4 नवंबर 2026 — वोटर आईडी वेरिफिकेशन के नाम पर साइबर ठगी का एक खतरनाक तरीका सामने आया है। ठग खुद को चुनाव विभाग का कर्मचारी बताकर SMS, व्हाट्सऐप या कॉल के जरिए एक लिंक भेजते हैं और कहते हैं कि वोटर आईडी का वेरिफिकेशन तुरंत नहीं किया तो नाम वोटर लिस्ट से कट जाएगा। दैनिक जागरण की रिपोर्ट के मुताबिक, ऐसे फिशिंग लिंक पर क्लिक करते ही फोन और लैपटॉप का डेटा क्लोन होने का खतरा है।

वोटर आईडी वेरिफिकेशन ठगी कैसे होती है
ठगों का तरीका डर और जल्दबाजी पर टिका है। मैसेज में लिखा होता है कि आपका फॉर्म रिजेक्ट हो गया है, नाम में गलती है या वोटर आईडी बंद होने वाली है। इसके साथ एक लिंक या APK फाइल भेजी जाती है।
- लिंक खोलते ही चुनाव आयोग जैसी दिखने वाली नकली वेबसाइट खुलती है।
- वहां आधार, वोटर आईडी (EPIC) नंबर, बैंक डिटेल और OTP मांगा जाता है।
- कई मामलों में “वेरिफिकेशन ऐप” के नाम पर APK फाइल डाउनलोड कराई जाती है, जो असल में रिमोट एक्सेस मालवेयर होती है।
- इसके बाद ठग फोन के SMS, OTP, फोटो, कॉन्टैक्ट और बैंकिंग ऐप तक पहुंच बना लेते हैं और खाते से पैसे निकाल लेते हैं।
तेलंगाना साइबर सुरक्षा ब्यूरो के एक अधिकारी ने भी चेताया है कि अनजान स्रोत से आए लिंक पर किसी भी हालत में क्लिक न करें, क्योंकि ठग फोन या कंप्यूटर का कंट्रोल लेकर गोपनीय डेटा और पैसे दोनों चुरा लेते हैं।
असली वोटर वेरिफिकेशन कैसे होता है
चुनाव आयोग व्हाट्सऐप या SMS पर वेरिफिकेशन का लिंक नहीं भेजता और न ही कोई APK ऐप डाउनलोड करने को कहता है। मतदाता सूची से जुड़ा काम बूथ लेवल अधिकारी (BLO) घर आकर पहचान पत्र दिखाकर करते हैं, या फिर आप खुद आधिकारिक पोर्टल voters.eci.gov.in और Voter Helpline ऐप पर जाकर अपना नाम जांच सकते हैं। यह प्रक्रिया पूरी तरह मुफ्त है।
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फिशिंग लिंक से बचने के लिए एक नजर में
- वोटर आईडी, आधार या बैंक के नाम पर आए किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें।
- OTP, PIN, CVV या पासवर्ड किसी को न बताएं, चाहे कॉल करने वाला खुद को सरकारी अधिकारी ही क्यों न बताए।
- व्हाट्सऐप पर आई APK फाइल कभी इंस्टॉल न करें। ऐप सिर्फ Play Store या App Store से लें।
- गलती से लिंक खुल जाए तो फोन का इंटरनेट बंद करें, संदिग्ध ऐप हटाएं और बैंक व ईमेल के पासवर्ड बदलें।
- ठगी होने पर तुरंत 1930 पर कॉल करें और cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें। मैसेज, लिंक और नंबर का स्क्रीनशॉट सबूत के तौर पर रखें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या चुनाव आयोग वोटर आईडी वेरिफिकेशन के लिए लिंक भेजता है?
नहीं। आयोग SMS या व्हाट्सऐप पर वेरिफिकेशन लिंक नहीं भेजता। जानकारी सिर्फ BLO, voters.eci.gov.in या Voter Helpline ऐप से लें।
क्या वोटर वेरिफिकेशन के लिए फीस या OTP देना पड़ता है?
नहीं। यह काम मुफ्त है। फीस या OTP मांगने वाला व्यक्ति ठग है।
मतदाता सूची से जुड़ी शिकायत के लिए कहां संपर्क करें?
वोटर हेल्पलाइन 1950 पर कॉल करें या अपने इलाके के BLO और तहसील के चुनाव कार्यालय से संपर्क करें।
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रिपोर्ट: इमरान सिद्दीकी, जालना
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