने सर्वे के निर्देश दिए
सूखा घोषित क्षेत्रों में फसल नुकसान का सर्वे और पंचनामे किए जाने हैं। सरकार ने किसानों को राहत देने के लिए कई प्रशासनिक उपाय घोषित किए हैं। आर्थिक सहायता के लिए फसल नुकसान का आकलन पूरा होना जरूरी होगा।
जालना में सूखे की पूरी खबर पढ़ें: सरकार ने 265 तालुकों में सूखा घोषित किया।
स्रोत: Indian Express.
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