‘हनुमंत और प्रकृति : भूगोल की अद्भुत यात्रा’ में संस्कृति, विज्ञान और पर्यावरण का संगम; त्रिआयामी मॉडलों और मानचित्रों से विद्यार्थियों को मिल रही व्यावहारिक जानकारी
जालना (प्रतिनिधि). भारतीय संस्कृति, प्रकृति और आधुनिक भूगोल को रोचक ढंग से जोड़ने वाली ‘हनुमंत और प्रकृति : भूगोल की अद्भुत यात्रा’ प्रदर्शनी का जिलाधिकारी आशिमा मित्तल ने हाल ही में अवलोकन किया. शहर के हरिओमनगर में आयोजित इस प्रदर्शनी की संकल्पना प्रा. श्रीकांत चिंचखेडकर ने स्वयं तैयार की है. विद्यार्थियों को भौगोलिक अवधारणाओं से व्यावहारिक रूप में परिचित कराने वाली इस अभिनव शैक्षणिक पहल की जिलाधिकारी ने सराहना की.
प्रदर्शनी में हनुमंत की यात्रा से जुड़े सांस्कृतिक प्रसंगों के माध्यम से पर्वत, समुद्र, नदियां, जंगल, जलवायु, जैव विविधता, औषधीय वनस्पतियां, दिशाओं की पहचान और मानचित्र अध्ययन जैसे विषयों को आकर्षक ढंग से प्रस्तुत किया गया है. विभिन्न प्रतिकृतियों, त्रिआयामी मॉडलों, पृथ्वी के ग्लोब, मानचित्रों और सूचना फलकों की सहायता से विद्यार्थियों को भूगोल की अवधारणाएं सरल तरीके से समझाई जा रही हैं.
किताबी ज्ञान से आगे बढ़कर अनुभव आधारित शिक्षा पर जोर
प्रदर्शनी में उच्च माध्यमिक स्तर के भूगोल पाठ्यक्रम से संबंधित विषयों को भी व्यावहारिक उदाहरणों के माध्यम से समझाने की व्यवस्था की गई है. इसका उद्देश्य विद्यार्थियों में निरीक्षण क्षमता, जिज्ञासा, वैज्ञानिक दृष्टिकोण और पर्यावरण के प्रति जागरूकता विकसित करना है.
प्रा. चिंचखेडकर की इस पहल का उद्देश्य शिक्षा को केवल पाठ्यपुस्तकों, परीक्षाओं और अंकों तक सीमित न रखकर प्रत्यक्ष अनुभव से जोड़ना है. इसी दृष्टिकोण से सांस्कृतिक प्रसंगों और आधुनिक भौगोलिक जानकारी को एक मंच पर प्रस्तुत किया गया है.
जिलाधिकारी ने शैक्षणिक नवाचार की सराहना की
प्रदर्शनी के अवलोकन के दौरान जिलाधिकारी आशिमा मित्तल ने इसकी संकल्पना, शैक्षणिक सामग्री और विद्यार्थियों को विषय समझाने की पद्धति की प्रशंसा की. उन्होंने प्रा. श्रीकांत चिंचखेडकर द्वारा वर्षों से शिक्षा, सामाजिक और सांस्कृतिक क्षेत्रों में किए जा रहे कार्यों का भी संज्ञान लिया.
प्राप्त जानकारी के अनुसार, जिलाधिकारी मित्तल अपने पूर्व कार्यकालों में भी शिक्षा से जुड़े विभिन्न उपक्रमों से संबद्ध रही हैं. हरिओमनगर में आयोजित यह प्रदर्शनी दिवाली तक जारी रखने की जानकारी आयोजकों ने दी है.
जालना की अन्य खबरों के लिए जालना समाचार और शिक्षण संबंधी खबरों के लिए शिक्षा समाचार देखें. भूगोल की शैक्षणिक सामग्री के लिए एनसीईआरटी तथा मानचित्र और भौगोलिक जानकारी के लिए भारतीय सर्वेक्षण विभाग की आधिकारिक वेबसाइट उपयोगी हैं. ये शैक्षणिक संदर्भ हैं, प्रदर्शनी की स्वतंत्र पुष्टि के स्रोत नहीं.
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