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महाराष्ट्र के 265 तालुकों में सूखा घोषित, किसानों के लिए 12 राहत उपाय लागू

Middle-aged man in a pink kurta sits on a gray chair in a living room, a small microphone clipped to his chest.

मुंबई, 26 सितंबर: महाराष्ट्र के 265 तालुकों में सूखे की स्थिति घोषित की गई है। राज्य सरकार ने इन इलाकों के किसानों, खेत मजदूरों, विद्यार्थियों, आम नागरिकों और पशुधन को राहत देने के लिए 12 उपाययोजनाएं और विभिन्न रियायतें लागू करने का फैसला लिया है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा है कि मुश्किल समय में किसान, खेत मजदूर और मेहनतकश लोग सरकार की मदद के केंद्र में हैं।

सरकार के इस फैसले के बाद संबंधित जिलाधिकारियों को प्रभावित तालुकों में तुरंत पंचनामे और फसल सर्वे शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं। राजस्व, कृषि और अन्य संबंधित विभागों को आपसी तालमेल के साथ काम करने तथा किसानों की समस्याओं को प्राथमिकता देने को कहा गया है।

फसल की स्थिति का मौके पर होगा सर्वे

बारिश की कमी से प्रभावित क्षेत्रों में फसलों की वास्तविक स्थिति जानने के लिए विशेष सर्वेक्षण किया जाएगा। सर्वे के दौरान खेतों में खड़ी फसलों की तस्वीरें ली जाएंगी और उनके GPS कोऑर्डिनेट भी दर्ज किए जाएंगे। इसके आधार पर फसल की स्थिति की रिपोर्ट तैयार होगी।

मुख्यमंत्री फडणवीस ने हाल ही में राज्य के सूखा प्रभावित इलाकों का दौरा कर खेतों में फसलों का जायजा लिया था। उन्होंने किसानों से सीधे बातचीत कर उनकी समस्याएं जानी थीं। इसके बाद सरकार ने दुष्काल व्यवस्थापन संहिता 2016 के तहत सूखे की स्थिति के मूल्यांकन को लेकर शासन निर्णय जारी किया है।

कृषि आयुक्त की रिपोर्ट के बाद ‘ट्रिगर-1’ लागू

कृषि आयुक्त ने खरीफ 2026 सीजन की समीक्षा के बाद राज्य के 265 तालुकों में सूखे जैसी स्थिति होने की रिपोर्ट सरकार को दी। जून से अब तक हुई बारिश की कमी और अन्य परिस्थितियों को देखते हुए इन तालुकों में सूखे का ‘ट्रिगर-1’ लागू किया गया है। अब संबंधित क्षेत्रों में निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार पंचनामे किए जाएंगे।

किसानों को मिलेंगी ये प्रमुख राहतें

  • जमीन के राजस्व में छूट।
  • फसल कर्ज का पुनर्गठन।
  • खेती से जुड़े कर्ज की वसूली पर रोक।
  • कृषि पंपों के बिजली बिल में राहत।
  • स्कूल और कॉलेज विद्यार्थियों की परीक्षा फीस में छूट।
  • रोजगार गारंटी योजना के तहत अधिक से अधिक काम शुरू करने के लिए नियमों में ढील।
  • जरूरत के अनुसार टैंकरों से पीने का पानी उपलब्ध कराना।
  • सूखा घोषित गांवों में किसानों के कृषि पंपों की बिजली आपूर्ति बंद नहीं करना।
  • किसानों और खेत मजदूरों के लिए पर्याप्त खाद्यान्न उपलब्ध कराना।
  • पशुओं के लिए पर्याप्त चारे की व्यवस्था करना।
  • जलसंधारण के काम शुरू करना।
  • पीने के पानी और पशुओं के पानी की उपलब्धता के लिए आवश्यक व्यवस्था करना।

