छत्रपति संभाजीनगर, 8 सितंबर: महाराष्ट्र में सरकारी भर्ती परीक्षाओं को ज्यादा सुरक्षित, पारदर्शी और भरोसेमंद बनाने की तैयारी शुरू हो गई है। परीक्षा व्यवस्था में जरूरी सुधार के लिए सरकार ने विद्यार्थियों, उम्मीदवारों, अभिभावकों, शिक्षकों, शिक्षण संस्थानों और आम नागरिकों से सुझाव मांगे हैं।
छत्रपति संभाजीनगर संभाग के सभी आठ जिलों के विद्यार्थी, परीक्षा देने वाले युवा, अभिभावक, शिक्षक, शिक्षण संस्थान, कोचिंग सेंटर, अध्ययन केंद्र संचालक, जनप्रतिनिधि और आम नागरिक इस प्रक्रिया में अपनी राय दे सकते हैं। संभागीय आयुक्त जी. श्रीकांत ने लोगों से अधिक से अधिक संख्या में सुझाव देने की अपील की है।
21 सितंबर को उम्मीदवारों से होगी सीधी बातचीत
सरकारी भर्ती परीक्षाओं में पेपर लीक और दूसरी गड़बड़ियों को रोकने के लिए सामान्य प्रशासन विभाग ने अपर मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय समिति बनाई है।
समिति के सदस्य 21 सितंबर 2026 को सुबह 10:30 बजे छत्रपति संभाजीनगर के स्मार्ट सिटी कार्यालय पहुंचेंगे। यहां विद्यार्थियों, उम्मीदवारों, शिक्षण संस्थानों और परीक्षा से जुड़े अन्य लोगों से सीधे बातचीत की जाएगी। परीक्षा व्यवस्था में आने वाली परेशानियों, जरूरी बदलाव और उनके समाधान को लेकर लोगों की राय ली जाएगी।
जालना समेत आठ जिलों में बनाए जाएंगे विशेष केंद्र
सुझाव लेने के लिए छत्रपति संभाजीनगर, जालना, बीड, परभणी, धाराशिव, लातूर, नांदेड और हिंगोली के कलेक्टर कार्यालयों में विशेष केंद्र बनाए जाएंगे। इन केंद्रों की जिम्मेदारी संबंधित कलेक्टर कार्यालय के अपर जिलाधिकारी को दी गई है। नागरिक यहां जाकर अपने सुझाव, सिफारिश, आपत्ति या लिखित आवेदन सीधे जमा कर सकेंगे।
18 सितंबर को सुबह 10 से शाम 6 बजे तक सुविधा
विशेष केंद्र 18 सितंबर 2026 को सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक खुले रहेंगे। जो लोग कलेक्टर कार्यालय जाकर सुझाव नहीं दे सकते, वे अपने लिखित सुझाव तय समय के भीतर csn-examreformstaskforce@maharashtra.gov.in ई-मेल पर भेज सकते हैं।
प्रश्नपत्र से रिजल्ट तक पूरी व्यवस्था की होगी समीक्षा
सरकार भर्ती परीक्षाओं की मौजूदा व्यवस्था में कमियों की पहचान कर उसे बेहतर बनाने की तैयारी कर रही है। इसके लिए प्रश्नपत्र तैयार करने से लेकर परीक्षा का परिणाम जारी होने तक की पूरी प्रक्रिया पर सुझाव मांगे गए हैं।
इसमें प्रश्नपत्र की छपाई, उसे सुरक्षित तरीके से परीक्षा केंद्र तक पहुंचाना, परीक्षा केंद्रों की व्यवस्था, उम्मीदवारों की पहचान, उत्तर दर्ज करने, उत्तर पुस्तिकाओं की जांच और परिणाम तैयार करने की प्रक्रिया शामिल है।
पेपर लीक और नकल रोकने पर भी मांगी गई राय
पेपर लीक, परीक्षा से जुड़ी गोपनीय जानकारी बाहर आने, किसी दूसरे व्यक्ति के नाम पर परीक्षा देने, उम्मीदवारों और अधिकारियों की मिलीभगत तथा मोबाइल या अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के गलत इस्तेमाल को रोकने के उपायों पर भी सुझाव लिए जाएंगे।
परीक्षा केंद्रों पर जरूरी सुविधाएं, सुरक्षा व्यवस्था और पर्याप्त कर्मचारियों की उपलब्धता को लेकर भी लोग अपनी राय दे सकते हैं।
बायोमेट्रिक और सीसीटीवी के बेहतर इस्तेमाल पर जोर
परीक्षाओं में बायोमेट्रिक पहचान, डिजिटल तकनीक, प्रवेश नियंत्रण और सीसीटीवी कैमरों के बेहतर इस्तेमाल को लेकर भी सुझाव मांगे गए हैं। इसके साथ ही कलेक्टर कार्यालय, पुलिस, शिक्षा विभाग और परीक्षा आयोजित करने वाली संस्थाओं के बीच बेहतर तालमेल कैसे बनाया जाए, इस पर भी लोगों की राय ली जाएगी।
उम्मीदवारों की शिकायतों का जल्दी और निष्पक्ष तरीके से समाधान करने के लिए बेहतर व्यवस्था बनाने पर भी सुझाव दिए जा सकते हैं।
दूसरे राज्यों की अच्छी व्यवस्थाओं पर भी विचार
दूसरे राज्यों और देशों में सरकारी भर्ती परीक्षाओं के लिए अपनाई जा रही आधुनिक और सुरक्षित व्यवस्थाओं का अध्ययन कर उनकी अच्छी व्यवस्थाओं को महाराष्ट्र में लागू करने के बारे में भी सुझाव लिए जाएंगे।
कलेक्टर कार्यालयों में मिलने वाले सभी सुझावों को एकत्र कर उच्चस्तरीय समिति को भेजा जाएगा। समिति इन सुझावों का अध्ययन करने के बाद राज्य सरकार को अपनी अंतिम रिपोर्ट सौंपेगी।
संभागीय आयुक्त जी. श्रीकांत ने विद्यार्थियों, परीक्षा देने वाले युवाओं, अभिभावकों, शिक्षकों, विशेषज्ञों और संबंधित संस्थाओं से अपील की है कि वे इस प्रक्रिया में अपनी राय जरूर दें, ताकि सरकारी भर्ती परीक्षाओं को ज्यादा सुरक्षित, पारदर्शी, निष्पक्ष और भरोसेमंद बनाया जा सके।
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आधिकारिक जानकारी: महाराष्ट्र सरकार का आधिकारिक पोर्टल