सेब की सर्वाधिक 167 कैरेट आवक, अनार का कारोबार एक लाख के पार; फलों की बढ़ती आपूर्ति से कीमतों में नरमी, ग्राहकों को राहत
जालना (प्रतिनिधि). जालना कृषि उपज मंडी समिति के फल बाजार में फलों की आवक बढ़ने से कीमतों में नरमी देखी जा रही है. गुरुवार, 22 अक्टूबर को मंडी में सेब, अनार, सीताफल, पपीता सहित विभिन्न फलों का कुल 4 लाख 89 हजार 400 रुपये का कारोबार दर्ज किया गया. सबसे अधिक आवक सेब की रही, जबकि अनार कारोबार के मामले में दूसरे स्थान पर रहा. उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार पिछले महीने की तुलना में फलों की उपलब्धता बढ़ने से कई फलों के दाम सामान्य ग्राहकों की पहुंच में आए हैं.
मंडी समिति के उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, सेब की सर्वाधिक 167 कैरेट आवक हुई. इसकी अधिकतम कीमत 3,000 रुपये और न्यूनतम 500 रुपये प्रति कैरेट रही. औसतन 1,200 रुपये के भाव से सेब का कुल कारोबार 2 लाख 400 रुपये दर्ज किया गया. अनार की 59 कैरेट आवक हुई. इसे अधिकतम 2,800 रुपये और न्यूनतम 600 रुपये प्रति कैरेट का भाव मिला. औसत कीमत 1,800 रुपये रही, जिससे 1 लाख 6 हजार 200 रुपये का कारोबार हुआ.
सीताफल, पपीता और ड्रैगन फ्रूट की भी अच्छी आवक
फल बाजार में सीताफल की 109 कैरेट आवक दर्ज की गई. इसे अधिकतम 1,000 रुपये, न्यूनतम 200 रुपये और औसतन 400 रुपये प्रति कैरेट का भाव मिला. सीताफल का कुल कारोबार 43 हजार 600 रुपये रहा.
पपीते की 62 कैरेट आवक हुई. इसकी अधिकतम कीमत 450 रुपये और न्यूनतम 100 रुपये प्रति कैरेट रही. औसतन 350 रुपये के भाव से 21 हजार 700 रुपये का कारोबार दर्ज किया गया. ड्रैगन फ्रूट की 53 कैरेट आवक हुई. इसे अधिकतम 1,500 रुपये, न्यूनतम 400 रुपये और औसतन 1,200 रुपये प्रति कैरेट का भाव मिला. औसत दर के आधार पर इसका मूल्यांकन 63 हजार 600 रुपये होता है.
संतरा, अमरूद और केले की भी हुई बिक्री
मंडी में संतरे की 28 कैरेट आवक हुई. इसका अधिकतम भाव 1,700 रुपये और औसत कीमत 800 रुपये प्रति कैरेट रही. संतरे का कुल कारोबार 22 हजार 400 रुपये दर्ज किया गया. अमरूद की 21 कैरेट आवक हुई. इसे अधिकतम 1,600 रुपये और औसतन 1,200 रुपये प्रति कैरेट का भाव मिला. कुल कारोबार 25 हजार 200 रुपये रहा.
केले की 15 कैरेट आवक दर्ज की गई. इसकी न्यूनतम और अधिकतम कीमत 420 रुपये प्रति कैरेट रही, जिससे 6 हजार 300 रुपये का कारोबार हुआ. वहीं, अंगूर, चीकू, आम, तरबूज, सूखे खजूर और खरबूजे की आवक दर्ज नहीं हुई.
आवक बढ़ने से फलों के दाम में गिरावट
पिछले महीने फलों की कीमतों में तेजी के कारण ग्राहकों को अधिक खर्च करना पड़ रहा था. हालांकि अब आवक बढ़ने से बाजारभाव में नरमी आई है. इससे फल खरीदने वाले उपभोक्ताओं को राहत मिली है. व्यापारियों और किसानों की नजर आगामी दिनों में फलों की आवक और कीमतों पर बनी हुई है. बाजार में आगे के भाव मांग और आपूर्ति पर निर्भर करेंगे.
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