सार्वजनिक मां जिजाऊ जयंती उत्सव–2026 समिति घोषित. सार्वजनिक माता जिजाऊ जयंती उत्सव 2026
योगेश सोलंके अध्यक्ष, अर्जुन गायकवाड़ कार्याध्यक्ष, अर्जुन घारे सचिव नियुक्त
जालना :
राष्ट्रमाता एवं राजमाता मां जिजाऊ की जयंती के पावन अवसर पर वर्ष 2026 में आयोजित होने वाले सार्वजनिक जयंती उत्सव के लिए आयोजन समिति की औपचारिक घोषणा कर दी गई है। यह उत्सव सामाजिक चेतना, सांस्कृतिक विरासत और राष्ट्र निर्माण में माता जिजाऊ के योगदान को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से मनाया जाएगा। सार्वजनिक माता जिजाऊ जयंती उत्सव 2026
आयोजन समिति के गठन में सर्वसम्मति से योगेश सोलंके को अध्यक्ष, अर्जुन गायकवाड़ को कार्याध्यक्ष तथा अर्जुन घारे को सचिव नियुक्त किया गया है। इसके साथ ही गणेश कापसे और व्यंकटेश भगत को उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई है। सभी पदाधिकारियों के चयन पर उपस्थित सदस्यों ने विश्वास व्यक्त करते हुए उत्सव को भव्य और प्रेरणादायी बनाने का संकल्प लिया।
बैठक में हुआ समिति गठन
यह निर्णय मंगलवार, 6 जनवरी को मराठा सेवा संघ के सभागृह में आयोजित एक महत्वपूर्ण बैठक में लिया गया। बैठक में अखिल भारतीय मराठा महासंघ के राष्ट्रीय विभागीय सचिव अरविंद देशमुख, जिला सचिव अशोक पडूल पाटील सहित विश्वंभर तिरुखे, सागर पाटील, धनंजय पोहेकर, किरण देशमुख, निलेश जाधव, बाबाराजे जाधव और नितिन सुरंग पाटील प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।
उत्सव की रूपरेखा पर विस्तृत चर्चा
बैठक के दौरान आगामी माता जिजाऊ जयंती उत्सव को प्रभावी और व्यापक स्वरूप देने के लिए विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। कार्यक्रमों की रूपरेखा, आयोजन स्थल, सांस्कृतिक कार्यक्रम, सामाजिक संदेश, जनभागीदारी, सुरक्षा व्यवस्था और समन्वय जैसे अहम मुद्दों पर विचार-विमर्श किया गया। सभी सदस्यों ने अपने सुझाव रखे और सामूहिक सहमति से दायित्वों का वितरण किया गया।
नवगठित कार्यकारिणी का अभिनंदन
समिति गठन के उपरांत नवगठित कार्यकारिणी का सम्मानपूर्वक अभिनंदन किया गया। उपस्थित पदाधिकारियों और सदस्यों ने विश्वास जताया कि नई टीम माता जिजाऊ के आदर्शों—नारी सशक्तिकरण, राष्ट्रभक्ति, संस्कार और नेतृत्व—को केंद्र में रखकर उत्सव को ऐतिहासिक रूप देगी।
आयोजन समिति ने नागरिकों से आह्वान किया है कि वे बड़ी संख्या में इस सार्वजनिक माता जिजाऊ जयंती उत्सव में सहभागी बनें और राष्ट्रमाता के विचारों को आत्मसात करते हुए समाज निर्माण में योगदान दें।