सरकार के अनुसार, 7.5 हॉर्सपावर तक के कृषि पंपों का बिजली बिल पहले ही माफ किया जा चुका है। इससे अधिक क्षमता वाले कृषि पंपों के लिए भी घोषित राहत के अनुसार बिजली बिल में छूट दी जाएगी।

छह राजस्व विभागों के 265 तालुके शामिल

सरकार द्वारा घोषित ‘ट्रिगर-1’ में राज्य के छह राजस्व विभागों के कुल 265 तालुके शामिल हैं। इनमें ठाणे विभाग के 12, नाशिक के 49, पुणे के 35, छत्रपति संभाजीनगर के 74, अमरावती के 56 और नागपुर विभाग के 39 तालुके शामिल हैं।

ठाणे राजस्व विभाग में रायगढ़ जिले का श्रीवर्धन, रत्नागिरी जिले के रत्नागिरी, संगमेश्वर और राजापुर तथा सिंधुदुर्ग जिले के सावंतवाड़ी, दोडामार्ग, कणकवली, कुडाल, वैभववाड़ी, मालवण, देवगढ़ और वेंगुर्ला तालुके शामिल हैं। ठाणे और पालघर जिले का कोई भी तालुका इस सूची में शामिल नहीं है।

नाशिक, धुले, जलगांव, नंदुरबार और अहिल्यानगर जिलों के 49 तालुके तथा पुणे, सोलापुर, सांगली, सातारा और कोल्हापुर जिलों के 35 तालुके भी इस दायरे में हैं।

मराठवाड़ा के 74 तालुकों में भी सूखे का असर

छत्रपति संभाजीनगर, जालना, बीड, लातूर, धाराशिव, नांदेड, परभणी और हिंगोली जिलों के कुल 74 तालुकों में ‘ट्रिगर-1’ लागू किया गया है। अमरावती विभाग के बुलढाणा, अमरावती, अकोला, वाशिम और यवतमाल जिलों के 56 तालुके तथा नागपुर विभाग के वर्धा, नागपुर, भंडारा, गोंदिया, चंद्रपुर और गढ़चिरौली जिलों के 39 तालुके भी इसमें शामिल हैं।

फसल नुकसान की मदद के लिए अलग फैसला होगा

सरकार ने स्पष्ट किया है कि सूखे के कारण फसलों को हुए नुकसान के लिए अलग से सहायता घोषित की जाएगी। पहले पंचनामे और फसल नुकसान का निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार सर्वे किया जाएगा। सर्वे पूरा होने के बाद स्वतंत्र शासन निर्णय के जरिए किसानों को मिलने वाली आर्थिक मदद की घोषणा की जाएगी।

सरकार का कहना है कि सूखे की स्थिति में किसानों, खेत मजदूरों, विद्यार्थियों और आम नागरिकों को जरूरी सुविधाएं समय पर उपलब्ध कराना प्राथमिकता है। पानी, चारा, रोजगार और खाद्यान्न जैसी बुनियादी जरूरतों को पूरा करने के लिए प्रशासन को आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं।

इससे जुड़ी दूसरी खबरों के लिए NewsNationOnline का महाराष्ट्र समाचार सेक्शन और जालना समाचार सेक्शन पढ़ें। हाल की जालना में सूखे को लेकर कांग्रेस की प्रतिक्रिया और किसानों के एग्रीस्टैक पंजीकरण से जुड़ी खबर भी पढ़ सकते हैं।

आधिकारिक जानकारी के लिए महाराष्ट्र सरकार की वेबसाइट, महाराष्ट्र राहत एवं पुनर्वास विभाग और महाराष्ट्र कृषि विभाग देखें।

स्रोत: महाराष्ट्र सरकार के शासन निर्णय और मुख्यमंत्री सचिवालय की जनसंपर्क जानकारी।

महाराष्ट्र के 265 तालुकों में सूखा घोषित, किसानों के लिए राहत उपाय

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Imran Siddiqui

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